{"_id":"5e0a39268ebc3e87d30c6431","slug":"tiger-lakhimpur-news-bly3900809118","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाघ के हमले में दो घायल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाघ के हमले में दो घायल
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गोला गोकर्णनाथ-ममरी (लखीमपुर खीरी)। क्षेत्र मे गन्ने के खेतों में छिपे बाघ और तेंदुए के हमले थम नहीं रहे है। सोमवार को खेत में गन्ना छीलने के दौरान बाघ ने इतनी फुर्ती से लालबिहारी (65) पर हमला किया कि वह संभल भी नहीं सका और कुछ ही देर में बाघ उन्हें घसीटते हुए खेत की ओर ले गया। वहीं कुछ दूर स्थित खेत में गन्ना छील रहे रमेश पंडित (42) की चीख निकलते ही आसपास के खेतों में काम कर रहे कई किसान लाठी डंडे लेकर दौड़ पड़े, इससे उसकी जान बचा गई। फिलहाल दोनो घटनाओं से ग्रामीण दहशत में हैं। बाघों के हमल ने उनकी रात की नींद और दिन का चैन छीन लिया है।
सोमवार दोपहर गांव बुधेलीनानकार निवासी लालबिहारी (65) अपने गेहूं के खेत की रखवाली करने के लिए खेत पर गए थे। वह खेत में गन्ना छील रहे थे तभी खेत में बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया और पड़ोस के रामचंद्र के खेत में उन्हें खींच ले गया। शाम तक जब लालबिहारी घर नहीं आए तो परिवार वालों को चिंता हुई और उन्हें खोजने निकल पड़े, जिनका शव क्षत विक्षत हालत में पड़ा मिला। शरीर से एक पैर एक हाथ गायब था। शव देखते ही परिजने में चीख पुकार मच गई।
इधर,दोपहर को गांव निवासी रमेश पंडित (42) अपने खेत पर गन्ना छील रहा था। तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया। उसकी चीख सुन पड़ोस के खेत में काम कर रहे ग्रामीण शोर मचाते हुए लाठी डंडे लेकर उस ओर दौड़े तो बाघ उसे गंभीरावस्था में छोड़कर गन्ने के खेत में भाग गया। परिवार वाले आनन फानन में उसे लेकर गोला सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेज दिया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। ग्राम प्रधान मूलचंद राठौर की सूचना पर रेंजर मोबीन आरिफ और हैदराबाद एसओ धर्मदास सिद्धार्थ दलबल के साथ गांव पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों, परिजन से जानकारी ली।
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नीलगाय को भी बनाया निवाला
हैदराबाद थाना क्षेत्र के भिम्मापुर गांव की आबादी के पास सिद्धन तालाब पर बाघ ने नीलगाय पर हमला कर निवाला बना लिया। खेतों में बाघ के पगचिह्न, अधखाया शव पड़ा देख लोगों के होश उड़ गए। फारेस्टर रामप्रसाद जगदीश वर्मा, लालाराम ने अधखाया शव, बाघ के पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि बाघ भिम्मापुर, परेली गांव के बीच गन्ने के खेतों में है।
प्रधान ने बाघ पकड़वाने की मांग की
बाघ के बढ़ते हमलों से भयभीत प्रधान बिजेंद्र पटेल ने एसडीएम अखिलेश यादव के माध्यम से प्रार्थनापत्र डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और डीएफओ समीर कुमार को भेजकर बाघ को शीघ्र पकड़वाने की मांग की है।
कांबिंग के नाम पर उछलकूद करते रहे वनकर्मी
हैदराबाद थाना और महेशपुर रेंज की देवीपुर बीट क्षेत्र में बाघ के हमले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। जिससे आए दिन ग्रामीण और मवेशी जान गवां रहे हैं। वनकर्मी, एसटीपीएफ जवान कांबिंग के नाम पर उछलकूद कर क्षेत्रवासियों को महीनों से केवल भरमाने में जुटे हैं वहीं दूसरी ओर बाघ की घटनाओं पर रोक लगने की बजाए आतंक बढ़ता जा रहा है। इधर 15 दिनों से क्षेत्र के नरसिंहपुर, बुधेलीनानकार, परवस्तनगर, वन बुधेली, अयोध्यापुर, सुंदरपुर, झारा, ममरी, परेली, भिम्मापुर, परसेला, बरगदिया आदि के दर्जनों गांवों में दो बाघ विचरण करते देखे जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों के साथ हो रही घटनाओं पर वन विभाग के कर्मचारी गंभीर दिखाई नहीं दे रहे। ऐसा कोई दिन नहीं जब क्षेत्र में कहीं न कहीं बाघ हमले की घटना न होती हो।
