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Lakhimpur Kheri News: युवक की हत्या में 18 साल बाद दो को उम्रकैद
Fri, 17 Jul 2026 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 17 Jul 2026 11:14 PM IST
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लखीमपुर खीरी। अवैध संबंध के शक में युवक की हत्या के 18 साल पुराने मामले में जिला जज शिवकुमार सिंह ने शुक्रवार को दो दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। दोनों पर 30-30 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया। वसूले गए जुर्माने की आधी राशि वादी मुकदमा को देने का आदेश दिया है।
गोला क्षेत्र के ग्राम मुड़िया मिस्र निवासी ओमप्रकाश वर्मा अपने पुत्र बबलू और परिवार के साथ रोजी-रोटी की तलाश में हल्द्वानी के राजपुरा गांव में बस गए थे। कोर्ट में पेशी होने पर बबलू 25 नवंबर 2008 को लखीमपुर आया था। कई दिन बाद भी नहीं लौटने पर पिता ओमप्रकाश परिवार सहित उसकी तलाश में लखीमपुर निकले।
तीन दिसंबर, 2008 को परिवार लखीमपुर आ रहा था, तभी कोतवाली सदर के फत्तेपुर निवासी दिनेश वर्मा की पत्नी पूनम वर्मा रात करीब एक बजे बरेली के भोजीपुरा स्टेशन पर बदहवास हालत में मिलीं। उन्होंने बताया कि उनके पति दिनेश वर्मा ने पड़री मोहन गांव निवासी अपने मौसा रामनरेश उर्फ सियाराम और अच्छेलाल पासी के साथ मिलकर अवैध संबंध के शक में बबलू की हत्या कर शव कंबल में लपेटकर सेठघाट पर उल्ल नदी में फेंक दिया है। हत्यारों ने उन्हें भी कमरे में बंधक बनाया था, लेकिन पति के शौच के लिए जाने पर वह उनके चंगुल से भाग निकलीं।
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पुलिस ने सेठघाट पर उल्ल नदी के पास तलाश की गई तो कंबल में लिपटा बबलू का शव मिला। सुनवाई के दौरान पिता ओमप्रकाश, पूनम वर्मा और रामू ने प्रमुख रूप से बयान दर्ज कराए। शुक्रवार को जिला जज शिवकुमार सिंह ने दिनेश वर्मा और अच्छेलाल पासी को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। तीसरे आरोपी रामनरेश की मौत हो चुकी है।
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गोला क्षेत्र के ग्राम मुड़िया मिस्र निवासी ओमप्रकाश वर्मा अपने पुत्र बबलू और परिवार के साथ रोजी-रोटी की तलाश में हल्द्वानी के राजपुरा गांव में बस गए थे। कोर्ट में पेशी होने पर बबलू 25 नवंबर 2008 को लखीमपुर आया था। कई दिन बाद भी नहीं लौटने पर पिता ओमप्रकाश परिवार सहित उसकी तलाश में लखीमपुर निकले।
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तीन दिसंबर, 2008 को परिवार लखीमपुर आ रहा था, तभी कोतवाली सदर के फत्तेपुर निवासी दिनेश वर्मा की पत्नी पूनम वर्मा रात करीब एक बजे बरेली के भोजीपुरा स्टेशन पर बदहवास हालत में मिलीं। उन्होंने बताया कि उनके पति दिनेश वर्मा ने पड़री मोहन गांव निवासी अपने मौसा रामनरेश उर्फ सियाराम और अच्छेलाल पासी के साथ मिलकर अवैध संबंध के शक में बबलू की हत्या कर शव कंबल में लपेटकर सेठघाट पर उल्ल नदी में फेंक दिया है। हत्यारों ने उन्हें भी कमरे में बंधक बनाया था, लेकिन पति के शौच के लिए जाने पर वह उनके चंगुल से भाग निकलीं।
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पुलिस ने सेठघाट पर उल्ल नदी के पास तलाश की गई तो कंबल में लिपटा बबलू का शव मिला। सुनवाई के दौरान पिता ओमप्रकाश, पूनम वर्मा और रामू ने प्रमुख रूप से बयान दर्ज कराए। शुक्रवार को जिला जज शिवकुमार सिंह ने दिनेश वर्मा और अच्छेलाल पासी को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। तीसरे आरोपी रामनरेश की मौत हो चुकी है।