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Lakhimpur Kheri News: दो नए उपकेंद्र तैयार... स्टाफ के अभाव में संचालन नहीं, बिजली संकट झेल रहे उपभोक्ता
Sat, 14 Jun 2025 11:32 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sat, 14 Jun 2025 11:32 PM IST
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लखीमपुर खीरी। गोला सर्किल के मोहम्मदी डिवीजन में बिजली का लोड कम करने के लिए तीन उपकेंद्रों का स्वीकृत मिली थी। इनमें से बड़खड और लखहा उपकेंद्र का काम पूरा हो चुका है, लेकिन स्टाफ की तैनाती न होने से संचालन अधर में अटका है। इस कारण उपभोक्ता बिजली का संकट झेल रहे हैं।
मोहम्मदी से करीब आठ किलो मीटर दूर बरबर मार्ग पर बड़खड़ उपकेंद्र बना है, जिसकी क्षमता पांच एमवीए की है। निर्माण पूरा हुए काफी समय हो गया। 33 केवीए की लाइन भी पड़ चुकी है। वहीं, लखहा उपकेंद्र गोला मार्ग पर मोहम्मदी से करीब सात किलो मीटर दूर है। इसकी क्षमता 10 एमवीए की है। इसका भी निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। स्टाफ की तैनाती होते ही दोनों का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन तैनाती में लापरवाही बरती जा रही है। यही वजह है कि दोनों केंद्रों का संचालन अधर में अटका है।
लखहा उपकेंद्र करीब पौने पांच करोड़ और बड़खड़ करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बनाया गया है। यहां से करीब चार हजार और बड़खड़ से 1500 से दो हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति दी जाएगी। उपकेंद्र संचालित न होने से लोड कम नहीं हो रहा, जिसकी वजह से फॉल्ट की समस्या बरकरार है। इधर, लखीमपुर डिवीजन का न्यू छाउछ उपकेंद्र नो लोड पर संचालित है। इसी सप्ताह लोड बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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देर से मिली सामग्री, अब काम ने पकड़ी रफ्तार
-जेबीगंज उपकेंद्र का लोड कम करने के लिए उचौलिया के कोइलछा गांव में पांच एमवीए नया उपकेंद्र स्वीकृत हुआ, लेकिन समय पर सामग्री न मिलने से इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। पिछले दिनों अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया तो शासन से सामग्री उपलब्ध कराई गई। सामग्री मिलते ही काम तेजी से कराया जा रहा है। एक से दो माह में काम पूरा होने की उम्मीद है।
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दोनों उपकेंद्रों पर तैनाती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। स्टाफ तैनात होते ही दोनों उपकेंद्रों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। उचौलिया के कोइलछा उपकेंद्र का काम भी तेजी से कराया जा रहा है।
-शुभम मौर्य, एसडीओ मोहम्मदी
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मोहम्मदी से करीब आठ किलो मीटर दूर बरबर मार्ग पर बड़खड़ उपकेंद्र बना है, जिसकी क्षमता पांच एमवीए की है। निर्माण पूरा हुए काफी समय हो गया। 33 केवीए की लाइन भी पड़ चुकी है। वहीं, लखहा उपकेंद्र गोला मार्ग पर मोहम्मदी से करीब सात किलो मीटर दूर है। इसकी क्षमता 10 एमवीए की है। इसका भी निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। स्टाफ की तैनाती होते ही दोनों का संचालन शुरू हो जाएगा, लेकिन तैनाती में लापरवाही बरती जा रही है। यही वजह है कि दोनों केंद्रों का संचालन अधर में अटका है।
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लखहा उपकेंद्र करीब पौने पांच करोड़ और बड़खड़ करीब साढ़े तीन करोड़ की लागत से बनाया गया है। यहां से करीब चार हजार और बड़खड़ से 1500 से दो हजार उपभोक्ताओं को आपूर्ति दी जाएगी। उपकेंद्र संचालित न होने से लोड कम नहीं हो रहा, जिसकी वजह से फॉल्ट की समस्या बरकरार है। इधर, लखीमपुर डिवीजन का न्यू छाउछ उपकेंद्र नो लोड पर संचालित है। इसी सप्ताह लोड बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।
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देर से मिली सामग्री, अब काम ने पकड़ी रफ्तार
-जेबीगंज उपकेंद्र का लोड कम करने के लिए उचौलिया के कोइलछा गांव में पांच एमवीए नया उपकेंद्र स्वीकृत हुआ, लेकिन समय पर सामग्री न मिलने से इसका संचालन शुरू नहीं हो सका। पिछले दिनों अमर उजाला ने यह मुद्दा उठाया तो शासन से सामग्री उपलब्ध कराई गई। सामग्री मिलते ही काम तेजी से कराया जा रहा है। एक से दो माह में काम पूरा होने की उम्मीद है।
दोनों उपकेंद्रों पर तैनाती की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। स्टाफ तैनात होते ही दोनों उपकेंद्रों का संचालन शुरू करा दिया जाएगा। उचौलिया के कोइलछा उपकेंद्र का काम भी तेजी से कराया जा रहा है।
-शुभम मौर्य, एसडीओ मोहम्मदी