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बाघ ने बैल को बनाया निवाला
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सुंदरपुर में ग्रामीणों संग कांबिंग करते वनकर्मी।
- फोटो : LAKHIMPUR
ममरी (लखीमपुर खीरी)। मोहम्मदी-महेशपुर रेंज क्षेत्र के गांव सुंदरपुर और अयोध्यापुर के बीच महीने भर से गन्ने के खेतों में घूम रहे बाघ ने सोमवार शाम एक बैल पर हमला कर उसे मार डाला। ग्रामीणों का दावा है कि क्षेत्र में दो बाघ हैं, क्योंकि दूसरा बाघ सुंदरपुर जाने वाले रोड पर बैठा दिखा। सूचना पर पहुंचे वनकर्मियों, एसटीपीएफ जवानों ने बाघ के हमले, अधखाया शव मिलने की पुष्टि कर कांबिंग शुरू कर दी है।
सुंदरपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा, वीरेंद्र कुमार, अवधेश, श्रीकृष्ण, रामकृपाल, श्रीपाल, बाबूराम आदि ने बताया कि अयोध्यापुर के वीरेंद्र वर्मा का खेत सुंदरपुर गांव के पास है। सोमवार शाम गन्ने में छिपे बाघ ने खेत में घास चर रहे बैल को हमला कर मार डाला, जिसे देख खेतों में काम कर रहे लोगों के होश उड़ गए और भगदड़ मच गई। गांव वालों का कहना है कि इससे पूर्व सात जून को सुंदरपुर के सुशील पर बाघ ने इसी स्थान पर हमला किया था। उनका कहना है कि सोमवार को सुंदरपुर का बाजार था, लोग बाजार आ-जा रहे थे। उनका दावा है कि दूसरा बाघ जंगल से निकल कर बाजार रोड पर आधा घंटे बैठा रहा। बाद में बाघ गन्ने के खेत में चला गया।
ग्रामीणों की सूचना पर मंगलवार सुबह पहुंचे वनकर्मियों, एसटीपीएफ जवानों ने बाघ के हमले, पगचिह्न, बैल का अधखाया शव मिलने की पुष्टि कर बताया कि बाघ गन्ने के खेत में घुसकर जंगल की ओर चला गया है। उन्होंने ग्रामीणों के साथ काबिंग भी की। बताया कि यही बाघ बाजार रोड पर बैठा देखा गया होगा, फिर भी गन्ने के आस पास कांबिंग की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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सुंदरपुर के प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार वर्मा, वीरेंद्र कुमार, अवधेश, श्रीकृष्ण, रामकृपाल, श्रीपाल, बाबूराम आदि ने बताया कि अयोध्यापुर के वीरेंद्र वर्मा का खेत सुंदरपुर गांव के पास है। सोमवार शाम गन्ने में छिपे बाघ ने खेत में घास चर रहे बैल को हमला कर मार डाला, जिसे देख खेतों में काम कर रहे लोगों के होश उड़ गए और भगदड़ मच गई। गांव वालों का कहना है कि इससे पूर्व सात जून को सुंदरपुर के सुशील पर बाघ ने इसी स्थान पर हमला किया था। उनका कहना है कि सोमवार को सुंदरपुर का बाजार था, लोग बाजार आ-जा रहे थे। उनका दावा है कि दूसरा बाघ जंगल से निकल कर बाजार रोड पर आधा घंटे बैठा रहा। बाद में बाघ गन्ने के खेत में चला गया।
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ग्रामीणों की सूचना पर मंगलवार सुबह पहुंचे वनकर्मियों, एसटीपीएफ जवानों ने बाघ के हमले, पगचिह्न, बैल का अधखाया शव मिलने की पुष्टि कर बताया कि बाघ गन्ने के खेत में घुसकर जंगल की ओर चला गया है। उन्होंने ग्रामीणों के साथ काबिंग भी की। बताया कि यही बाघ बाजार रोड पर बैठा देखा गया होगा, फिर भी गन्ने के आस पास कांबिंग की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
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