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UPPSC PCS Result: लखीमपुर खीरी में होमगार्ड का बेटा बना डीएसपी, तीसरे प्रयास में हासिल की सफलता

Thu, 25 Jan 2024 09:16 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: बरेली ब्यूरो Updated Thu, 25 Jan 2024 09:16 AM IST
सार

पीयूष पांडेय तीन साल से दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर सिविल सेवा की तैयारी कर रहे थे। इससे पहले दो बार इंटरव्यू तक वह पहुंचे थे। इस बार सफलता मिल गई। डीएसपी पद पर उनका चयन हुआ है।  

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UPPSC PCS Result: Home guard's son becomes DSP
पिता के साथ पीयूष पांडेय - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी के ईसानगर ब्लॉक के शेखपुर (मोचनापुर) गांव निवासी 25 साल के पीयूष पांडेय ने प्रदेश में जिले का नाम रोशन किया है। पीयूष ने तीसरे प्रयास में यूपीपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की। दिल्ली में मौजूद पीयूष पांडेय ने फोन पर बताया कि उनका डीएसपी पद पर चयन हुआ है।

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पीयूष पांडेय ने बताया कि वह तीन साल से दिल्ली के मुखर्जी नगर में रहकर सिविल सेवा की तैयारी कर रहे थे। इस बार तीसरी बार के प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई। इससे पहले दो बार इंटरव्यू तक वह पहुंचे थे। इस बार सफलता मिल गई। बताया कि उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दीक्षा खमरिया कस्बे से हासिल की है। खमरिया के श्रीमती चंद्र प्रभा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कालेज से उन्होंने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
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उन्होंने बताया कि इंटरमीडिएट की परीक्षा 88.2 फीसदी अंकों के साथ पास की थी। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से 2017 में बीएससी और फिर 2020 में दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए पॉलिटिकल साइंस की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा की परीक्षा की तैयारी की और तीन साल के बाद 2023 में दी गई परीक्षा में उन्होंने सफलता हासिल कर ली।

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पिता हैं होमगार्ड 
पीयूष पांडेय ने बताया कि उनके पिता शिवकुमार पांडेय ईसानगर थाने में होमगार्ड के पद पर तैनात हैं। माता गृहिणी हैं। संघर्ष को लेकर उन्होंने कहा कि छोटी जगह से निकले इंसान को जो संघर्ष करना पड़ता है, वह उन्होंने किया है। आर्थिक क्षेत्र में पारिवारिक सपोर्ट की वजह से कोई दिक्कत नहीं आई।

इसलिए सिविल सेवा में जाने का आया ख्याल
पीयूष पांडेय ने बताया कि गांव में अक्सर हम जिन परेशानियों से दो चार होते हैं, उन्हीं सब समस्याओं को देखकर ये ख्याल आया कि सिविल सेवा में जाकर ही हम ग्रामीण क्षेत्रों की हालत सुधार सकते हैं। कहा कि हमारा गांव और क्षेत्र बाढ़ और कटान की जद में रहता है। इससे हम लोगों को बहुत परेशानियां होती थीं। यही सब देखकर सिविल सेवा में जाने का मन बनाया था।

युवाओं को संदेश
उन्होंने कहा कि कभी निराश न हों। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। सोशल मीडिया पर युवाओं की बढ़ती उपस्थिति पर उन्होंने कहा कि आप चाहे कुछ भी करें, किसी भी मंच पर अपनी उपस्थिति दर्शाएं लेकिन पढ़ाई से कोई समझौता नहीं करें। यही सफलता की कुंजी है।

पूर्व छात्र के अफसर बनने से गदगद हुए शिक्षक
खमरिया स्थित चंद्रप्रभा विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य शैलेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पीयूष ने हाईस्कूल और इंटर यहीं से किया है। उन्होंने इंटर में 88.2 फीसदी अंक प्राप्त किए थे। बताया कि उन्होंने फोन पर पीयूष पांडेय को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उधर, उनके द्वारा इस मुकाम तक पहुंचने पर पीयूष को बधाई देने के लिए क्षेत्रवासी काफी उत्साहित हैं। 

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