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‘युवा पीढ़ी संभल करके विवेकानंद हो जाए’
अमर उजाला ब्यूरो-गोला गोकर्णनाथ।
Updated Wed, 27 Apr 2016 11:22 PM IST
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चैती मेले में कवियों ने बिखेरे कई विधाओं के रंग
चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर मंगलवार रात को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने विभिन्न विधाओं के रंग बिखेरकर दर्शकों को देर रात तक रोके रखा।
चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर सेंट्रल बार एसोसिएशन गोला के अध्यक्ष नरेश सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ वीके वर्मा और नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया। पालिका अध्यक्ष और सदस्यों ने सेंट्रल बार एसोसिएशन गोला के महामंत्री नीरज मिश्र, अनिरुद्ध मिश्र एडवोकेट, विमल श्रीवास्तव एडवोकेट, वासुदेव शाह सहित तमाम गण्यमान्य अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर लखनऊ की कविता तिवारी ने वंदना कर की।
कथानक व्याकरण समझे तो सुरभित छंद हो जाए, हमारे देश में फिर से सुखद मकरंद हो जाए। मेरे ईश्वर, मेरे दाता, ये कविता मांगती तुझसे, युवा पीढ़ी संभल करके विवेकानंद हो जाए।।
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बाराबंकी से आए विकास बौखल ने महंगाई पर व्यंग्य कसा-
इस महंगाई में कन्हैया यदि आए कहीं सच कहता हूं रोटी दाल मार डालेगी। दो दो सिम वाले हैं मोबाइल गोपियों के हाथ पूरी पूरी रात मिस कॉल मार डालेगी।।
गाजियाबाद के डॉ कुंवर बेचैन ने यूं पढ़ा-
किसी भी काम करने की चाह पहले आती हैं, अगर बच्चे को गोदी लो तो बाहें पहले आती हैं।
इटावा के कमलेश शर्मा ने कहा-
अर्थ बदले आजादी के, नारे वहां लग रहे भारत की बर्बादी के।
बाराबंकी के विनय शुक्ल ने देश पर कहा-
देश तोड़ने के मंसूबे जो भी मन में ठाने हैं, छात्र नहीं हैं वे अफजल की नाजायज संतानें हैं।
उन्नाव के केडी शर्मा हाहाकारी ने यूं बयां किया-
दस बीस दुकानें हैं जिनकी मुंबई औ कलकत्ता मा, उनके लरिका लाइन लगाइन बेरोजगारी भत्ता मा।।
फैजाबाद के अशोक टाटंबरी ने पढ़ा-
आईएसआईएस का क्यूं बढ़ा हुआ है चार्म, पढ़े लिखे नौजवां भटक कर उठा रहे हैं आम।। इस दौरान कुवंर जावेद ने भी कविता पाठ किया। संचालन कर रहे दिल्ली के डॉ सुनील जोगी ने किया।
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इनकी रही मौजूदगी
इस मौके पर एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी सुधा गुप्ता, सीओ अवनीश्वरचंद, पूर्ति निरीक्षक श्रद्धा श्रीवास्तव, कोतवाल एसएन द्विवेदी, पालिका सदस्य आशा देवी प्रजापति, काशी विश्वनाथ तिवारी, जमाल अहमद राईन, रफी अहमद, राजेश गिरि, अरुण अवस्थी, मयंक दीक्षित, राजेश वर्मा, अवधेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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चैती मेला का समापन आज
चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर 28 अप्रैल गुरुवार को समापन समापन समारोह होगा, जिसमें चैती मेला 2016, स्मारिका विमोचन, पुरस्कार वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।
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चैती मेले के सांस्कृतिक मंच पर मंगलवार रात को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें कवियों ने विभिन्न विधाओं के रंग बिखेरकर दर्शकों को देर रात तक रोके रखा।
चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर सेंट्रल बार एसोसिएशन गोला के अध्यक्ष नरेश सिंह तोमर की अध्यक्षता में हुए अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ वीके वर्मा और नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी अग्रवाल ने दीप जलाकर किया। पालिका अध्यक्ष और सदस्यों ने सेंट्रल बार एसोसिएशन गोला के महामंत्री नीरज मिश्र, अनिरुद्ध मिश्र एडवोकेट, विमल श्रीवास्तव एडवोकेट, वासुदेव शाह सहित तमाम गण्यमान्य अतिथियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।
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अखिल भारतीय कवि सम्मेलन की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर लखनऊ की कविता तिवारी ने वंदना कर की।
कथानक व्याकरण समझे तो सुरभित छंद हो जाए, हमारे देश में फिर से सुखद मकरंद हो जाए। मेरे ईश्वर, मेरे दाता, ये कविता मांगती तुझसे, युवा पीढ़ी संभल करके विवेकानंद हो जाए।।
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बाराबंकी से आए विकास बौखल ने महंगाई पर व्यंग्य कसा-
इस महंगाई में कन्हैया यदि आए कहीं सच कहता हूं रोटी दाल मार डालेगी। दो दो सिम वाले हैं मोबाइल गोपियों के हाथ पूरी पूरी रात मिस कॉल मार डालेगी।।
गाजियाबाद के डॉ कुंवर बेचैन ने यूं पढ़ा-
किसी भी काम करने की चाह पहले आती हैं, अगर बच्चे को गोदी लो तो बाहें पहले आती हैं।
इटावा के कमलेश शर्मा ने कहा-
अर्थ बदले आजादी के, नारे वहां लग रहे भारत की बर्बादी के।
बाराबंकी के विनय शुक्ल ने देश पर कहा-
देश तोड़ने के मंसूबे जो भी मन में ठाने हैं, छात्र नहीं हैं वे अफजल की नाजायज संतानें हैं।
उन्नाव के केडी शर्मा हाहाकारी ने यूं बयां किया-
दस बीस दुकानें हैं जिनकी मुंबई औ कलकत्ता मा, उनके लरिका लाइन लगाइन बेरोजगारी भत्ता मा।।
फैजाबाद के अशोक टाटंबरी ने पढ़ा-
आईएसआईएस का क्यूं बढ़ा हुआ है चार्म, पढ़े लिखे नौजवां भटक कर उठा रहे हैं आम।। इस दौरान कुवंर जावेद ने भी कविता पाठ किया। संचालन कर रहे दिल्ली के डॉ सुनील जोगी ने किया।
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इनकी रही मौजूदगी
इस मौके पर एसडीएम विनोद कुमार गुप्ता, उनकी पत्नी सुधा गुप्ता, सीओ अवनीश्वरचंद, पूर्ति निरीक्षक श्रद्धा श्रीवास्तव, कोतवाल एसएन द्विवेदी, पालिका सदस्य आशा देवी प्रजापति, काशी विश्वनाथ तिवारी, जमाल अहमद राईन, रफी अहमद, राजेश गिरि, अरुण अवस्थी, मयंक दीक्षित, राजेश वर्मा, अवधेश मिश्र आदि मौजूद रहे।
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चैती मेला का समापन आज
चैती मेला के सांस्कृतिक मंच पर 28 अप्रैल गुरुवार को समापन समापन समारोह होगा, जिसमें चैती मेला 2016, स्मारिका विमोचन, पुरस्कार वितरण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे।