{"_id":"5b0815104f1c1ba76e8b4900","slug":"water-from-sugar-mill-becoming-havoc-for-plants-and-insects","type":"story","status":"publish","title_hn":"जलीय पौधों और जीवों को मार रहा चीनी मिल का गंदा पानी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जलीय पौधों और जीवों को मार रहा चीनी मिल का गंदा पानी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 26 May 2018 01:04 AM IST
विज्ञापन
water from sugar mill
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान सहकारी चीनी मिल संपूर्णानगर का कचरा और रसायनयुक्त पानी पास से गुजर रहे सुतिया नाले में गिरता है। इसके चलते नाले के आसपास रहने वाले लोगों को खासी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। नाले के किनारे बसे गांवों में भीषण दुर्गंध से लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। इतना ही नहीं इस गंदे पानी की वजह से जलीय जीव और वनस्पतियों पर भी संकट मंडरा रहा है, इसके अलावा क्षेत्र के लोग भी चर्म रोग और पेट संबंधी बीमारियों की गिरफ्त में हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि मिल प्रशासन जानबूझकर इस मामले में अनदेखी करता आ रहा है। लोगों के अनुसार पानी के साथ शीरा भी बह कर आता है जिससे हालात और भी बदतर हो गए हैं। जलकुंभी जैसी जलीय वनस्पतियां कैमिकल युक्त पानी से सूख गई हैं। नाले में पलने वाले जलीय जीव भी मरते जा रहे हैं। इस नाले का पानी जंगली जानवरों के साथ ही पालतू पशुओं की सेहत के लिए हानिकारक हो चुका है। वन विभाग भी इसको लेकर चिंतित है। परसपुर बीट के वन दरोगा ने बताया कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
बता दें कि नाले के किनारे वृंदावन कालोनी, रामनगर, मुरारखेड़ा, गिरधरपुर, विजयनगर, टपरा, पंजाबघाट, पुरानी चक्की, परसपुर, एसएसबी मुख्यालय, बरेली फार्म, कंचनपुर, पढुआ, त्रिकोलिया, लालपुर, नगला, मरौंचा आदि गांव बसे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार लिखित और मौखिक रूप से चीनी मिल प्रशासन से नाले में कचरा गिराने को लेकर विरोध जताया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
औद्योगिक अपशिष्ट से भूगर्भीय जल भी हो रहा दूषित
किसान सहकारी चीनी मिल के शीरा और कैमिकल मिश्रित पानी से नदियों और तालाबों का पानी सूख रहा है। यह पानी चीनी मिल से होते हुए वृंदावन कालोनी पुलिया से सीधे महंगापुर, परसपुर पुलिया के रास्ते शारदा नदी में मिल जाता है। चीनी मिल से इसकी दूरी करीब 12 से 26 किलोमीटर तक है। इसके आसपास के कई गांव और मजरों का भूगर्भीय जल दूषित हो रहा हैं। उधर सुतिया नाला चंदनगर-रामनगर होते हुए चीनी मिल के पास से जिला खीरी की सीमा में बह रहा है लेकिन संपूर्णानगर चीनी मिल के बाद यह नाला मिल के गंदे पानी के नाले में तब्दील हो गया है।
जल प्रदूषण से बीमारियों के शिकार हो रहे लोग
सुतिया नाला के आसपास बसे गांवों से प्रदूषित पानी निकल रहा है। इस पानी की वजह से गांव के लोग कई बीमारियों के शिकार हो रहे है। त्वचा और पेट संबंधी बीमारियां इन गांवों के लोगों के लिए आम हो चुकी है।
मेरी फैक्ट्री की डिस्टलरी एक साल से बंद है। अब तो फैक्ट्री भी बंद हो गई है। ऐसी दशा में फैक्ट्री का पानी नदी नाले में जाने का सवाल ही नहीं उठता। यदि पहले यह पानी नदी नालों में गिराया जाता रहा है तो उसकी जांच कराकर पता लगाऊंगा। - प्रताप नरायन, प्रधान प्रबंधक, किसान सहकारी चीनी मिल, संपूर्णानगर
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप है कि मिल प्रशासन जानबूझकर इस मामले में अनदेखी करता आ रहा है। लोगों के अनुसार पानी के साथ शीरा भी बह कर आता है जिससे हालात और भी बदतर हो गए हैं। जलकुंभी जैसी जलीय वनस्पतियां कैमिकल युक्त पानी से सूख गई हैं। नाले में पलने वाले जलीय जीव भी मरते जा रहे हैं। इस नाले का पानी जंगली जानवरों के साथ ही पालतू पशुओं की सेहत के लिए हानिकारक हो चुका है। वन विभाग भी इसको लेकर चिंतित है। परसपुर बीट के वन दरोगा ने बताया कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
विज्ञापन
बता दें कि नाले के किनारे वृंदावन कालोनी, रामनगर, मुरारखेड़ा, गिरधरपुर, विजयनगर, टपरा, पंजाबघाट, पुरानी चक्की, परसपुर, एसएसबी मुख्यालय, बरेली फार्म, कंचनपुर, पढुआ, त्रिकोलिया, लालपुर, नगला, मरौंचा आदि गांव बसे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार लिखित और मौखिक रूप से चीनी मिल प्रशासन से नाले में कचरा गिराने को लेकर विरोध जताया लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
औद्योगिक अपशिष्ट से भूगर्भीय जल भी हो रहा दूषित
किसान सहकारी चीनी मिल के शीरा और कैमिकल मिश्रित पानी से नदियों और तालाबों का पानी सूख रहा है। यह पानी चीनी मिल से होते हुए वृंदावन कालोनी पुलिया से सीधे महंगापुर, परसपुर पुलिया के रास्ते शारदा नदी में मिल जाता है। चीनी मिल से इसकी दूरी करीब 12 से 26 किलोमीटर तक है। इसके आसपास के कई गांव और मजरों का भूगर्भीय जल दूषित हो रहा हैं। उधर सुतिया नाला चंदनगर-रामनगर होते हुए चीनी मिल के पास से जिला खीरी की सीमा में बह रहा है लेकिन संपूर्णानगर चीनी मिल के बाद यह नाला मिल के गंदे पानी के नाले में तब्दील हो गया है।
जल प्रदूषण से बीमारियों के शिकार हो रहे लोग
सुतिया नाला के आसपास बसे गांवों से प्रदूषित पानी निकल रहा है। इस पानी की वजह से गांव के लोग कई बीमारियों के शिकार हो रहे है। त्वचा और पेट संबंधी बीमारियां इन गांवों के लोगों के लिए आम हो चुकी है।
मेरी फैक्ट्री की डिस्टलरी एक साल से बंद है। अब तो फैक्ट्री भी बंद हो गई है। ऐसी दशा में फैक्ट्री का पानी नदी नाले में जाने का सवाल ही नहीं उठता। यदि पहले यह पानी नदी नालों में गिराया जाता रहा है तो उसकी जांच कराकर पता लगाऊंगा। - प्रताप नरायन, प्रधान प्रबंधक, किसान सहकारी चीनी मिल, संपूर्णानगर