न डंडा, न रायफल ऐसे वनकर्मी करते हैं कांबिंग
वनकर्मी, एसटीपीएफ जवान कांबिंग और घटनास्थल के निरीक्षण कर अपनी कार्रवाई की इतिश्री कर लेते हैं। कई क्षेत्रवासियों, दर्जनों मवेशियों की बाघ हमले में मौत के बाद भी वनविभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने बाघ को पकड़वाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जबकि वनकर्मी स्वयं बाघ के हमलों की पुष्टि भी करते हैं। लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में विचरण कर रहे बाघ की तस्वीर भी कैद हो रही है। फिर भी लापरवाह वनविभाग के अधिकारी, कर्मचारी क्षेत्र में हो रही मौतों पर संवेदना शून्य हो गए हैं। कई दिनों से देखा जा रहा है कि ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मी निहत्थे कांबिंग पर निकल पड़ते हैं और गांव वालों को साथ लेकर गन्ने के खेतों के बाहर चक्कर लगाकर लौट जाते हैं।
मजदूरी पेशा था लालबिहारी
महेशपुर रेंज की देवीपुर बीट और हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बुधेली नानकार के नाम एक बीघा जमीन है। दो पुत्र दिनेश और रामाधार की शादी हो चुकी है। पत्नी, पोती, पोता से भरा डेढ़ दर्जन लोगों के परिवार का भरण पोषण मजदूरी से ही होता था। लालबिहारी की मौत से परिवार के लोग टूट गए हैं। जिनका रो रोकर बुरा हाल है।
मोहम्मदी रेंज के देवीपुर बीट में बाघ के हमले
09 नवंबर- तिलोकपुर निवासी नन्हेलाल बाघ के हमले में घायल
06 दिसंबर- बाघ ने सांड़ को बनाया निवाला, वनरक्षक श्यामकिशोर शुक्ला बाल बाल बचे
08 दिसंबर - बाघ ने परसेला गांव में बकरी को बनाया निवाला,अंकित (14) बाल बाल बचा
12 दिसंबर- गनेशपुर का अनीस खान बाघ के हमले में बाल बाल बचा
19 दिसंबर - बाघ ने तकिया गांव में सांड़ को बनाया निवाला
23 दिसंबर- बाघ के हमले में बचा ममरी का मजदूर संतोष कुमार
26 दिसंबर- बाघ ने नरसिंहपुर में बछड़े को बनाया निवाला
30 दिसंबर- लाल बिहारी (65) निवासी ग्राम बुधेलीनानकार थाना हैदराबाद को बाध ने निवाला बनाया
30 दिसंबर-रमेश पंडित (42) निवासी ग्राम बुधेलीनानकार थाना हैदराबाद, बाघ के हमले में घायल
ग्रामीणों की सूचना पर प्रतिदिन गांव में कांबिंग कराई जाती है। बुधेली नानकार में लालबिहारी की मौत की सूचना पर गांव पहुंचे हैं। जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। परिवार के प्रति पूरी हमदर्दी है।
-मोबीन आरिफ, रेंजर, मोहम्मदी महेशपुर रेंज
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सोमवार दोपहर गांव बुधेलीनानकार निवासी लालबिहारी (65) अपने गेहूं के खेत की रखवाली करने के लिए खेत पर गए थे। वह खेत में गन्ना छील रहे थे तभी खेत में बैठे बाघ ने उस पर हमला कर दिया और पड़ोस के रामचंद्र के खेत में उन्हें खींच ले गया। शाम तक जब लालबिहारी घर नहीं आए तो परिवार वालों को चिंता हुई और उन्हें खोजने निकल पड़े, जिनका शव क्षत विक्षत हालत में पड़ा मिला। शरीर से एक पैर एक हाथ गायब था। शव देखते ही परिजने में चीख पुकार मच गई।
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इधर,दोपहर को गांव निवासी रमेश पंडित (42) अपने खेत पर गन्ना छील रहा था। तभी बाघ ने उस पर हमला कर दिया। उसकी चीख सुन पड़ोस के खेत में काम कर रहे ग्रामीण शोर मचाते हुए लाठी डंडे लेकर उस ओर दौड़े तो बाघ उसे गंभीरावस्था में छोड़कर गन्ने के खेत में भाग गया। परिवार वाले आनन फानन में उसे लेकर गोला सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेज दिया, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। ग्राम प्रधान मूलचंद राठौर की सूचना पर रेंजर मोबीन आरिफ और हैदराबाद एसओ धर्मदास सिद्धार्थ दलबल के साथ गांव पहुंचे और घटना स्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों, परिजन से जानकारी ली।
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नीलगाय को भी बनाया निवाला
