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बैशाख में बरस रहे मेघ बाजार में पसरा सन्नाटा
लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 15 Apr 2015 07:54 PM IST
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बैशाख के इस महीने में सूर्यदेव चरम पर होने चाहिए थे पर इन दिनों इनकी चमक फीकी है। मौसम बार-बार करवट ले रहा है। बीच-बीच में बारिश और ओलावृष्टि होने से रबी की फसल बर्बाद हो चुकी है। बीते माह छोड़िए, अप्रैल में भी लोग मौसम की मार झेल रहे हैं। इससे किसान तो परेशान हुए ही कोल्ड ड्रिंक्स और कूलर, एसी का बाजार भी सूना है। यहां तक कि गरीबों का फ्रिज ‘सुराही’ की बिक्री भी ठप है। गर्मी से लोगों को राहत पहुंचाने वाले उपकरणाें और शीतल पेय पदार्थों का बाजार कोल्ड फीवर की चपेट में है।
60 से 80 फीसदी बिक्री ठप
गर्मी के दिनों में राहत पाने के लिए लोग कूलर, एसी और फ्रिज जैसे इलेक्ट्रानिक्स और इलेक्ट्रिकल्स उपकरणों की खरीददारी करते आए हैं पर अप्रैल माह में इन दुकानों पर ग्राहकों का टोटा है। मार्केट में सन्नाटा पसरा है। यहां तक कि मिट्टी से बने बर्तन सुराही और घड़े ही नहीं शीतल पेय पदार्थ पर भी ग्रहण लगा है। उपकरण बेचने वाले दुकानदारों जितेंद्र सिंह, सोढ़ी सिंह और दिनेश ने कहा कि इस समय हाल मत पूछिए 60 से 80 फीसदी बिक्री ठप है। दुकान का किराया भी निकालना मुश्किल हो रहा है।
मिट्टी के बर्तन का व्यवसाय करने वाले नन्हू और बराती कहते हैं कि बीते वर्षों की अपेक्षा इस बार हम लोग मुसीबत में है। शीतल पेय पदार्थ बेचने वाले शीतू वर्मा ने बताया इस बार अब तक एक भी आर्डर नहीं मिला है। वहीं मिटटी के बर्तन बेचने वाले बराती लाल और नन्हू का कहना है कि वह अब तक एक अदद घड़ा और सुराही की बिक्री नहीं कर पाए हैं। हालांकि दुकानदार बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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10 से 15 प्रतिशत तक बढ़े इलेक्ट्रानिक्स उकरणों के दाम
उपकरण 2014 2015
कूलर 5000 5500
फ्रिज 12000 13000
एलईडी 20,000 22,000
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60 से 80 फीसदी बिक्री ठप
गर्मी के दिनों में राहत पाने के लिए लोग कूलर, एसी और फ्रिज जैसे इलेक्ट्रानिक्स और इलेक्ट्रिकल्स उपकरणों की खरीददारी करते आए हैं पर अप्रैल माह में इन दुकानों पर ग्राहकों का टोटा है। मार्केट में सन्नाटा पसरा है। यहां तक कि मिट्टी से बने बर्तन सुराही और घड़े ही नहीं शीतल पेय पदार्थ पर भी ग्रहण लगा है। उपकरण बेचने वाले दुकानदारों जितेंद्र सिंह, सोढ़ी सिंह और दिनेश ने कहा कि इस समय हाल मत पूछिए 60 से 80 फीसदी बिक्री ठप है। दुकान का किराया भी निकालना मुश्किल हो रहा है।
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मिट्टी के बर्तन का व्यवसाय करने वाले नन्हू और बराती कहते हैं कि बीते वर्षों की अपेक्षा इस बार हम लोग मुसीबत में है। शीतल पेय पदार्थ बेचने वाले शीतू वर्मा ने बताया इस बार अब तक एक भी आर्डर नहीं मिला है। वहीं मिटटी के बर्तन बेचने वाले बराती लाल और नन्हू का कहना है कि वह अब तक एक अदद घड़ा और सुराही की बिक्री नहीं कर पाए हैं। हालांकि दुकानदार बाजार में रौनक लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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10 से 15 प्रतिशत तक बढ़े इलेक्ट्रानिक्स उकरणों के दाम
उपकरण 2014 2015
कूलर 5000 5500
फ्रिज 12000 13000
एलईडी 20,000 22,000