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जरूरत के समय ढूंढे नहीं मिल रही यूरिया
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भीखमपुर (लखीमपुर खीरी)। सहकारी समितियों में यूरिया उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं, अधिकारियों, कर्मचारियों का कहना है कि लॉकडाउन के कारण यह दिक्कत बनी है।
किसानों को गन्ना, मूंग, साठा धान में यूरिया की जरूरत है पर भीखमपुर कस्बे की समिति, उप केंद्र भावदाग्रंट समेत क्षेत्र की कई समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। पड़ोस की भल्लिया बुजुर्ग, ओदरहा, बस्तौली आदि सहकारी समितियों पर भी किल्लत है। भीखमपुर समिति सचिव प्रबलदीप अवस्थी का कहना है कि कुछ दिनों से खाद की किल्लत पैदा हुई है। तीन ट्रक के चेक जमा है, रैक लगने वाली है। जल्द ही यूरिया मिलने लगेगी।
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रजुआपुर के राजेंद्र कुमार का कहना है कि इस समय गन्ने की फसल में यूरिया डालनी है। भीखमपुर समिति पर खाद लेने आए हैं पर कई दिनों से यहां यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है।
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भीखमपुर के विवेक अवस्थी का कहना है कि उन्हें ढाई एकड़ गन्ने की फसल में खाद डालनी है। समिति पर पांच दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, यूरिया खाद नहीं मिल पाई है।
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कटिघरा के गुरमेल सिंह का कहना है कि उन्हें साठा धान, गन्ने में यूरिया खाद डालनी है। सहकारी समिति पर यूरिया खाद न मिलने से उन्हें अपनी फसलों का भविष्य चौपट दिखाई देने लगा है।
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लॉकडाउन के समय लोगों को तत्परता से खाद उपलब्ध कराई। अब कुछ जगहों को छोड़कर बाकी समितियों पर खाद उपलब्ध है, जहां खाद उपलब्ध नहीं है वहां जल्द ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
-आरके मिश्र, अपर जिला सहकारी अधिकारी, मितौली
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लॉकडाउन की समस्या की वजह से यूरिया की रैक नहीं लग पाई है। रैक लगने वाली है, जल्द ही यूरिया खाद मिलने लगेगी।
-रत्नाकर सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता खीरी
बनकागांव और मठबाल देवता साधन सहकारी समिति पर लाइसेंस न होने से खाद का वितरण नहीं
उचौलिया। सहकारिता विभाग की लापरवाही से क्षेत्र की बनकागांव समिति का खाद लाइसेंस का पांच साल से नवीनीकरण नहीं हुआ है इससे करीब तीन माह से यहां खाद का स्टॉक नहीं है। वहीं मठबाल देवता साधन सहकारी समिति पर भी लाइसेंस न होने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। इससे किसान परेशान हैं।
साधन सहकारी समिति बनकागांव के का कार्यभार संभाल रहे किरियारा समिति के सचिव फरहद खां ने बताया कि यहां के लाइसेंस का नवीनीकरण न होने से खाद का वितरण पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाता। तत्कालीन सचिव सुरेशपाल सिंह जैसे तैसे काम चला कर खाद वितरण कर रहे थे।
इधर, साधन सहकारी समिति बालदेवता के पास भी खाद लाइसेंस नहीं है। समिति बालदेवता का चार्ज भी किरियारा समिति के सचिव फरहद खां के पास है। यहां भी समिति से जुड़े किसानों को भी खाद नहीं मिल पा रही है।
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2015 से बनकागांव समिति के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका है। मठ बालदेवता समिति के लाइसेंस के लिए सचिव सुरेशपाल सिंह ने प्रशिक्षण लिया था मगर उनका प्रमाण पत्र हैदराबाद से नहीं आ सका है। लाइसेंस न होने पर बनकागांव में किसानों की सुविधा के लिए खाद वितरण किया जाता है। इस बार जिले से ही खाद न मिल पाने के कारण इसका वितरण नहीं हो पा रहा है।
-सचिन तिवारी, एडीओ सहकारिता
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तिलोकपुर समिति पर भी यूरिया की किल्लत, किसान परेशान
