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Lakhimpur Kheri News: ग्रंट नंबर 12 के दो और घर शारदा में समाए
Mon, 18 Aug 2025 11:40 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 18 Aug 2025 11:40 PM IST
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ग्रंट नंबर 12 गांव में नदी में समाता घर।संवाद
निघासन। शारदा नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। निघासन तहसील क्षेत्र के ग्रंट नंबर 12 गांव में कटान ने लोगों की नींद उड़ा दी है। यहां भीषण कटान के चलते बीते 24 घंटों में दो और घर शारदा नदी में समा गए। 13 दिन में अब तक नौ घर और एक प्राचीन शिव मंदिर नदी में समा चुका है। खेत-खलिहान तो पहले ही नदी की भेंट चढ़ गए थे। अब आबादी पर भी लगातार खतरा मंडरा रहा है।
वंदना देवी पत्नी जयपाल और कामिनी देवी पत्नी रमेश का घर रविवार रात से सोमवार सुबह तक शारदा नदी की लहरों में समा गया। इससे पहले सुमन देवी, राजकुमारी, राम सिंह, संतोष, कमला देवी, कमलू और विजय कुमार के मकान नदी की जद में आ चुके हैं। गांव का शिव मंदिर भी कुछ दिन पहले शारदा की तेज धारा में विलीन हो गया। कटान की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग अपने कच्चे-पक्के घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकलने को मजबूर हो गए हैं। हर किसी के मन में यही डर समाया है कि अगला नंबर कहीं उनका तो नहीं।
लेखपाल श्याम नंदन मिश्रा ने बताया कि अब तक नौ घर पूरी तरह नदी में समा चुके हैं। राजस्व टीम हालात पर नजर रखे हुए है। सिंचाई विभाग कटान रोकने की कोशिश कर रहा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
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एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि शारदा नदी से प्रभावित प्रत्येक पीड़ित को दैवीय आपदा मद से 1.20 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। ग्रामीणों से सतर्क रहने, आपात स्थिति की जानकारी देने की अपील की है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि शारदा की लहरें पलक झपकते ही खेत और घर दोनों को निगल रही हैं। दिन-रात डर का साया मंडरा रहा है और गांव वालों की बेचैनी हर गुजरते पल के साथ बढ़ती जा रही है।
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वंदना देवी पत्नी जयपाल और कामिनी देवी पत्नी रमेश का घर रविवार रात से सोमवार सुबह तक शारदा नदी की लहरों में समा गया। इससे पहले सुमन देवी, राजकुमारी, राम सिंह, संतोष, कमला देवी, कमलू और विजय कुमार के मकान नदी की जद में आ चुके हैं। गांव का शिव मंदिर भी कुछ दिन पहले शारदा की तेज धारा में विलीन हो गया। कटान की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि लोग अपने कच्चे-पक्के घर छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में निकलने को मजबूर हो गए हैं। हर किसी के मन में यही डर समाया है कि अगला नंबर कहीं उनका तो नहीं।
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लेखपाल श्याम नंदन मिश्रा ने बताया कि अब तक नौ घर पूरी तरह नदी में समा चुके हैं। राजस्व टीम हालात पर नजर रखे हुए है। सिंचाई विभाग कटान रोकने की कोशिश कर रहा है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।
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एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि शारदा नदी से प्रभावित प्रत्येक पीड़ित को दैवीय आपदा मद से 1.20 लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। ग्रामीणों से सतर्क रहने, आपात स्थिति की जानकारी देने की अपील की है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि शारदा की लहरें पलक झपकते ही खेत और घर दोनों को निगल रही हैं। दिन-रात डर का साया मंडरा रहा है और गांव वालों की बेचैनी हर गुजरते पल के साथ बढ़ती जा रही है।