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शिकार नियंत्रण और तलाशी के बारे में दी गई जानकारी
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दुधवा में आयोजित कार्यशाला में बोलते डीडी।
- फोटो : LAKHIMPUR
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पलियाकलां। दुधवा पर्यटन परिसर में डब्लूडब्लूएफ एवं दुधवा टाइगर रिजर्व के संयुक्त तत्वावधान में पार्क में तैनात स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के जवानों के लिए एक दिवसीय रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें उनके कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गईं। एसटीपीएफ के कमांडेंट ने शिकार नियंत्रण और तलाशी के बारे में जानकारी दी गई।
दुधवा पर्यटन परिसर में आयोजित प्रशिक्षण का उद्घाटन मुख्य अतिथि डीडी मनोज सोनकर ने किया। उन्होंने दुधवा की जैव विविधताओं, इलाके की जानकारी, समस्याओं एवं चुनौतियों के बारे में बताने के अलावा एसटीपीएफ के कार्यो के बारे में भी बताया। प्रशिक्षण में दुधवा टाइगर रिजर्व लखीमपुर के वन अधिवक्ता गण राकेश श्रीवास्तव एडवोकेट एवं संजय राय एडवोकेट ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं एवं दंड प्रावधान के साथ ही वन्यजीव अपराध के केसों के बारे में जानकारी दी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में मानव वन्यजीव संघर्ष की समस्या अत्यधिक है और एसटीपीएफ की भूमिका उसको रोकने में महत्वपूर्ण है। मानव वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीवों के अंगों की तस्करी, उनके रास्तों, शिकार के तरीकों, अपराध नियंत्रण और मानव अधिकार के बारे में प्रेजेंटेंशन दिया गया। कार्यशाला में एसटीपीएफ के कमांडेंट अभिनव कुमार ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण दुधवा बफर जोन के संपूर्णानगर, करतनिया घाट, मोतीपुर रेंज में किए जा चुके हैं। कमांडेंट ने गश्त के तरीके एवं अन्य शिकार नियंत्रण और सर्च तलाशी के बारे में जानकारी दी। इस दौरान एसटीपीएफ का स्टाफ मौजूद रहा।
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दुधवा पर्यटन परिसर में आयोजित प्रशिक्षण का उद्घाटन मुख्य अतिथि डीडी मनोज सोनकर ने किया। उन्होंने दुधवा की जैव विविधताओं, इलाके की जानकारी, समस्याओं एवं चुनौतियों के बारे में बताने के अलावा एसटीपीएफ के कार्यो के बारे में भी बताया। प्रशिक्षण में दुधवा टाइगर रिजर्व लखीमपुर के वन अधिवक्ता गण राकेश श्रीवास्तव एडवोकेट एवं संजय राय एडवोकेट ने वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न धाराओं एवं दंड प्रावधान के साथ ही वन्यजीव अपराध के केसों के बारे में जानकारी दी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी दबीर हसन ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में मानव वन्यजीव संघर्ष की समस्या अत्यधिक है और एसटीपीएफ की भूमिका उसको रोकने में महत्वपूर्ण है। मानव वन्यजीव संघर्ष प्रबंधन एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वन्यजीवों के अंगों की तस्करी, उनके रास्तों, शिकार के तरीकों, अपराध नियंत्रण और मानव अधिकार के बारे में प्रेजेंटेंशन दिया गया। कार्यशाला में एसटीपीएफ के कमांडेंट अभिनव कुमार ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण दुधवा बफर जोन के संपूर्णानगर, करतनिया घाट, मोतीपुर रेंज में किए जा चुके हैं। कमांडेंट ने गश्त के तरीके एवं अन्य शिकार नियंत्रण और सर्च तलाशी के बारे में जानकारी दी। इस दौरान एसटीपीएफ का स्टाफ मौजूद रहा।
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