मझगईं। क्षेत्र के किसानों को तिलोकपुर किसान सेवा सहकारी समिति व गन्ना सोसायटी केंद्रों पर एक हफ्ते से खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों ने बताया कि तिलोकपुर किसान सेवा सहकारी समिति, भगवंतनगर, चौरी, मझगईं गन्ना सोसायटी केंद्रों पर यूरिया खाद नहीं है। 266.50 रुपये में मिलने वाली खाद की बोरी को बाजार से 350 में खरीद रहे थे। मगर अब बाजार से भी यूरिया खाद गायब हो गई है। तिलोकपुर किसान सेवा सहकारी समिति सचिव राजेश यादव ने बताया कि एक हफ्ते से खाद गोदाम में नहीं है, चेक जमा है रेक लगते ही खाद आ जाएगी। संवाद
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खाद की किल्लत किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए: डीएम
लखीमपुर खीरी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने खाद की कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी सत्येन्द्र प्रताप सिंह और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक रत्नाकर सिंह के साथ उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा बैठक की। डीएम ने खरीफ सीजन में धान रोपाई के समय जनपद के किसानों में विशेषकर यूरिया उर्वरक की मांग को देखते हुए इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में जिले में खाद की कमी न होने पाए।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों को शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार पीओएस मशीन से ही शत प्रतिशत वितरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला गन्ना अधिकारी और समस्त उर्वरक निरीक्षकों को क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए भ्रमण करके सतर्क निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लॉकडान के दौरान फैक्टरी बंद होने का हवाला देकर कोई व्यापारी कालाबाजारी न कर सके। अवैध भंडारण, ओवररेटिंग पर विशेष ध्यान रखा जाए। किसानों से अपील करते हुए डीएम ने कहा है कि यदि कोई उर्वरक विक्रेता निजी एवं सहकारिता, गन्ना समिति क्षेत्र का उचित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद की बिक्री करता है अथवा उर्वरक की बिक्री मूल्य की रसीद नहीं देता है तो तत्काल जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह के मोबाइल नंबर 8853732383 पर वाट्सएप या काल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
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किसानों को गन्ना, मूंग, साठा धान में यूरिया की जरूरत है पर भीखमपुर कस्बे की समिति, उप केंद्र भावदाग्रंट समेत क्षेत्र की कई समितियों पर खाद उपलब्ध नहीं है। पड़ोस की भल्लिया बुजुर्ग, ओदरहा, बस्तौली आदि सहकारी समितियों पर भी किल्लत है। भीखमपुर समिति सचिव प्रबलदीप अवस्थी का कहना है कि कुछ दिनों से खाद की किल्लत पैदा हुई है। तीन ट्रक के चेक जमा है, रैक लगने वाली है। जल्द ही यूरिया मिलने लगेगी।
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रजुआपुर के राजेंद्र कुमार का कहना है कि इस समय गन्ने की फसल में यूरिया डालनी है। भीखमपुर समिति पर खाद लेने आए हैं पर कई दिनों से यहां यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है।
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भीखमपुर के विवेक अवस्थी का कहना है कि उन्हें ढाई एकड़ गन्ने की फसल में खाद डालनी है। समिति पर पांच दिनों से चक्कर लगा रहे हैं, यूरिया खाद नहीं मिल पाई है।
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कटिघरा के गुरमेल सिंह का कहना है कि उन्हें साठा धान, गन्ने में यूरिया खाद डालनी है। सहकारी समिति पर यूरिया खाद न मिलने से उन्हें अपनी फसलों का भविष्य चौपट दिखाई देने लगा है।
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लॉकडाउन के समय लोगों को तत्परता से खाद उपलब्ध कराई। अब कुछ जगहों को छोड़कर बाकी समितियों पर खाद उपलब्ध है, जहां खाद उपलब्ध नहीं है वहां जल्द ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
-आरके मिश्र, अपर जिला सहकारी अधिकारी, मितौली
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लॉकडाउन की समस्या की वजह से यूरिया की रैक नहीं लग पाई है। रैक लगने वाली है, जल्द ही यूरिया खाद मिलने लगेगी।
