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Lakhimpur Kheri News: इस बार 10 दिन के नवरात्र, हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा
Sun, 21 Sep 2025 12:01 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 21 Sep 2025 12:01 AM IST
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पं. रामदेव मिश्र शास्त्री। संवाद।
बांकेगंज। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की तिथि पर सोमवार को शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो रहा है। इस बार नवरात्र 10 दिन के हैं। यह पर्व आदि शक्ति मां दुर्गा को पूर्णतया समर्पित है।
छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि इस नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर होगा। यह जलवृष्टि का संकेत है। जगत जननी मां का प्रस्थान एक अक्तूबर को मनुष्य के कंधे पर होगा। यह सुखद संकेत है।
यह नवरात्र लोगों के लिए सुख, समृद्धि, धन, धान्य से परिपूर्ण होगा। नवरात्र में नौ दिनों तक अलग-अलग मां के नौ स्वरूपों की स्तुति की जाती है, जिसका फल विभिन्न प्रकार से मिलता है। देवी मंदिरों से लेकर घरों तक भक्त मां की स्तुति सुबह-शाम करते है। दोनों पहर देवी गीत गाए जाते हैं।
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इस साल नवरात्र पर शुक्ल और ब्रह्म योग, उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र और हस्त योग का विशेष संयोग बन रहा है। इसमें मां की पूजा करने से सुख, सौभाग्य में वृद्धि होती है।
पूरे दिन रहेगी प्रतिपदा तिथि
ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि सोमवार को प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रहेगी। इस दौरान साधक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय कलश स्थापना कर सकते हैं। नवरात्र का प्रथम यानी चढ़ती व्रत 22 सितंबर को रखा जाएगा। अष्टमी का व्रत 30 सितंबर को होगा। एक अक्तूबर को नवमी तिथि में हवन-पूजन होगा। नौ दिनों तक व्रत रखने वाले साधक दो अक्तूबर को दोपहर ढ़ाई बजे के बाद व्रत का पारण करेंगे।
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छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ के ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि इस नवरात्र में मां दुर्गा का आगमन गज यानी हाथी पर होगा। यह जलवृष्टि का संकेत है। जगत जननी मां का प्रस्थान एक अक्तूबर को मनुष्य के कंधे पर होगा। यह सुखद संकेत है।
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यह नवरात्र लोगों के लिए सुख, समृद्धि, धन, धान्य से परिपूर्ण होगा। नवरात्र में नौ दिनों तक अलग-अलग मां के नौ स्वरूपों की स्तुति की जाती है, जिसका फल विभिन्न प्रकार से मिलता है। देवी मंदिरों से लेकर घरों तक भक्त मां की स्तुति सुबह-शाम करते है। दोनों पहर देवी गीत गाए जाते हैं।
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इस साल नवरात्र पर शुक्ल और ब्रह्म योग, उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र और हस्त योग का विशेष संयोग बन रहा है। इसमें मां की पूजा करने से सुख, सौभाग्य में वृद्धि होती है।
पूरे दिन रहेगी प्रतिपदा तिथि
ज्योतिषाचार्य पं. रामदेव मिश्र शास्त्री ने बताया कि सोमवार को प्रतिपदा तिथि सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक रहेगी। इस दौरान साधक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय कलश स्थापना कर सकते हैं। नवरात्र का प्रथम यानी चढ़ती व्रत 22 सितंबर को रखा जाएगा। अष्टमी का व्रत 30 सितंबर को होगा। एक अक्तूबर को नवमी तिथि में हवन-पूजन होगा। नौ दिनों तक व्रत रखने वाले साधक दो अक्तूबर को दोपहर ढ़ाई बजे के बाद व्रत का पारण करेंगे।