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तिगड़ी धमार : गाजे-बाजे और लोकगीतों के संग झांकियों की निकाली यात्रा
Fri, 06 Mar 2026 11:42 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 06 Mar 2026 11:42 PM IST
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तिगड़ी धमार में मंदिर परिसर में उपस्थित लोग। स्रोत :आयोजक
मोहम्मदी। क्षेत्र के गांव मगरेना से तिगड़ी धमार उत्सव गाजे-बाजे और रंग-बिरंगी झांकियों के साथ कस्बे के मोहल्ला देवी स्थान मंदिर तक दो-तीन किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पहुंचा।
करीब 50 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में गांव के लोग भगवान श्रीराम, सीता, हनुमान, राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती की झांकियां सजाते हैं। झांकियों के साथ डीजे, ढोल, नगाड़े, चिमटा, ढोलक और मंजीरा बजाते हुए होली गीत गाए गए। इस भव्य शोभा यात्रा में क्षेत्र के लोग बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल हुए।
शाम को देवी स्थान मंदिर पर लोकगीत और होली मिलन के साथ तिगड़ी धमार का समापन हुआ। इस दौरान झांकियों और सांस्कृतिक प्रदर्शन ने पूरे मोहल्ले को उत्सव की रंगत से भर दिया। ग्रामीण और कस्बाई लोग इस परंपरा को देखकर आनंदित हुए और बच्चों ने भी उत्सव में भाग लिया।
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करीब 50 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा में गांव के लोग भगवान श्रीराम, सीता, हनुमान, राधा-कृष्ण और शिव-पार्वती की झांकियां सजाते हैं। झांकियों के साथ डीजे, ढोल, नगाड़े, चिमटा, ढोलक और मंजीरा बजाते हुए होली गीत गाए गए। इस भव्य शोभा यात्रा में क्षेत्र के लोग बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ शामिल हुए।
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शाम को देवी स्थान मंदिर पर लोकगीत और होली मिलन के साथ तिगड़ी धमार का समापन हुआ। इस दौरान झांकियों और सांस्कृतिक प्रदर्शन ने पूरे मोहल्ले को उत्सव की रंगत से भर दिया। ग्रामीण और कस्बाई लोग इस परंपरा को देखकर आनंदित हुए और बच्चों ने भी उत्सव में भाग लिया।
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