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Lakhimpur Kheri News: 200 घरों की 3000 आबादी पर लटकी विस्थापन की तलवार
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साइकिल पर चारा लेकरजाता ग्रामीण। संवाद
फूलबेहड़। बाढ़ पीड़ितों की दिक्कतें कम नहीं हो रही हैं। शारदा का जल स्तर घटा तो सदर तहसील के पांच गांव की करीब 3000 की आबादी शारदा नदी के निशाने पर आ गई। नदी का उफान कम होने के बाद कटान की रफ्तार बढ़ गई है। धोबियाना, पकरियापुरवा, शंकरपुरवा और बेचनपुरवा सहित करीब आधा दर्जन गांव खतरे में हैं। 200 घरों की करीब 3000 की आबादी पर विस्थापन की तलवार लटक रही है। शुक्रवार को ग्रामीण अपना सामान ट्रैक्टर-ट्रॉली में लाद कर निकलते रहे।
तटबंध के अंदर के गांव पहले से डूब क्षेत्र में घोषित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां कटान रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए गए। नदी हर साल कहर ढाती है। ग्रामीणों ने बताया कि अप्रैल में कटान शुरू हुआ। कई लोगों की कृषि भूमि नदी में समा गई। जून के शुरुआत में धोबियाना का रास्ता भी नदी में समा गया। छह दिन पूर्व नदी का जल स्तर बढ़ा तो करीब 25 गांव टापू बन गए। ऐसे में नाव सहारा बनी। शुक्रवार तक नदी का उफान काफी हद तक घटा है, इससे लोगो को मामूली राहत मिली। उधर सिघिया गांव में भी नदी कटान कर रही है।
घरों की कर रहे जियो टैगिंग
जिले में बाढ़ का हाल जानने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाढ़, कटान पीड़ितों को आवास देने संबंधी घोषणा के बाद राजस्व कर्मियों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया। हालांकि पहले भी सर्वे हुआ था। अब मकानों की जियो टैगिंग शुरू कर दी गई है।
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कमिश्नर ने मुआयना किया है। राशन किट बांटी है। पीड़ितों की हर संभव मदद के निर्देश दिए हैं। नदी में पानी कम हुआ, इससे कटान हो रहा है। सर्वे कर मकानों की जियो टैगिंग कराई जा रही है। चिंतजानक स्थिति नहीं है।
अश्वनी कुमार, नायब तहसीलदार
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नकहा ब्लॉक कार्यालय में दिक्कतें बढ़ीं, कई गांव भी जलमग्न
खीरी टाउन। शारदानगर बैराज से पानी छोड़े जाने से बाद बाढ़ का पानी नकहा ब्लॉक कार्यालय में घुस गया। पानी कम हो गया लेकिन हालात में सुधार ज्यादा नहीं हुआ है। कामकाज प्रभावित हो रहा है। गांव सकेथू, बेलहुरा, रेहरिया, नौवापुर, जिगनिया, नौधनपटना, बेलवा बंजरिया समेत दर्जनों गांव जलमग्न हो गए थे। शुक्रवार को इन गांवों में भी पानी कम नहीं हुआ। नकहा ब्लॉक के विभिन्न गांव में जलभराव अधिक होने से फैसलें भी जलमग्न हैं। मनोज कुमार, तारा देवी निवासी महमदापुर ने बताया कि खाली पूड़ी-सब्जी प्राप्त हुई है, बाकी कोई सुविधा प्राप्त नहीं हुई। संवाद
निघासन के 18 गांव में बाढ़ का पानी घुसने से दिक्कतें बढ़ीं
निघासन। क्षेत्र के लुधौरी, पुरैना, खमरिया, मदनापुर, लालबोझी, खमरिया, झौआपुरवा, दौलतपुर, सुरजीपुरवा, पतिया, बल्लीपुर, जीतपुरवा, चंदनपुरवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी कम हुआ है। वहीं, नगर पंचायत के बस्तीपुरवा, बिहारी पुरवा, छीटन पुरवा, कुर्मिन पुरवा, बरोठा, बोझिया समेत करीब 18 गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। निघासन झंडी मार्ग पर कटी बगिया के पास दो फुट पानी चल रहा है। कुर्मिनपुरवा के पास सड़क पर तेज बहाव के कारण पुलिया टूटने की कगार पर है। संवाद
प्रशासन का दावा, 17850 लंच पैकेट बांटे गए
तहसीलदार भीमचंद्र गौतम ने बताया कि अभी तक 17850 लंच पैकेट और 353 राशन किट और तिरपाल का वितरण किया गया है। लालपुर और बरोठा पंचायत के बाढ़ पीड़ितों को चिह्नितकर लंच पैकेट की व्यवस्था की जा रही है।
खुजली के बढ़े मरीज
