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यूक्रेन संकटः छात्र-छात्राओं की बढ़ रहीं दुश्वारियां, राशन खत्म, पी रहे नहाने का पानी

Sun, 27 Feb 2022 02:27 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 27 Feb 2022 02:27 AM IST
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Ukraine crisis: increasing miseries of students, running out of ration, drinking water for bathing
यूक्रेन में फंसे गोविंदनगर के छात्र के परिजन।
आठ और छात्रों के यूक्रेन में फंसे होने की मिली जानकारी, कुल संख्या हुई 14
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लखीमपुर खीरी। यूक्रेन में जिले के आठ और छात्र-छात्राओं के फंसे होने की जानकारी मिली है। इससे संकट में फंसे छात्र-छात्राओं की संख्या बढ़कर 14 हो गई है। यूक्रेन से छात्र-छात्राओं ने अपने परिजन को बताया है कि राशन खत्म हो चला है। नहाने का पानी उबालकर पी रहे हैं। लगातार आ रही बम धमाकों की आवाजें दिल दहला देने वाली हैं। ठंड के कारण बंकर में रात काटनी काफी मुश्किल हो जाती है।
शनिवार को गदनिया के गुरुप्रीत, भानपुरी खजुरिया के शिवम सिंह, मोहम्मदी के एक ही परिवार के सरवन सिंह व रिशमजीत कौर और लखीमपुर शहर के एक ही परिवार के मनमोहन मिश्रा और कृष्णमोहन मिश्रा समेत मोहम्मदी मियापुर के सुकांत मंडल के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी मिली है। अभी संख्या और भी बढ़ सकती है।
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इस मामले में एडीएम संजय निगम ने बताया कि आपदा राहत विभाग से 12 छात्र-छात्राओं के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी मिली है। हेल्पलाइन के जरिये हर संभव प्रयास किये जा रहे हैं।
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संकट में फंसे विद्यार्थी
1- गुरुप्रीत पुत्र बलबिंदर, निवासी गदनियां यूक्रेन के कीव यूनिवर्सिटी।
2- शिवम सिंह पुत्र ओमप्रकाश सिंह, निवासी भानपुरी खजुरिया ओडेसा यूनिवर्सिटी।
3- सरवन सिंह पुत्र करतार सिंह, निवासी बरबर चौराहा मोहम्मदी खार्कीव यूनिवर्सिटी।
4- रिशमजीत कौर पुत्री करतार सिंह, निवासी बरबर चौराहा मोहम्मदी खार्कीव यूनिवर्सिटी।
5- मनमोहन मिश्रा पुत्र रविप्रकाश मिश्रा, शिवकॉलोनी लखीमपुर क्यीव मेडिकल यूनिवर्सिटी।
6- कृष्णमोहन मिश्रा पुत्र रविप्रकाश मिश्रा, शिवकॉलोनी लखीमपुर क्यीव मेडिकल यूनिवर्सिटी।
7- छत्रपाल वर्मा पुत्र टीकाराम वर्मा, निवासी शहाबुद्दीनपुर गोला खार्कीव यूनिवर्सिटी।
8- आलोक सिंह पुत्र संतोष सिंह, निवासी सेमराजानी मोहम्मदी ओडेसा यूनिवर्सिटी।
9- अब्दुल मन्नान अंसारी पुत्र बकरिदन अंसारी, निवासी खजुरिया फ्रैंकविस्क यूनिवर्सिटी।
10- उम्मी खातून पुत्री निजाम अली, निवासी खीरी टाउन पोतावा स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी।
11- हर्षित यादव पुत्र अहिवरन यादव, निवासी मोहम्मदी हॉस्टल के बंकर में फंसे।
12- अनुराग यादव गिजेंद्र सिंह यादव, निवासी पूर्वी लखपेड़ा मोहम्मदी टरनोपिल यूनिवर्सिटी।
13- ऋषभ गोयल पुत्र मुकेश गोयल, निवासी पलिया बोगोलोमेट्स यूनिवर्सिटी।
14- सुकांत मंडल पुत्र सपन मंडल, निवासी मियापुर मोहम्मदी कीव में फंसे।

यूक्रेेन से शिवम की सकुशल वापसी के लिए परिजन ने लगाई सरकार से गुहार
संपूर्णानगर। पलिया तहसील के संपूर्णानगर थाना क्षेत्र के गोविंदनगर गांव निवासी शिवम सिंह भी यूक्रेन में फंस गया है। वह एमबीबीएस के तृतीय वर्ष का छात्र है। उसके परिजन भारत सरकार से सकुशल सभी भारतीयों को वापस भारत लाने की गुहार लगा रहे हैं।
गोविंदनगर गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह पेशे से किसान हैं और व्यवसाय के रूप में खजुरिया में एक छोटे स्कूल का संचालन करते हैं। इनका मंझला पुत्र शिवम सिंह यूक्रेन के लीबिंग शहर में एमबीबीएस का छात्र है। वह डेनिलो हैलिट्स्की ल्विव राष्ट्रीय चिकित्सा विश्वविद्यालय से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और तीसरे वर्ष में है। पिता ओमप्रकाश ने बताया कि तीन साल पहले मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए पुत्र को भेजा था, तब सब ठीकठाक था। अभी सितंबर 2020 में ही अवकाश पर आया था और उसी माह में वापस चला गया था। बीते दिनों रूस व यूक्रेन के बीच युद्ध की आशंका को देखते हुए चार मार्च को भारत आने का टिकट भी करवा लिया था, लेकिन हालात इतने बिगड़ गए कि टिकट भी रद्द करवाना पड़ा। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को सकुशल भारत पहुंचाए।

