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Lakhimpur Kheri News: बाघ ने दो पड्डों को बनाया निवाला, खेत से भागे ग्रामीण
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संपूर्णानगर के गिरधरपुरी में मचान बनवाती वन विभाग की टीम। संवाद
संपूर्णानगर। संपूर्णानगर वन रेंज के मुरारखेड़ा व गिरधरपुरी काॅलोनी के अलग-अलग ग्रामीणों के दो पड्डों को बाघ ने मार डाला। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ड्रोन के जरिये बाघ की तलाश की, तो वह वहीं एक पड्डे के पास दिखाई दिया।
अब टीम ने उसे पकड़ने की कोशिशें शुरू कर दीं हैं। साथ ही मचान बनाकर उससे निगरानी करने की बात कही है। मुरारखेड़ा गांव निवासी हरी सिंह ने बताया कि रात करीब एक बजे बाघ ने उनके पड्डे पर हमला बोल दिया। जिसकी आवाज सुनकर वह बाहर आए और शोरशराबा किया।
तब तक बाघ पड्डे को मार चुका था। शव गन्ने के खेत में छोड़कर शोरगुल सुनकर बाघ वहां से भाग गया। पास के ही गिराधरपुरी गांव निवासी मुनर प्रसाद ने बताया कि रात साढ़े तीन बजे उनका पड्डा घर के बाहर बंधा था और जब वह सुबह उठे तो पड्डा गायब था। उसकी रस्सी कटी पड़ी थी।
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बाघ के पगचिह्न भी मिले और घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर बाघ उसे खा रहा था। जिसके बाद वह वहां से भाग आए। बाघ को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कुछ देर गन्ने के खेत से निकलकर खेतों में भागता हुआ बाघ नजर आया और सुतिया नाले की तरफ दूसरे खेत में पहुंच गया। जहां वन विभाग ने पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया है।
साथ ही बाघ पर नजर रखने के लिए मचान तैयार किए जा रहे हैं। इस दौरान वन विभाग की तरफ से जय सिंह कुशवाहा, पीयूष मोहन, रेंजर अनिल कुमार, पुष्पक सिंह, राजेश कुमार, राहुल समेत अन्य कर्मी व एसटीपीएफ फोर्स मौजूद रही।
इस बारे में रेंजर अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को सूचना मिली थी कि मुरारखेड़ा व गिरधरपुरी में दो मवेशियों को बाघ ने मारा है। गन्ने के खेत में बाघ बैठा दिखा था, जिसके लिए पिंजड़ा लगा दिया गया है। दोबारा शिकार करने आता है तो मचान की मदद से ट्रेंक्युलाइज किया जाएगा। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
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अब टीम ने उसे पकड़ने की कोशिशें शुरू कर दीं हैं। साथ ही मचान बनाकर उससे निगरानी करने की बात कही है। मुरारखेड़ा गांव निवासी हरी सिंह ने बताया कि रात करीब एक बजे बाघ ने उनके पड्डे पर हमला बोल दिया। जिसकी आवाज सुनकर वह बाहर आए और शोरशराबा किया।
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तब तक बाघ पड्डे को मार चुका था। शव गन्ने के खेत में छोड़कर शोरगुल सुनकर बाघ वहां से भाग गया। पास के ही गिराधरपुरी गांव निवासी मुनर प्रसाद ने बताया कि रात साढ़े तीन बजे उनका पड्डा घर के बाहर बंधा था और जब वह सुबह उठे तो पड्डा गायब था। उसकी रस्सी कटी पड़ी थी।
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बाघ के पगचिह्न भी मिले और घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर बाघ उसे खा रहा था। जिसके बाद वह वहां से भाग आए। बाघ को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई। कुछ देर गन्ने के खेत से निकलकर खेतों में भागता हुआ बाघ नजर आया और सुतिया नाले की तरफ दूसरे खेत में पहुंच गया। जहां वन विभाग ने पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया है।
साथ ही बाघ पर नजर रखने के लिए मचान तैयार किए जा रहे हैं। इस दौरान वन विभाग की तरफ से जय सिंह कुशवाहा, पीयूष मोहन, रेंजर अनिल कुमार, पुष्पक सिंह, राजेश कुमार, राहुल समेत अन्य कर्मी व एसटीपीएफ फोर्स मौजूद रही।
इस बारे में रेंजर अनिल कुमार ने बताया कि मंगलवार को सूचना मिली थी कि मुरारखेड़ा व गिरधरपुरी में दो मवेशियों को बाघ ने मारा है। गन्ने के खेत में बाघ बैठा दिखा था, जिसके लिए पिंजड़ा लगा दिया गया है। दोबारा शिकार करने आता है तो मचान की मदद से ट्रेंक्युलाइज किया जाएगा। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है।