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Lakhimpur Kheri News: तालाबों में बेकार समझी जाने वाली जलकुंभी के उत्पाद नोएडा में छाए
Sat, 03 Oct 2026 11:46 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 03 Oct 2026 11:46 PM IST
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जलकुभी से बने उत्पाद। स्रोत: वनदेवी
लखीमपुर खीरी। तालाबों और जलस्रोतों में बेकार समझी जाने वाली जलकुंभी अब थारू महिलाओं के लिए रोजगार का जरिया बन रही है। जलकुंभी से तैयार डाल-डलियों और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों ने नोएडा में आयोजित यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में लोगों का ध्यान खींचा। देश ही नहीं, विदेश से आए खरीदारों ने भी इन उत्पादों को पसंद किया और खरीदारी की।
नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में खीरी के दो महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इनमें थारू जनजाति से जुड़े मालती प्रेरणा समूह की महिला वनदेवी ने जलकुंभी से तैयार डाल-डलियों समेत अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए। उन्होंने बताया कि स्टॉल पर पहुंचे खरीदारों ने उत्पादों की काफी सराहना की। कई लोगों ने जलकुंभी को उपयोगी उत्पादों में बदलने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली। वनदेवी ने बताया कि सरकार के इस प्रयास से हम महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। वहीं नवी स्वयं सहायता समूह की शफीका ने लेदर क्राफ्ट के तहत जूते, चप्पल और बेल्ट की प्रदर्शनी लगाई और करीब दो लाख रुपये का कारोबार किया। उपायुक्त स्वत: रोजगार जितेंद्र मिश्र ने बताया कि खीरी की महिला समूहों को नोएडा जैसे बड़े मंच पर उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक आयोजित पांच दिवसीय यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में खीरी के दो महिला स्वयं सहायता समूहों ने अपने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई। इनमें थारू जनजाति से जुड़े मालती प्रेरणा समूह की महिला वनदेवी ने जलकुंभी से तैयार डाल-डलियों समेत अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए। उन्होंने बताया कि स्टॉल पर पहुंचे खरीदारों ने उत्पादों की काफी सराहना की। कई लोगों ने जलकुंभी को उपयोगी उत्पादों में बदलने की प्रक्रिया के बारे में भी जानकारी ली। वनदेवी ने बताया कि सरकार के इस प्रयास से हम महिलाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। वहीं नवी स्वयं सहायता समूह की शफीका ने लेदर क्राफ्ट के तहत जूते, चप्पल और बेल्ट की प्रदर्शनी लगाई और करीब दो लाख रुपये का कारोबार किया। उपायुक्त स्वत: रोजगार जितेंद्र मिश्र ने बताया कि खीरी की महिला समूहों को नोएडा जैसे बड़े मंच पर उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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