{"_id":"5e11bee28ebc3e87e618c23e","slug":"tiger-lakhimpur-news-bly390741971","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ को सामने खड़ा देख वाहनों के थमे पहिये","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ को सामने खड़ा देख वाहनों के थमे पहिये
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी और दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज की सीमा पर स्थित कलिंजरपुर जंगल और इससे सटे बरौंछा नाले से निकला एक बाघ शनिवार रात करीब नौ बजे बांकेगंज- कुकरा पर स्थित लोहिया पुल पर पहुंच गया। इस दौरान उधर से गुजर रहे बाइक और चौपहिया वाहन सवारों को हेडलाइट की रोशनी में बीच पुल पर एक बाघ खड़ा दिखाई दिया। यह देख उनके होश उड़ गए और चालकों ने तेज ब्रेक लगाकर किसी तरह वाहनों को रोका।
कार सवारों के मुताबिक ब्रेक लगाने पर उनके पीछे और सामने से आ रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन खड़े कर लिए और हेडलाइट जलती छोड़ दी ताकि बाघ रास्ते से हट जाए। इसमें कुकरा की ओर से आ रहा एक बाइक सवार लड़खड़ाकर जमीन पर गिर गया। साथ ही बाघ के बीच पुल पर खड़े होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। करीब 10 मिनट बाद बाघ जंगल से सटे गन्ने के खेत में चला गया। तब जाकर वाहन चालकों ने राहत की सांस ली और अपने वाहन तेज रफ्तार से दौड़ाते हुए घरों की ओर चले गए।
जानकारी मिलते ही जंगल में गश्त कर रहे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर मौके पर पहुंच गए लेकिन इससे पहले ही बाघ वहां से चला गया। वनकर्मियों ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए बरौंछा नाला और लोहिया पुल से सटे खेतों की कांबिग की तो गन्ने के खेत किनारे बाघ के पगचिह्न देखकर बाघ के होने की पुष्टि की। रेंजर मैलानी केपी सिंह ने बताया कि शनिवार की शाम पुल पर एक बाघ के आने की सूचना मिली है। वनकर्मियों की टीम बाघ की निगरानी कर रही है। राहगीरों और वाहन चालकों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार सवारों के मुताबिक ब्रेक लगाने पर उनके पीछे और सामने से आ रहे वाहन चालकों ने अपने वाहन खड़े कर लिए और हेडलाइट जलती छोड़ दी ताकि बाघ रास्ते से हट जाए। इसमें कुकरा की ओर से आ रहा एक बाइक सवार लड़खड़ाकर जमीन पर गिर गया। साथ ही बाघ के बीच पुल पर खड़े होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। करीब 10 मिनट बाद बाघ जंगल से सटे गन्ने के खेत में चला गया। तब जाकर वाहन चालकों ने राहत की सांस ली और अपने वाहन तेज रफ्तार से दौड़ाते हुए घरों की ओर चले गए।
विज्ञापन
जानकारी मिलते ही जंगल में गश्त कर रहे फॉरेस्टर मोहम्मद उमर मौके पर पहुंच गए लेकिन इससे पहले ही बाघ वहां से चला गया। वनकर्मियों ने बाघ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए बरौंछा नाला और लोहिया पुल से सटे खेतों की कांबिग की तो गन्ने के खेत किनारे बाघ के पगचिह्न देखकर बाघ के होने की पुष्टि की। रेंजर मैलानी केपी सिंह ने बताया कि शनिवार की शाम पुल पर एक बाघ के आने की सूचना मिली है। वनकर्मियों की टीम बाघ की निगरानी कर रही है। राहगीरों और वाहन चालकों को सतर्कता बरतनी चाहिए।
विज्ञापन