हैदराबाद थाना क्षेत्र के भिम्मापुर गांव की आबादी के पास सिद्धन तालाब पर बाघ ने नीलगाय पर हमला कर निवाला बना लिया। खेतों में बाघ के पगचिह्न, अधखाया शव पड़ा देख लोगों के होश उड़ गए। फारेस्टर रामप्रसाद जगदीश वर्मा, लालाराम ने अधखाया शव, बाघ के पगचिह्न मिलने की पुष्टि कर बताया कि बाघ भिम्मापुर, परेली गांव के बीच गन्ने के खेतों में है।
प्रधान ने बाघ पकड़वाने की मांग की
बाघ के बढ़ते हमलों से भयभीत प्रधान बिजेंद्र पटेल ने एसडीएम अखिलेश यादव के माध्यम से प्रार्थनापत्र डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और डीएफओ समीर कुमार को भेजकर बाघ को शीघ्र पकड़वाने की मांग की है।
कांबिंग के नाम पर उछलकूद करते रहे वनकर्मी
हैदराबाद थाना और महेशपुर रेंज की देवीपुर बीट क्षेत्र में बाघ के हमले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। जिससे आए दिन ग्रामीण और मवेशी जान गवां रहे हैं। वनकर्मी, एसटीपीएफ जवान कांबिंग के नाम पर उछलकूद कर क्षेत्रवासियों को महीनों से केवल भरमाने में जुटे हैं वहीं दूसरी ओर बाघ की घटनाओं पर रोक लगने की बजाए आतंक बढ़ता जा रहा है। इधर 15 दिनों से क्षेत्र के नरसिंहपुर, बुधेलीनानकार, परवस्तनगर, वन बुधेली, अयोध्यापुर, सुंदरपुर, झारा, ममरी, परेली, भिम्मापुर, परसेला, बरगदिया आदि के दर्जनों गांवों में दो बाघ विचरण करते देखे जा रहे हैं। क्षेत्रवासियों के साथ हो रही घटनाओं पर वन विभाग के कर्मचारी गंभीर दिखाई नहीं दे रहे। ऐसा कोई दिन नहीं जब क्षेत्र में कहीं न कहीं बाघ हमले की घटना न होती हो।
न डंडा, न रायफल ऐसे वनकर्मी करते हैं कांबिंग
वनकर्मी, एसटीपीएफ जवान कांबिंग और घटनास्थल के निरीक्षण कर अपनी कार्रवाई की इतिश्री कर लेते हैं। कई क्षेत्रवासियों, दर्जनों मवेशियों की बाघ हमले में मौत के बाद भी वनविभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने बाघ को पकड़वाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए, जबकि वनकर्मी स्वयं बाघ के हमलों की पुष्टि भी करते हैं। लगाए गए सीसीटीवी कैमरों में विचरण कर रहे बाघ की तस्वीर भी कैद हो रही है। फिर भी लापरवाह वनविभाग के अधिकारी, कर्मचारी क्षेत्र में हो रही मौतों पर संवेदना शून्य हो गए हैं। कई दिनों से देखा जा रहा है कि ग्रामीणों की सूचना पर वनकर्मी निहत्थे कांबिंग पर निकल पड़ते हैं और गांव वालों को साथ लेकर गन्ने के खेतों के बाहर चक्कर लगाकर लौट जाते हैं।
मजदूरी पेशा था लालबिहारी
महेशपुर रेंज की देवीपुर बीट और हैदराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम बुधेली नानकार के नाम एक बीघा जमीन है। दो पुत्र दिनेश और रामाधार की शादी हो चुकी है। पत्नी, पोती, पोता से भरा डेढ़ दर्जन लोगों के परिवार का भरण पोषण मजदूरी से ही होता था। लालबिहारी की मौत से परिवार के लोग टूट गए हैं। जिनका रो रोकर बुरा हाल है।
मोहम्मदी रेंज के देवीपुर बीट में बाघ के हमले
09 नवंबर- तिलोकपुर निवासी नन्हेलाल बाघ के हमले में घायल
06 दिसंबर- बाघ ने सांड़ को बनाया निवाला, वनरक्षक श्यामकिशोर शुक्ला बाल बाल बचे
08 दिसंबर - बाघ ने परसेला गांव में बकरी को बनाया निवाला,अंकित (14) बाल बाल बचा
12 दिसंबर- गनेशपुर का अनीस खान बाघ के हमले में बाल बाल बचा
19 दिसंबर - बाघ ने तकिया गांव में सांड़ को बनाया निवाला
23 दिसंबर- बाघ के हमले में बचा ममरी का मजदूर संतोष कुमार
26 दिसंबर- बाघ ने नरसिंहपुर में बछड़े को बनाया निवाला
30 दिसंबर- लाल बिहारी (65) निवासी ग्राम बुधेलीनानकार थाना हैदराबाद को बाध ने निवाला बनाया
30 दिसंबर-रमेश पंडित (42) निवासी ग्राम बुधेलीनानकार थाना हैदराबाद, बाघ के हमले में घायल
ग्रामीणों की सूचना पर प्रतिदिन गांव में कांबिंग कराई जाती है। बुधेली नानकार में लालबिहारी की मौत की सूचना पर गांव पहुंचे हैं। जानकारी उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। परिवार के प्रति पूरी हमदर्दी है।
-मोबीन आरिफ, रेंजर, मोहम्मदी महेशपुर रेंज