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बुधवार रहा सीजन का सबसे ठंडा दिन, बर्फीली हवाओं का दौर जारी

Thu, 06 Jan 2022 02:03 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 02:03 AM IST
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Wednesday was the coldest day of the season, icy winds continue
लखीमपुर खीरी। तराई में शीतलहर का कहर लगातार दूसरे दिन भी जारी है। इससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। बुधवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 05 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पूरे दिन कोहरा और बादल छाए रहे। दोपहर बाद अचानक जिले के कुछ क्षेत्र में बूंदाबांदी हुई तो कई जगहों पर हल्की बारिश हुई। बर्फीली हवाएं चलने से बुधवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा।
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नए साल की शुरुआती दो दिन मौसम सुहाना रहा लेकिन उसके बाद मौसम ने करवट बदली उससे लोग ठंड से बेहाल हो गए। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद तराई में बर्फीली हवाओं का दौर शुरू हो गया। इससे गलन बढ़ गई है। कोहरे के कहर ने वाहनों की रफ्तार को रोक दिया। मंगलवार सुबह घना कोहरा छाया रहने के बाद दोपहर में सूरज निकलने से कुछ राहत मिली थी, लेकिन शाम होते ही सर्द हवाओं ने मुसीबतें बढ़ा दीं। बुधवार को तापमान में और गिरावट आई जिसके चलते बुधवार का दिन सीजन का सबसे ठंडा दिन साबित हुआ। बादल छाए रहने से दिन भर सूरज नहीं निकला। दोपहर बाद हल्की बारिश होने से तापमान में और गिरावट आई।
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बुधवार को पूरे दिन सूरज कोहरे की चादर और बादलों के छिपा रहा। लोग या तो रजाइयों में दुबके रहे या फिर अलाव, हीटर या ब्लोअर से चिपके रहे। सुबह से सूरज न निकलने से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हुई। कुल मिलाकर भीषण शीतलहर ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्तव्यस्त कर दिया है। सुबह घने कोहरे की वजह से दृश्यता काफी कम रही। दोपहर बाद जिले के कुछ हिस्से में बूंदाबांदी हुई तो गोला समेत कई इलाकों में हल्की बारिश ने परेशानियां और बढ़ा दीं।
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अमीरनगर। बुधवार को पूरा दिन बादल और कोहरा छाया रहा है। सुबह के समय मोहम्मदी लखीमपुर हाईवे पर वाहन चालकों को वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। ठंडक से बचने के लिए लोग अलाव जलाकर बैठे रहे। पूरे दिन धूप न निकलने और ठंडक बढ़ गई। क्षेत्र के किसानों का मानना है की ठंडक के साथ धूप न निकलने से फसलों पर इसका प्रभाव दिखाई पड़ने लगता है।
बिजुआ। कोहरा के बाद बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है हालांकि बारिश से रबी की फसलों को बहुत फायदा है। ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायतों में अभी तक भीषण ठंड के बावजूद कहीं भी अलाव नहीं जलाए गए हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के चलते एक सप्ताह तक छाए रहेंगे बादल
मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते बादल छाए हुए हैं। एक सप्ताह तक यही स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान कहीं बूंदाबांदी तो कहीं हल्की बारिश हो सकती है। आने वाले दिनों में कोहरे में कमी आएगी लेकिन पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी और सर्द हवाएं चलने से तापमान में तेजी से गिरावट आएगी।। इससे शीत लहर का प्रकोप अभी अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है।
ठंड और कोहरे से लाही की फसल पर पड़ रहा प्रभाव
पलियाकलां। दो दिनों से सुबह तेज कोहरा पड़ने के कारण ठंड लगातार बढ़ रही है। बुधवार को सुबह से पूरे दिन धूप के दर्शन न होने से कड़कती ठंड में राहगीरों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कोहरा पड़ने से किसान भी खासे परेशान रहे। कोहरे से लाही की फसल के साथ ही आलू की फसल पर प्रभाव पड़ता है जबकि गेहूं की फसल के लिए कोहरा फायदेमंद होता है। ऐसे में खेतों में खड़ी लाही की फसल को लेकर किसान चिंतित दिखे।
दो दिनों से ठंड का प्रकोप तराई इलाके में बढ़ गया है। बुधवार को सुबह भीषण कोहरा और दृश्यता कम होने के कारण दिन में भी वाहन चालक लाइटें जलाकर वाहन चलाते नजर आए। सुबह से छाया कोहरा दोपहर बाद बूंदाबांदी में बदल गया और शाम करीब चार बजे हल्की बूंदाबांदी भी इलाके में हुई है। कोहरे व बूंदाबांदी के चलते सबसे ज्यादा लाही की फसल को नुकसान पहुंच रहा है। मरौंचा के किसान जगपाल सिंह ने बताया कि लाही व आलू की फसल को कोहरे व ठंड से नुकसान होता है। खेतों में लाही की फसल खड़ी है, ऐसे में किसान फसल के लिए चिंतित है। वहीं मकनपुर के किसान बलजीत सिंह बल्ली ने बताया कि कोहरे व ठंड का असर लाही की फसल पर देखने को मिल रहा है लेकिन गेहूं की फसल को कोहरा फायदा पहुंचा रहा है। ऐसे में खेतों में लाही की फसल ही ज्यादा है जिससे किसान परेशान हैं।
तहसील क्षेत्र में नहीं जले अलाव, रैन बसेरों में लटक रहे ताले
मितौली। ठंड के बावजूद भी मितौली में अधिकांश जगहों पर अलाव नहीं जल सके हैं। इससे लोग ठंड में ठिठुर ने को मजबूर हो रहे हैं। यही नहीं ब्लॉक परिसर में बना रैन बसेरा भी लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है। क्षेत्र में दो दिनों से कड़ाके की ठंड से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित है। ठंड से लोगों को राहत देने के लिए तहसील प्रशासन के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। अधिकांश जगहों पर अलाव नही पाए।

मितौली कस्बा सहित कस्ता, मैंगलगंज, फत्तेपुर, बेहजम, औरंगाबाद, पिपरझला, भीखमपुर समेत कई कस्बों में अलाव तक के इंतजाम नहीं किए गए हैं। इन जगहों पर केवल कागजों पर ही अलाव जल रहे हैं। ठंड से आम आदमी को राहत देने के इंतजाम पूरी तरह से बेमानी साबित हो रहे हैं। यही नहीं मितौली तहसील मुख्यालय पर ब्लॉक में बना रैन बसेरा भी लोगों को मुंह चिढ़ा रहा है। यहां पूरे दिन रैन बसेरे में ताला लटकता रहता है। यही नहीं रैन बसेरे के गेट के ठीक सामने सैकड़ों बाइकें और दो पहिया वाहन दिन भर खड़े रहते हैं। इससे ठंड से ठिठुर रहे लोग इधर उधर भटकने को मजबूर हैं। तहसीलदार अवधेश कुमार ने बताया कि तहसील प्रशासन ने ठंड से बचाव के लिए जगह जगह अलाव जलवाए है। यदि कहीं अलाव नही जले है तो उस क्षेत्र के लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ठंड से बचाव के लिए अब तक 2300 लोगो को कंबल भी वितरित किए जा चुके है।
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