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एक शिक्षिका का वेतन रोका, दो शिक्षकों को नोटिस
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लखीमपुर खीरी। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने बांकेगंज ब्लॉक के बीईओ की आख्या पर एक शिक्षिका का वेतन रोका गया है। जबकि दो शिक्षकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। विद्यालय में कुल 21 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि मौके पर सात बच्चे ही उपस्थित मिले। खास बात यह है कि 21 बच्चों पर तीन शिक्षकों की तैनाती है। जबकि 100 से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में बमुश्किल एक ही शिक्षक तैनात हैं।
बीईओ बांकेगंज राजेश सिंह ने उच्च प्राथमिक विद्यालय बंगाली कॉलोनी का 24 अगस्त को निरीक्षण किया था। तब यहां तैनात सहायक अध्यापक ऊषा रानी 22 अगस्त से 24 अगस्त 2019 तक लगातार अनुपस्थित पाई गईं। इस पर बीएसए ने शिक्षिका का दो दिन का वेतन बाधित कर दिया है। इसी विद्यालय में कुल पंजीकृत 21 बच्चों के सापेक्ष मात्र सात बच्चे ही उपस्थित मिले थे। कक्षा सात में उपस्थिति शून्य थी। जबकि यहां तीन शिक्षक कार्यरत हैं। प्रधानाध्यापक परमेश्वरदीन ने तीन दिनों तक अनुपस्थित ऊषा रानी के हस्ताक्षर कालम को रिक्त छोड़ा था, जिससे इनकी भूमिका भी संदेहास्पद मानते हुए बीएसए ने प्रधानाध्यापक का स्पष्टीकरण तलब किया है।
सवालों के जवाब में बीईओ को कई बार दिखाई दवा की डिब्बी
इसी ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय भम्मापुर का बीईओ ने 23 सितंबर 2019 को निरीक्षण किया, तो 12.10 बजे तक मिड डे मील वितरण के उपरांत भी बच्चे अपनी कक्षाओं में नहीं मिले। एमडीएम पंजिका में बच्चों की संख्या अंकित नहीं पाई गई। बीईओ ने बीएसए को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि प्रधानाध्यापक जियन लाल से जब जवाब मांगा, तो उन्होंने शर्ट की जेब से दवा की डिब्बी निकालकर हार्ट की बीमारी होना बताया। इसी वजह से पंजिका में छात्रों की संख्या अंकित न करने का कारण बताया। फिर बीईओ ने पंजीकृत 173 बच्चों के सापेक्ष 61 बच्चों के ही उपस्थित होने पर सवाल किया, तो प्रधानाध्यापक ने दोबारा जेब से दवा की डिब्बी निकालकर बीईओ को दिखाई गई। बीईओ ने कहा कि जब यूनीफार्म वितरण, पुस्तक वितरण, कंपोजिट ग्रांट आदि की जानकारी मांगी, तो फिर प्रधानाध्यापक बार-बार दवा की डिब्बी दिखाकर जवाब देने से बचता रहा। इस पर बीईओ ने प्रधानाध्यापक को शिक्षण कार्य में अक्षम बताते हुए रिपोर्ट बीएसए को भेजी। इस पर संज्ञान लेते हुए बीएसए ने प्रधानाध्यापक जियन लाल को कारण बताओ नोटिस भेजकर सात दिन में जवाब मांगा है।
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बीईओ बांकेगंज राजेश सिंह ने उच्च प्राथमिक विद्यालय बंगाली कॉलोनी का 24 अगस्त को निरीक्षण किया था। तब यहां तैनात सहायक अध्यापक ऊषा रानी 22 अगस्त से 24 अगस्त 2019 तक लगातार अनुपस्थित पाई गईं। इस पर बीएसए ने शिक्षिका का दो दिन का वेतन बाधित कर दिया है। इसी विद्यालय में कुल पंजीकृत 21 बच्चों के सापेक्ष मात्र सात बच्चे ही उपस्थित मिले थे। कक्षा सात में उपस्थिति शून्य थी। जबकि यहां तीन शिक्षक कार्यरत हैं। प्रधानाध्यापक परमेश्वरदीन ने तीन दिनों तक अनुपस्थित ऊषा रानी के हस्ताक्षर कालम को रिक्त छोड़ा था, जिससे इनकी भूमिका भी संदेहास्पद मानते हुए बीएसए ने प्रधानाध्यापक का स्पष्टीकरण तलब किया है।
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सवालों के जवाब में बीईओ को कई बार दिखाई दवा की डिब्बी
इसी ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय भम्मापुर का बीईओ ने 23 सितंबर 2019 को निरीक्षण किया, तो 12.10 बजे तक मिड डे मील वितरण के उपरांत भी बच्चे अपनी कक्षाओं में नहीं मिले। एमडीएम पंजिका में बच्चों की संख्या अंकित नहीं पाई गई। बीईओ ने बीएसए को भेजी रिपोर्ट में बताया है कि प्रधानाध्यापक जियन लाल से जब जवाब मांगा, तो उन्होंने शर्ट की जेब से दवा की डिब्बी निकालकर हार्ट की बीमारी होना बताया। इसी वजह से पंजिका में छात्रों की संख्या अंकित न करने का कारण बताया। फिर बीईओ ने पंजीकृत 173 बच्चों के सापेक्ष 61 बच्चों के ही उपस्थित होने पर सवाल किया, तो प्रधानाध्यापक ने दोबारा जेब से दवा की डिब्बी निकालकर बीईओ को दिखाई गई। बीईओ ने कहा कि जब यूनीफार्म वितरण, पुस्तक वितरण, कंपोजिट ग्रांट आदि की जानकारी मांगी, तो फिर प्रधानाध्यापक बार-बार दवा की डिब्बी दिखाकर जवाब देने से बचता रहा। इस पर बीईओ ने प्रधानाध्यापक को शिक्षण कार्य में अक्षम बताते हुए रिपोर्ट बीएसए को भेजी। इस पर संज्ञान लेते हुए बीएसए ने प्रधानाध्यापक जियन लाल को कारण बताओ नोटिस भेजकर सात दिन में जवाब मांगा है।
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