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गेहूं के गोलमाल में फंसे यूपीएसएस के जिला प्रबंधक और केंद्र प्रभारी

Sat, 25 Sep 2021 01:07 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 25 Sep 2021 01:07 AM IST
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UPSS district manager and center in-charge trapped in wheat breakup
demo photo - फोटो : अमर उजाला

एडीएम के पर्यवेक्षण में होगी गेहूं की नीलामी, पुन: जांच के दिए निर्देश
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27 मई को आरएफसी के निरीक्षण में राजापुर मंडी समिति में लावारिस मिला था गेहूं

लखीमपुर खीरी। राजापुर मंडी समिति में गेहूं क्रय संस्था यूपीएसएस के क्रय केंद्र से गेहूं बरामदगी के मामले में दोषी साबित हुए जिला प्रबंधक और केंद्र प्रभारी पर डीएम ने विभागीय कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मामले में एसडीएम (सदर) की अध्यक्षता में गठित चार सदस्यीय जांच कमेटी में क्रय केंद्र प्रभारी प्रदीप कुमार द्विवेदी व जिला प्रबंधक यूपीएसएस वेद प्रकाश निगम को समान रूप से दोषी पाया है।
27 मई 2021 को आरएफसी के निरीक्षण में यूपीएसएस के क्रय केंद्र पर लावारिस अवस्था में बड़ी मात्रा में गेहूं पकड़ा गया था। स्टॉक की गिनती में चबूतरे पर 2941 पीपी बोरे लाल रंग की सिलाई के साथ गेहूं से भरे मिले थे। बोरियों पर स्टैसिंल (मार्का) भी नहीं था तो कुछ पर बहुत धुंधला था। साथ ही चबूतरे के पास खड़े दो ट्रकों (यूपी 31 टी 9740 और यूपी 31 टी 1038) में भी गेहूं भरे 350-350 पीपी बोरे लदे मिले थे, जो उसी चबूतरे से लोड किए गए थे। कुल 1820.50 क्विंटल गेहूं को मंडी समिति के सुपुर्द किया गया था। इस मामले में सदर कोतवाली में यूपीएसएस के केंद्र प्रभारी समेत दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
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एसडीएम सदर की जांच रिपोर्ट में यूपीएसएस के चबूतरे से ही गेहूं लोड होने की बात सामने आई। उधर, केंद्र प्रभारी और जिला प्रबंधक ने बरामद गेहूं के बारे में अनभिज्ञयता जताई थी। बाद में कुछ किसान एफेडेविट लेकर सामने आए और बरामद गेहूं पर अपना दावा किया। बाद में दोनों आरोपियों ने कहा कि उन्होंने किसानों से गेहूं खरीद की थी, लेकिन उसे रजिस्टर में नहीं चढ़ाया था।
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मामले में जांच रिपोर्ट को अपूर्ण बताते हुए डीएम ने एक हफ्ते में एसडीएम सदर से रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने एडीएम को निर्देश दिए कि मंडी समिति की अभिरक्षा में रखा गेहूं खराब न हो, इसलिए इसकी नीलामी के लिए तत्काल एक टीम का गठन करते हुए उसकी देखरेख/पर्यवेक्षण में एक सप्ताह के अंदर गेहूं की नीलामी कराई जाए और उससे प्राप्त धनराशि नजारत के रजिस्टर-4 में सुरक्षित रखें।

डीएम ने जांच रिपोर्ट को बताया अधूरा

डीएम डॉ अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह की अध्यक्षता में गठित जांच कमेटी द्वारा प्रस्तुत आख्या अपूर्ण है। उसमें आवश्यक बिंदुओं को शामिल नहीं किया गया है। जिस दिनांक को गेहूं सीज किया गया उस दिनांक में दावा किए गए 31 किसानों के गेहूं बिक्री के लिए किए गए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की क्या स्थिति थी? क्या इन समस्त 31 किसानों द्वारा बिक्री के लिए यूपीएसएस के संबंधित क्रय केंद्र पर गेहूं लाने से पूर्व बिक्री के लिए निर्धारित रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई थी और किसानों के पास/क्रय केंद्र पर रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध थे? इस सभी बिंदुओं पर ध्यान दिया जा रहा है।
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