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अयोध्यापुर के पास ठिकाना बनाए है बाघ
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ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के गांव अयोध्यापुर निवासी टीकाराम की भैंस को निवाला बनाने वाला बाघ अब तक गन्ने के खेतों में ही विचरण कर रहा है, जिससे वहां के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
अयोध्यापुर के पूर्व प्रधान डोरेलाल और ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह पहले कठिना नदी के नाऊघाट पर मवेशी चराने गए टीकाराम की एक भैंस पर गन्ने में छिपे बाघ ने हमला कर निवाला बना लिया था। तभी से बाघ वहां विचरण कर रहा है, जिसके पगचिह्न निरंतर खेतों में बने मिल रहे हैं। इस वजह से किसान गन्ने की छिलाई करने से घबरा रहें हैं। वहीं वनकर्मी भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। फॉरेस्टर रामप्रसाद का कहना है कि यह पुरानी घटना है और अयोध्यापुर गांव से कठिना नदी तक गन्ने का जंगल है। जहां बाघ की लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है। फिर भी उसकी चहलकदमी पर नजर रखी जा रही है। संवाद
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अयोध्यापुर के पूर्व प्रधान डोरेलाल और ग्रामीणों का कहना है कि एक सप्ताह पहले कठिना नदी के नाऊघाट पर मवेशी चराने गए टीकाराम की एक भैंस पर गन्ने में छिपे बाघ ने हमला कर निवाला बना लिया था। तभी से बाघ वहां विचरण कर रहा है, जिसके पगचिह्न निरंतर खेतों में बने मिल रहे हैं। इस वजह से किसान गन्ने की छिलाई करने से घबरा रहें हैं। वहीं वनकर्मी भी कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। फॉरेस्टर रामप्रसाद का कहना है कि यह पुरानी घटना है और अयोध्यापुर गांव से कठिना नदी तक गन्ने का जंगल है। जहां बाघ की लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल हो रहा है। फिर भी उसकी चहलकदमी पर नजर रखी जा रही है। संवाद
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