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ऐरा मिल में संदिग्ध हालात में गई ट्रैक्टर चालक की जान
अमर उजाला ब्यूरो खमरिया।
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:25 AM IST
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accident
- फोटो : अमर उजाला
सीतापुर जिले के लहरपुर थाना की ग्राम सभा निबौरी के मजरा रउसीपुर कलां निवासी 42 वर्षीय मुनीम इसी थाना क्षेत्र के गांव मरसंडा निवासी सत्यप्रकाश वर्मा के ट्रैक्टर का चालक है। वह तीन दिन से गन्ना यार्ड में खड़ा अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहा था। शनिवार की सुबह करीब आठ बजे मुनीम की अचानक हालत बिगड़ गई। सूचना पर पहुंचे मिल प्रशासन ने उसे मिल अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने उसे सीएचसी रेफर कर दिया। जहां से रेफर करने पर लखीमपुर जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। जिला अस्पताल के डॉक्टर ने मुनीम को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मिल यार्ड में मौजूद सैकड़ों किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। मिल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का आरोप है कि भीषण ठंड के बाद भी मिल प्रशासन ने कोई अलाव नहीं जलवाए। किसानों को दी जाने वाली अन्य मूलभूत सुविधाएं भी नहीं हैं। किसानों के हंगामे के चलते मिल बंद हो गी। बवाल होने की सूचना पर एसडीएम धौरहरा घनश्याम त्रिपाठी, प्रभारी कोतवाल बृजेश त्रिपाठी, थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी भी मौके पर आ गए। मृतक की दयनीय दशा देखकर क्षेत्रीय विधायक ने एसडीएम को मिल की तरफ से तत्काल राहत दिलाने के निर्देश दिए। इस पर एसडीएम और थानाध्यक्ष ईसानगर ने मृतक के घर वालों और मिल प्रबंधन के बीच मध्यस्थता की और तत्काल राहत के नाम पर मृतक की पत्नी मीरा को 50 हजार रुपये नकद दिलाऐ। जिसके बाद परिजनों ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
चीनी मिल यार्ड में किसान की हालत बिगड़ने की सूचना मिलते ही तत्परता से उसे अस्पताल ले जाया गया था। रेफर होने के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मिल प्रबंधन ने चालक के परिवार वालों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की है। मिल यार्ड में किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं, लेकिन इसके बाद भी यदि कोई कमी रह गई है तो उसे पूरा किया जाएगा।
आलोक सक्सेना, अधिशासी अध्यक्ष-गोविंद शुगर मिल
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चीनी मिल यार्ड में किसान की हालत बिगड़ने की सूचना मिलते ही तत्परता से उसे अस्पताल ले जाया गया था। रेफर होने के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। मिल प्रबंधन ने चालक के परिवार वालों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की है। मिल यार्ड में किसानों के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं, लेकिन इसके बाद भी यदि कोई कमी रह गई है तो उसे पूरा किया जाएगा।
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आलोक सक्सेना, अधिशासी अध्यक्ष-गोविंद शुगर मिल