खौफ के साए में गुजर रहीं तीन परिवारों की रातें
पलियाकलां। कल जिन माता-पिता ने बड़े अरमानों के साथ अपने बच्चों को विदेश में पढ़ने भेजने का सपना संजोकर मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए भेजा था। आज वही माता-पिता अपने बच्चों की सलामती की दुआ कर उनको वापस अपनी आंखों के सामने देखना चाह रहे हैं। पलिया तहसील क्षेत्र के तीन परिवार इस समय खौफ के साए में रहकर अपनी रातें गुजार रहे हैं और अपने घर के चिराग के लिए भगवान से दुआ कर रहे हैं तो सरकार की तरफ आस लगाए देख रहे हैं।

बंकर में छिपे हुए हैं पलिया के ऋषभ गोयल
पलिया। पलिया के मोहल्ला किसान द्वितीय निवासी मुकेश गोयल का पुत्र ऋषभ गोयल यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गया था। रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध में वह वहां फंस गया है। शनिवार को ऋषभ के पिता मुकेश ने बातचीत में बताया कि यूक्रेन में अब कुछ भी अच्छा नहीं है। रूस द्वारा लगातार कब्जे की जद बढ़ाता जा रहा है। हालांकि ऋषभ अब भी सुरक्षित बंकर में है, लेकिन फंसा हुआ है। बताया कि सरकार के सहायता टोल फ्री नंबर भी अपने पुत्र को दे दिया है। सुबह साढ़े छह बजे उससे बात हुई थी तब उसने बताया कि बम धमाकों की आवाजें आ रही हैं। किसी तरह से बंकर में छिपे हुए हैं। बंकर में नेटवर्क न होने से बात नहीं हो पाती है, लेकिन अब सरकार से अपील है कि सभी नागरिकों को सकुशल वापस लौटने का इंतजाम करे। संवाद

भारतीय दूतावास से होता है संपर्क, नहीं मिल रही सहायता
संपूर्णानगर। गोविंदनगर निवासी छात्र शिवम सिंह के पिता ओमप्रकाश सिंह ने बताया कि उनकी पुत्र से रोज बात होती है वह सुरक्षित तो है, लेकिन खाने-पीने में दिक्कतें आ रही हैं। जरूरत का कोई सामान नहीं मिल पा रहा है। कैब से कुछ बच्चे पोलैंड जा रहे हैं, जिसमें उनका पुत्र भी शामिल है, लेकिन पोलैंड से भारत आने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अब केवल भारत सरकार की तरफ आस लगाए हैं कि सरकार सभी भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लौटने की व्यवस्था करे। जब से युद्ध की खबर सुनी है शिवम की मां का भी रो-रोकर बुरा हाल है और परिजन के साथ ही रिश्तेदार भी काफी परेशान हैं। सभी भारतीयों के सकुशल लौटने की कामना कर रहे हैं। संवाद

मदद न मिलने पर रो पड़े अब्दुल के पिता बकरीदन
संपूर्णानगर। खजुरिया निवासी बकरीदन अंसारी के पुत्र अब्दुल मन्नान अंसारी पांच वर्ष से यूक्रेन में हैं। युद्ध शुरू होने के बाद से खुद बंकर में रह रहे हैं। पिता बकरीदन ने बताया कि डीएम के दिए हुए हेल्पलाइन नंबर पर सहयोगी ने काल की तो किसी ने रिसीव नहीं की, कभी व्यस्त जाता रहा। शुक्रवार रात 12 बजे तक पुत्र से बात हुई तो उसने बताया था कि एंबेसी ने फार्म भरवा लिया है और कह रहे हैं जो जहां है वहीं रहे। दूसरी तरफ ब्लास्ट व कब्जे बढ़ते जा रहे हैं। कुछ बच्चे कैब करके पोलैंड पहुंच रहे हैं जिन्हें बार्डर से दस किलोमीटर पहले छोड़ा जा रहा है, जिससे उनको परेशानियां हो रही हैं। एसडीएम साहब का फोन आया था वह भी आश्वासन दे रहे थे। भारत सरकार से अपील है कि वह किसी तरह से भारतीय नागरिकों को भारत पहुंचाने का कार्य करे। बात करते-करते बकरीदन फफक-फफक कर रो भी पड़े। संवाद

