{"_id":"6a98627c01c0ff808d0163dd","slug":"a-flyover-bridge-will-be-built-at-the-end-of-the-magalganj-bypass-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1036-183928-2026-09-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: मैगलगंज बाइपास के अंतिम छोर पर बनेगा फ्लाईओवर ब्रिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: मैगलगंज बाइपास के अंतिम छोर पर बनेगा फ्लाईओवर ब्रिज
Wed, 02 Sep 2026 11:23 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 02 Sep 2026 11:23 PM IST
विज्ञापन
इस स्थान पर बनेगा ओवरब्रिज। संवाद
मैगलगंज। बाइपास पर बढ़ते यातायात और लगातार हो रहे सड़क हादसों को देखते हुए क्षेत्रवासियों के लिए राहत की खबर है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के प्रस्ताव को सरकार ने मंजूरी दे दी है।
बरेली-सीतापुर की ओर जाने वाले बाइपास के अंतिम छोर पर पिलर संख्या 380 के पास ओवरब्रिज बनाया जाएगा। फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसकी लंबाई करीब 30 मीटर और ऊंचाई 5.5 मीटर होगी। दोनों तरफ सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। इससे वाहन चालकों को ओवरब्रिज पर आसानी से चढ़ने-उतरने की सुविधा मिलेगी।
एनएचएआई ने परियोजना रोड सेफ्टी को ध्यान में रखकर तैयार की है। फ्लाईओवर ब्रिज बनने के बाद बाइपास पर वाहनों का आवागमन सुगम होने के साथ जाम और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
-- -- --
दूसरे छोर के लिए भी कवायद शुरू
मैगलगंज बाइपास के दूसरे छोर (जो रहजनिया गांव की ओर पड़ता है) को भी एनएचएआई ने टेकअप में ले लिया है। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए भी प्रस्ताव की प्रक्रिया चल रही है। दो से तीन माह में इसकी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। यहां भी ओवरब्रिज की मंजूरी मिलने पर बाइपास के दोनों छोर पर यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। हादसों से भी राहत मिलेगी।
-- -- -- -- -- -- -
रोड सेफ्टी व सड़क हादसों में कमी लाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। टेंडर प्रक्रिया के बाद इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
-दीपक कुमार, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई
विज्ञापन
बरेली-सीतापुर की ओर जाने वाले बाइपास के अंतिम छोर पर पिलर संख्या 380 के पास ओवरब्रिज बनाया जाएगा। फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण में करीब 50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसकी लंबाई करीब 30 मीटर और ऊंचाई 5.5 मीटर होगी। दोनों तरफ सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। इससे वाहन चालकों को ओवरब्रिज पर आसानी से चढ़ने-उतरने की सुविधा मिलेगी।
विज्ञापन
एनएचएआई ने परियोजना रोड सेफ्टी को ध्यान में रखकर तैयार की है। फ्लाईओवर ब्रिज बनने के बाद बाइपास पर वाहनों का आवागमन सुगम होने के साथ जाम और दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। टेंडर प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरे छोर के लिए भी कवायद शुरू
मैगलगंज बाइपास के दूसरे छोर (जो रहजनिया गांव की ओर पड़ता है) को भी एनएचएआई ने टेकअप में ले लिया है। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, इसके लिए भी प्रस्ताव की प्रक्रिया चल रही है। दो से तीन माह में इसकी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। यहां भी ओवरब्रिज की मंजूरी मिलने पर बाइपास के दोनों छोर पर यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी। हादसों से भी राहत मिलेगी।
रोड सेफ्टी व सड़क हादसों में कमी लाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। टेंडर प्रक्रिया के बाद इसका निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
-दीपक कुमार, डिप्टी मैनेजर, एनएचएआई