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चुनावी मौसम में हुई लुभावने वादों की बारिश

Thu, 10 Feb 2022 12:21 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 10 Feb 2022 12:21 AM IST
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The rain of lucrative promises in the election season
सुशील कुमार भार्गव - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। विधानसभा चुनाव में अपने दल की जीत का रास्ता तलाश रहे राजनीतिक दलों ने अपने-अपने घोषणापत्र जारी किए हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए भाजपा, सपा और कांग्रेस ने काफी लुभावने वादे किए हैं। इसमें संबधित पार्टियों ने हर परिवार को नौकरी, मुफ्त बिजली, कर्ज माफी से लेकर महिला आरक्षण और छात्राओं के लिए मुफ्त स्कूटी आदि तमाम वादे किए हैं। वहीं मतदाताओं का मानना है कि चुनावी मौसम में पार्टियों द्वारा जारी किए घोषणा-पत्र नहीं है, बल्कि जनता के लिए यह धोखापत्र हैं।
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जनपद में कुल आठ विधानसभा सीटों के लिए घमासान शुरू हो गया है। अभी तक आठों सीटें भाजपा के कब्जे में है, जिससे भाजपा की प्रतिष्ठा सबसे ज्यादा दांव पर लगी है। वहीं सपा, बसपा और दशकों से हासिये पर चल रही कांग्रेस भी इस बार किसी तरह खाता खोलने के प्रयास में दिन-रात एक कर रही है। भाजपा ने संकल्प पत्र सपा ने वचन पत्र और कांग्रेस ने उन्नति विधान पत्र जारी किया है। सभी दलों ने घोषणा पत्र के माध्यम से वादों की बौछार कर दी है, जिससे मतदाता भी इनके वादों का विश्लेषण करने में जुट गए हैं। हालांकि अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर किसी ने कोई वादा नहीं किया है।
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क्या कहते हैं युवा मतदाता
बांकेगंज कस्बा निवासी युवा मतदाता नीतेश कुमार कहते हैं कि चुनावी मौसम में विभिन्न पार्टियों द्वारा जारी किए घोषणा-पत्र में मुफ्त बिजली, राशन, केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा, छात्राओं को स्कूटी आदि समेत किए वादे सिर्फ कागजी हैं। उनका मानना है कि चुनाव जीतने के बाद सरकार बनने पर घोषणा-पत्र में किए सिर्फ कागजों तक सीमित रहते हैं। चुनावी वादे जनता के लिए छलावा साबित होते हैं।
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वादों पर नहीं होता अमल
बांकेगंज के युवा मतदाता सुशील कुमार भार्गव कहते हैं विधानसभा चुनाव हों या लोकसभा। सभी चुनावों में विभिन्न पार्टियों द्वारा जारी किए जाने वाले घोषणा-पत्र नहीं होते, बल्कि धोखा-पत्र होते हैं। चुनावी मौसम में किए गए वादों में एक चौथाई भी पूरे नहीं होते। राजनीतिक पार्टियां घोषणा-पत्र में जनता को मुंगेरी लाल के हसीन सपने की कहावत चरिथार्त करते हुए सरकार बनने के बाद किए गए वादों की ओर मुड़कर नहीं देखती।
ओयल निवासी करन अवस्थी ने बताया कि सरकार किसी की भी बने, लेकिन ऐसे लुभावने वादों से बचना चाहिए। पार्टी की छवि और उसकी विचारधारा के अनुसार चुनाव करना उचित होगा। मुफ्त में बांटने की प्रवत्ति ठीक नहीं है। सभी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार मुहैया कराने की ओर काम करना चाहिए।

संजय सैनी ने कहा कि किसी भी पार्टी को इन घोषणाओं से जनता को मुंगेरी लाल के हसीन सपने दिखाने से बचना चाहिए। समाज को जात-पात में बांटना बंद करे। सरकार को लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने पर काम करना चाहिए। जैसे रोजगार, स्वास्थ्य और सरकारी विद्यालयों की शिक्षा की ओर विशेष सुधार करने की आवश्यकता है, जिससे गरीब से गरीब व्यक्ति के बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले और वह सभी का नाम रौशन कर सके।

करन अवस्थी

करन अवस्थी- फोटो : LAKHIMPUR

संजय सैनी

संजय सैनी- फोटो : LAKHIMPUR

नीतेश कुमार

नीतेश कुमार- फोटो : LAKHIMPUR

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