बढ़ी उम्मीद, अनुराग साथियों संग बस से रोमानिया रवाना
मोहम्मदी। यूक्रेन की खार्कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में फंसे अनुराग यादव के परिजन ने घटना के तीसरे दिन बातचीत के दौरान बताया कि सरकार की तरफ से बेहतर प्रयास किए जा रहे हैं। भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी शुरू हो रही है। उन्होंने बताया कि बेटे अनुराग ने बातचीत में बताया कि 60 भारतीय छात्रों को टरपोनिल मेडिकल यूनिवर्सिटी से तीन बसों में रोमानिया भेजा जा रहा है। परिवार वालों को अनुराग के सुरक्षित स्वदेश वापसी की उम्मीदें तेज हो गई हैं, जबकि भतीजा हर्षित यादव मुश्किल में फंसा हुआ है। वह बंकर में छुपा हुआ है। उसे भोजन भी नहीं मिला है, जिससे हर्षित यादव के परिवार में मायूसी छाई है। सभी लोग ईश्वर से दोनों की सकुशल वापसी की दुआ कर रहे हैं। संवाद

कीव में फंसे सुकांत मंडल, परिजन परेशान
मोहम्मदी। क्षेत्र के गांव मियांपुर के एक छात्र के कीव मेडिकल यूनिवर्सिटी में फंसे होने से परिजन परेशान हैं। मियांपुर के सपन मंडल बताते हैं कि उनका एक ही बेटा है सुकांत मंडल जो एमबीबीएस चौथे साल का छात्र है। उन्होंने बताया कि दो मार्च को उसकी घर वापसी की टिकट थी। पिता सपन बताते हैं कि बेटा यूक्रेन की राजधानी कीव में फंस गया है, जहां वह एक बंकर में है। लगातार वीडियोकॉल के जरिये उससे बात हो रही है, लेकिन भारतीय छात्रों को स्वदेश वापस लाने के लिए भारत सरकार की तरफ से कोई कदम नहीं उठाया गया है। बताया कि टीवी पर लगातार नजर रख रहे हैं। पल पल की जानकारी ले रहे हैं। वहीं, सुकांत की मां आलोका, चाचा तपन मंडल ने बताया कि हेल्पलाइन नंबर की जानकारी मिली है, जिस पर वह मदद मांगेंगे। संवाद

सरकारी हेल्पलाइन नंबर से भी नहीं मिल रहा कुछ लाभ
मोहम्मदी। यूक्रेन में हो रही बमबारी को लेकर शनिवार को तीसरे दिन भी आलोक सिंह के बेटे के परिजन का बुरा हाल रहा। पिता संतोष सिंह कहते हैं कि बेटा भी दहशत में हैं। सरकारी हेल्पलाइन से कोई लाभ नहीं मिल रहा है। नगर के मोहल्ला पूर्वी लखपेड़ा निवासी संतोष सिंह का बेटा आलोक सिंह यूक्रेन में एक मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। वह बताते हैं कि शनिवार को उससे बात हुई तो उसने बताया कि 25 से 30 लोग एक बंकर में है। रात दिन उसी में रहना पड़ता है।
आलोक ने अपने पिता को बताया कि कुछ बच्चों के घर वाले बॉर्डर पर पहुंच गए थे उन्हें अंदर नहीं घुसने दिया गया। आलोक वहां पर सुरक्षित है। घरवाले टीवी पर नजर लगाए हुए हैं कि कब बमबारी बंद हो। आलोक की मां किरन की नींद ही उड़ गई है। शनिवार को घर पर हाल चाल लेने वाले लोगों को आना जाना लगा रहता है।


उम्मी के परिजन तीसरे दिन भी चैन से नहीं सो सके
खीरी टाउन। यूक्रेन में फंसी खीरी टाउन की छात्रा उम्मी खातून के परिजन तीसरे दिन भी चैन की नींद नहीं सो सके। रात भर उन्हें बेटी की चिंता सताती रही।
पिता निजाम अली ने बताया कि शनिवार को जब वह सुबह की नमाज पढ़ने जा रहे थे तो उनकी पुत्री से बात हुई थी। बताया कि बराबर बमबारी की आवाजों से उसका दिल दहल रहा है। कॉलेज प्रशासन उनको बराबर हिदायत दे रहा है कि बंकर के अंदर ही रहें। जैसे ही कोई व्यवस्था होती है आप को सुरक्षित स्थान पर भिजवा दिया जाएगा। बताया कि खाने पीने का सामान भी खत्म हो रहा है। बताया कि नहाने धोने के लिये इस्तेमाल होने वाले पानी को उबालकर पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। सभी अल्लाह से दुआ कर रहे हैं और उसके सकुशल वतन वापसी की मन्नत मांग रहे हैं। बताया कि वह जल्द ही डीएम से मिलकर बच्ची की वतन वापसी के लिये प्रयास करेंगे। संवाद
 
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