-रत्नाकर सिंह, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता खीरी
बनकागांव और मठबाल देवता साधन सहकारी समिति पर लाइसेंस न होने से खाद का वितरण नहीं
उचौलिया। सहकारिता विभाग की लापरवाही से क्षेत्र की बनकागांव समिति का खाद लाइसेंस का पांच साल से नवीनीकरण नहीं हुआ है इससे करीब तीन माह से यहां खाद का स्टॉक नहीं है। वहीं मठबाल देवता साधन सहकारी समिति पर भी लाइसेंस न होने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। इससे किसान परेशान हैं।
साधन सहकारी समिति बनकागांव के का कार्यभार संभाल रहे किरियारा समिति के सचिव फरहद खां ने बताया कि यहां के लाइसेंस का नवीनीकरण न होने से खाद का वितरण पर्याप्त मात्रा में नहीं हो पाता। तत्कालीन सचिव सुरेशपाल सिंह जैसे तैसे काम चला कर खाद वितरण कर रहे थे।
इधर, साधन सहकारी समिति बालदेवता के पास भी खाद लाइसेंस नहीं है। समिति बालदेवता का चार्ज भी किरियारा समिति के सचिव फरहद खां के पास है। यहां भी समिति से जुड़े किसानों को भी खाद नहीं मिल पा रही है।
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2015 से बनकागांव समिति के लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हो सका है। मठ बालदेवता समिति के लाइसेंस के लिए सचिव सुरेशपाल सिंह ने प्रशिक्षण लिया था मगर उनका प्रमाण पत्र हैदराबाद से नहीं आ सका है। लाइसेंस न होने पर बनकागांव में किसानों की सुविधा के लिए खाद वितरण किया जाता है। इस बार जिले से ही खाद न मिल पाने के कारण इसका वितरण नहीं हो पा रहा है।
-सचिन तिवारी, एडीओ सहकारिता
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तिलोकपुर समिति पर भी यूरिया की किल्लत, किसान परेशान
मझगईं। क्षेत्र के किसानों को तिलोकपुर किसान सेवा सहकारी समिति व गन्ना सोसायटी केंद्रों पर एक हफ्ते से खाद नहीं मिल पा रही है। किसानों ने बताया कि तिलोकपुर किसान सेवा सहकारी समिति, भगवंतनगर, चौरी, मझगईं गन्ना सोसायटी केंद्रों पर यूरिया खाद नहीं है। 266.50 रुपये में मिलने वाली खाद की बोरी को बाजार से 350 में खरीद रहे थे। मगर अब बाजार से भी यूरिया खाद गायब हो गई है। तिलोकपुर किसान सेवा सहकारी समिति सचिव राजेश यादव ने बताया कि एक हफ्ते से खाद गोदाम में नहीं है, चेक जमा है रेक लगते ही खाद आ जाएगी। संवाद
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खाद की किल्लत किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए: डीएम
लखीमपुर खीरी। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने खाद की कालाबाजारी की आशंका को देखते हुए मंगलवार को जिला कृषि अधिकारी सत्येन्द्र प्रताप सिंह और सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक रत्नाकर सिंह के साथ उर्वरकों की उपलब्धता की समीक्षा बैठक की। डीएम ने खरीफ सीजन में धान रोपाई के समय जनपद के किसानों में विशेषकर यूरिया उर्वरक की मांग को देखते हुए इसकी पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी दशा में जिले में खाद की कमी न होने पाए।
कलक्ट्रेट सभागार में डीएम ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों को शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार पीओएस मशीन से ही शत प्रतिशत वितरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने जिला कृषि अधिकारी, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, जिला गन्ना अधिकारी और समस्त उर्वरक निरीक्षकों को क्षेत्र में सक्रिय रहते हुए भ्रमण करके सतर्क निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लॉकडान के दौरान फैक्टरी बंद होने का हवाला देकर कोई व्यापारी कालाबाजारी न कर सके। अवैध भंडारण, ओवररेटिंग पर विशेष ध्यान रखा जाए। किसानों से अपील करते हुए डीएम ने कहा है कि यदि कोई उर्वरक विक्रेता निजी एवं सहकारिता, गन्ना समिति क्षेत्र का उचित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद की बिक्री करता है अथवा उर्वरक की बिक्री मूल्य की रसीद नहीं देता है तो तत्काल जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह के मोबाइल नंबर 8853732383 पर वाट्सएप या काल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।