बाघ ने फैलाई दहशत: छह घंटे के भीतर ताबड़तोड़ हमले, फोटो खींचने गए योग शिक्षक समेत तीन घायल
लखीमपुर खीरी जनपद में जंगल से सटे इलाकों में बाघों की चहलकदमी लगातार देखी जा रही है। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज में रविवार को एक बाघ ने दहशत फैला दी। बाघ ने हमलाकर योग शिक्षक समेत तीन लोगों को घायल कर दिया।
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लखीमपुर खीरी में दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला रेंज के जंगल से निकलकर सड़क और खेतों में घूम रहे बाघ ने रविवार को छह घंटे के अंतराल में दो स्थानों पर लोगों पर हमला कर दहशत फैला दी। सुबह कुरैया गांव किनारे खेत में गन्ने की बुवाई कर रहे दो मजदूरों को घायल करने के बाद बाघ बांकेगंज-गोला सड़क पर एक निजी स्कूल के पास झाड़ियों में छिप गया। इस दौरान बड़ी संख्या में बाघ देखने के लिए भीड़ एकत्र हो गई।
एक योग शिक्षक ने नजदीक पहुंच बाघ का फोटो खींचा तो बाघ ने हमला कर दिया। हमले से योग शिक्षक घायल हो गए। यह देख सड़क पर भीड़ में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए भागने लगे। वन कर्मियों को भीड़ नियंत्रित करने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान आधे घंटे तक आवागमन बाधित रहा। बाघ को जंगल में खदेड़ने के बाद यातायात संचालन शुरू हुआ।
गोला रेंज पश्चिम बीट जंगल के पास रविवार सुबह सात बजे करीब कुरैया गांव किनारे खेत में ग्रामीण गन्ना बुवाई कर रहे थे। इस दौरान झाड़ियों से निकले बाघ ने कुरैया गांव निवासी नंदराम के 20 वर्षीय पुत्र कमलेश और गिरिजा शंकर के 35 वर्षीय पुत्र मनोज पर हमला कर दिया। हमले में दोनों गंभीर घायल हो गए। अचानक हुए हमले में दोनों मजदूरों के हाथ, पीठ और कंधे पर गहरे जख्म हुए हैं।
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साथी मजदूरों के शोर मचाने पर बाघ आसपास के खेतों में छिप गया। घायल मजदूरों को गोला सीएचसी ले जाया गया। जहां मनोज की हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। कमलेश को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम बाघ को जंगल में खदेड़ने के प्रयास में जुट गई। झाड़ियों में छिपकर बैठा बाघ कुछ देर के बाद बांकेगंज-गोला रोड किनारे चिल्ड्रेन एकेडमी स्कूल के पास झाड़ियों में छिप गया।
वन कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए
गोला पश्चिम जंगल में जाने के लिए बाघ को सड़क पार करनी पड़ती। व्यस्त मार्ग होने के कारण बाघ जंगल जाने के बजाए सड़क किनारे झाड़ियों में बैठ गया। इस बीच वहां काफी भीड़ एकत्र हो गई। बाघ देखने के लिए सड़क पर भीड़ जुट गई। भीड़ पर बाघ के हमला करने के डर से वन कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए रेंजर गोला संजीव तिवारी ने गोला पुलिस को सूचना दी। वन विभाग ने सड़क के दोनों ओर रास्ता भी ब्लॉक कर दिया। ताकि बाघ बिना व्यवधान के सड़क पार कर जंगल में चला जाए।
इस बीच भीड़ में शामिल थाना हैदराबाद क्षेत्र के अल्लीपुर गांव निवासी योग शिक्षक शशिकांत दीक्षित बाघ की फोटो नजदीक से लेने पहुंच गए। इस पर बाघ ने उन पर हमला कर दिया। इससे वह गंभीर घायल हो गए। बाघ के हमले से सड़क पर भगदड़ मच गई। तमाशबीन बने लोगों को जिधर रास्ता मिला, उधर भाग खड़े हुए। काफी देर तक दोनों ओर आवागमन बंद रहा। मौके पर मौजूद वन विभाग और पुलिस की टीम ने बाघ हमले में घायल शिक्षक को गोला सीएचसी में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
सैकड़ों की भीड़ ने बाघ को खेतों में दौड़ाया
हमला करने के दौरान सैकड़ों लोगों की घेराबंदी से बाघ भी डर गया। वह बांकेगंज-रोड किनारे झाड़ियों में छिपकर बैठ गया। इस बीच घटनास्थल के आसपास भीड़ ने शोर मचाते हुए बाघ को झाड़ियों से भी खदेड़ दिया। इसके बाद बाघ सड़क पार करते हुए खेतों की ओर भागने लगा। सैकड़ों ग्रामीणों ने बाघ का पीछा किया। भीड़ से डरा बाघ काफी देर तक खेतों में भागता रहा। ग्रामीण हल्ला मचाते हुए बाघ के पीछे-पीछे दौड़ते रहे। इस दौरान बाघ ओझल हो गया। वन कर्मियों और पुलिस के समझाने बुझाने के बाद ग्रामीणों की भीड़ वहां से बमुश्किल हटी।
दक्षिण खीरी वन प्रभाग के रेंजर गोला संजीव तिवारी ने बताया कि कुरैया गांव के खेत में और बांकेगंज-गोला रोड पर बाघ हमले में तीन लोग घायल हुए हैं। बाघ रोड क्रास कर जंगल जाने की कोशिश में था,लेकिन भीड़भाड़ के चलते वह रोड किनारे झाड़ियों में छिपकर बैठा था। भीड़ हटने के बाद बाघ रोड पार कर जंगल में चला गया है।