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मौसम ने बदला रुख, दोपहर तक छाया रहा घना कोहरा
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लखीमपुर में दोपहर तक कोहरा छाया रहा, जिस कारण वाहन चालकों को दिन में लाइट जलानी पड़ी। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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लखीमपुर खीरी। तराई में मौसम ने मंगलवार को अचानक तेवर बदले, जिससे सुबह से दोपहर तक घना कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद कोहरे को चीरकर सूरज की किरणें धरती तक पहुंची, लेकिन धूप में तपिश नहीं दिखी। इस दौरान कोहरा जरूर हल्का हुआ। कोहरा घना होने के कारण वाहन चालकों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ा, क्योंकि घने कोहरे के चलते दृश्यता काफी कम हो गई थी। इससे सड़क पर वाहनों की लाइट जलानी पड़ी और स्पीड भी धीमी रही।
दिसंबर का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही मौसम अपने ठंडे मिजाज में आ गया है। घने कोहरे के चलते धूप न निकलने से ठंडक का असर बढ़ गया है। वहीं हवा भी सर्द हो गई है। इससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है। लिहाजा लोगों को अब ठंड से बचने के लिए सावधान रहना होगा। इस सीजन में पहली बार घना कोहरा गिरने के साथ ही कड़ाके की ठंडक बढ़ने की भी शुरुआत हो गई। हालांकि खेती के लिहाज से किसानों के लिए मौसम अच्छा रहने वाला है, क्योंकि कोहरा गिरने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि तराई क्षेत्र में घना कोहरा गिरने की शुरुआत हुई हैै। आने वाले दो दिनों तक ऐसे ही कोहरा गिर सकता है, जिससे दृश्यता कम रहेगी। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से 11 और 12 दिसंबर को बादलों की आवाजाही हो सकती है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की वर्षा भी हो सकती है। अभी कुछ दिन अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहेगा। जबकि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास रहेगा।
बिजुआ। मंगलवार की सुबह से घना कोहरा दोपहर तक छाया रहा, जिससे सड़कों पर वाहन धीमी रफ्तार से चले। शाम को ठंडक बढ़ गई। सर्दी बढ़ने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर असर पड़ रहा है। वहीं शाम होते-होते धुंधलका फिर से छाने लगा और मौसम ठंडा हो गया।
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आलू की फसल में लग सकता है झुलसा रोग
घना कोहरा गिरने के साथ ही पाला भी गिरने लगा है, जिससे आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके बिसेन ने बताया है कि वातावरण में नमी बढ़ने, बादल छाए रहने और तापमान गिरने से आलू की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप तेजी से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए मैंकोजेब 2.0 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। इसके अलावा आलू में कटुआ (कटवर्म) कीट का प्रकोप दिखाई देने की आशंका है, जिसकी रोकथाम के लिए क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी 2.5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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कोहरा देख वाहनों की रफ्तार थमी, किसानों के चेहरे खिले
पिपरिया धनी। क्षेत्र में सुबह घना कोहरा गिरने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। वहीं लोग जरूरी काम से ही बाहर निकले। लोग ठंड से निजात पाने के लिए अलाव लगाकर तापते दिखे। प्रशासन की ओर से राहगीरों के लिए रैन बसेरा और अलाव की व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। कोहरा गिरने से किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है। किसानों रोहित गुप्ता, सोनी, वीरपाल सिंह, विमल गुप्ता, सुमित यादव ने बताया कि कोहरा गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है, जितना कोहरा पड़ेगा उतनी ही अच्छी गेहूं की पैदावार होगी। संवाद
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दिसंबर का दूसरा सप्ताह शुरू होते ही मौसम अपने ठंडे मिजाज में आ गया है। घने कोहरे के चलते धूप न निकलने से ठंडक का असर बढ़ गया है। वहीं हवा भी सर्द हो गई है। इससे आने वाले दिनों में तापमान में गिरावट का सिलसिला शुरू हो सकता है। लिहाजा लोगों को अब ठंड से बचने के लिए सावधान रहना होगा। इस सीजन में पहली बार घना कोहरा गिरने के साथ ही कड़ाके की ठंडक बढ़ने की भी शुरुआत हो गई। हालांकि खेती के लिहाज से किसानों के लिए मौसम अच्छा रहने वाला है, क्योंकि कोहरा गिरने से गेहूं की फसल को फायदा होगा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि तराई क्षेत्र में घना कोहरा गिरने की शुरुआत हुई हैै। आने वाले दो दिनों तक ऐसे ही कोहरा गिर सकता है, जिससे दृश्यता कम रहेगी। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से 11 और 12 दिसंबर को बादलों की आवाजाही हो सकती है। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में हल्की वर्षा भी हो सकती है। अभी कुछ दिन अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहेगा। जबकि न्यूनतम तापमान 11 डिग्री के आसपास रहेगा।
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बिजुआ। मंगलवार की सुबह से घना कोहरा दोपहर तक छाया रहा, जिससे सड़कों पर वाहन धीमी रफ्तार से चले। शाम को ठंडक बढ़ गई। सर्दी बढ़ने से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर असर पड़ रहा है। वहीं शाम होते-होते धुंधलका फिर से छाने लगा और मौसम ठंडा हो गया।
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आलू की फसल में लग सकता है झुलसा रोग
घना कोहरा गिरने के साथ ही पाला भी गिरने लगा है, जिससे आलू की फसल में झुलसा रोग लगने की आशंका बढ़ गई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके बिसेन ने बताया है कि वातावरण में नमी बढ़ने, बादल छाए रहने और तापमान गिरने से आलू की फसल में झुलसा रोग का प्रकोप तेजी से फैलता है। इसकी रोकथाम के लिए मैंकोजेब 2.0 ग्राम प्रति लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। इसके अलावा आलू में कटुआ (कटवर्म) कीट का प्रकोप दिखाई देने की आशंका है, जिसकी रोकथाम के लिए क्लोरपायरीफॉस 20 ईसी 2.5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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कोहरा देख वाहनों की रफ्तार थमी, किसानों के चेहरे खिले
पिपरिया धनी। क्षेत्र में सुबह घना कोहरा गिरने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई। वहीं लोग जरूरी काम से ही बाहर निकले। लोग ठंड से निजात पाने के लिए अलाव लगाकर तापते दिखे। प्रशासन की ओर से राहगीरों के लिए रैन बसेरा और अलाव की व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। कोहरा गिरने से किसानों के चेहरों पर खुशी की लहर दौड़ गई है। किसानों रोहित गुप्ता, सोनी, वीरपाल सिंह, विमल गुप्ता, सुमित यादव ने बताया कि कोहरा गेहूं की फसल के लिए लाभदायक है, जितना कोहरा पड़ेगा उतनी ही अच्छी गेहूं की पैदावार होगी। संवाद