सीएचसी अधीक्षक पीके रावत ने बताया कि लालपुर, बरोठा के अलावा लुधौरी, कोदीबाबा, झंडीमार्ग, कौड़ियाला आदि स्थानों पर टीम ने लोगों की जांच की। जांच में खुजली के 40 सबसे अधिक मरीज मिले है। इसके अलावा बुखार को 25 मरीज मिले हैं। सभी को दवा आदि का वितरण किया गया है। एसडीएम राजीव निगम, ईओ दिनेश शुक्ल ने मौका मुआयना किया है।
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तटबंध के अंदर के गांव पहले से डूब क्षेत्र में घोषित हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां कटान रोकने के कोई इंतजाम नहीं किए गए। नदी हर साल कहर ढाती है। ग्रामीणों ने बताया कि अप्रैल में कटान शुरू हुआ। कई लोगों की कृषि भूमि नदी में समा गई। जून के शुरुआत में धोबियाना का रास्ता भी नदी में समा गया। छह दिन पूर्व नदी का जल स्तर बढ़ा तो करीब 25 गांव टापू बन गए। ऐसे में नाव सहारा बनी। शुक्रवार तक नदी का उफान काफी हद तक घटा है, इससे लोगो को मामूली राहत मिली। उधर सिघिया गांव में भी नदी कटान कर रही है।
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घरों की कर रहे जियो टैगिंग
जिले में बाढ़ का हाल जानने आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाढ़, कटान पीड़ितों को आवास देने संबंधी घोषणा के बाद राजस्व कर्मियों ने सर्वे का काम शुरू कर दिया। हालांकि पहले भी सर्वे हुआ था। अब मकानों की जियो टैगिंग शुरू कर दी गई है।
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कमिश्नर ने मुआयना किया है। राशन किट बांटी है। पीड़ितों की हर संभव मदद के निर्देश दिए हैं। नदी में पानी कम हुआ, इससे कटान हो रहा है। सर्वे कर मकानों की जियो टैगिंग कराई जा रही है। चिंतजानक स्थिति नहीं है।
अश्वनी कुमार, नायब तहसीलदार
नकहा ब्लॉक कार्यालय में दिक्कतें बढ़ीं, कई गांव भी जलमग्न
खीरी टाउन। शारदानगर बैराज से पानी छोड़े जाने से बाद बाढ़ का पानी नकहा ब्लॉक कार्यालय में घुस गया। पानी कम हो गया लेकिन हालात में सुधार ज्यादा नहीं हुआ है। कामकाज प्रभावित हो रहा है। गांव सकेथू, बेलहुरा, रेहरिया, नौवापुर, जिगनिया, नौधनपटना, बेलवा बंजरिया समेत दर्जनों गांव जलमग्न हो गए थे। शुक्रवार को इन गांवों में भी पानी कम नहीं हुआ। नकहा ब्लॉक के विभिन्न गांव में जलभराव अधिक होने से फैसलें भी जलमग्न हैं। मनोज कुमार, तारा देवी निवासी महमदापुर ने बताया कि खाली पूड़ी-सब्जी प्राप्त हुई है, बाकी कोई सुविधा प्राप्त नहीं हुई। संवाद
निघासन के 18 गांव में बाढ़ का पानी घुसने से दिक्कतें बढ़ीं
निघासन। क्षेत्र के लुधौरी, पुरैना, खमरिया, मदनापुर, लालबोझी, खमरिया, झौआपुरवा, दौलतपुर, सुरजीपुरवा, पतिया, बल्लीपुर, जीतपुरवा, चंदनपुरवा आदि गांवों में बाढ़ का पानी कम हुआ है। वहीं, नगर पंचायत के बस्तीपुरवा, बिहारी पुरवा, छीटन पुरवा, कुर्मिन पुरवा, बरोठा, बोझिया समेत करीब 18 गांव में बाढ़ का पानी भर गया है। निघासन झंडी मार्ग पर कटी बगिया के पास दो फुट पानी चल रहा है। कुर्मिनपुरवा के पास सड़क पर तेज बहाव के कारण पुलिया टूटने की कगार पर है। संवाद
प्रशासन का दावा, 17850 लंच पैकेट बांटे गए
तहसीलदार भीमचंद्र गौतम ने बताया कि अभी तक 17850 लंच पैकेट और 353 राशन किट और तिरपाल का वितरण किया गया है। लालपुर और बरोठा पंचायत के बाढ़ पीड़ितों को चिह्नितकर लंच पैकेट की व्यवस्था की जा रही है।
खुजली के बढ़े मरीज
सीएचसी अधीक्षक पीके रावत ने बताया कि लालपुर, बरोठा के अलावा लुधौरी, कोदीबाबा, झंडीमार्ग, कौड़ियाला आदि स्थानों पर टीम ने लोगों की जांच की। जांच में खुजली के 40 सबसे अधिक मरीज मिले है। इसके अलावा बुखार को 25 मरीज मिले हैं। सभी को दवा आदि का वितरण किया गया है। एसडीएम राजीव निगम, ईओ दिनेश शुक्ल ने मौका मुआयना किया है।

साइकिल पर चारा लेकरजाता ग्रामीण। संवाद