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Lakhimpur Kheri News: बारिश ने धान की रोपाई को दी रफ्तार, तिल-मक्का के लिए बनी आफत
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बांकेगंज में धान की रोपाई करते किसान।
बांकेगंज। रूक-रूककर हो रही बारिश जहां आफत बनी है, वहीं धान रोपाई में राहत दी है। बारिश गन्ने के लिए वरदान है तो तिल और मक्का की पौध को नुकसान पहुंचा रही है।
कस्बा समेत क्षेत्र में पिछले पांच दिन के अधिक समय से रूक-रूक हो रही बारिश ने खेतों को लबालब कर दिया है। इस बारिश से धान के लिए तैयार किए गए खेतों में जलभराव से पलेवा कर दिया। किसानों ने धान की रोपाई तेजी से शुरू करा दी है। बांकेगंज क्षेत्र के बनवारीपुर, चौधीपुर, पूरनपुर, बेचापुर, ग्रंट नंबर तीन, नरगढ़ी आदि गांवों में किसानों की ओर से धान की पौध की रोपाई कराई जाने लगी है।
उधर बारिश ने तिल और मक्का की पौध को नुकसान पहुंचाया है। किसान यदुनंदन सिंह पुजारी, धीरेंद्र मौर्य, लव शर्मा, गोल्डी गोयल, राकेश सक्सेना, संजय भार्गव, रामकुमार भार्गव आदि ने बताया कि उन लोगों ने मक्का और तिल्ली की बुवाई की है। बारिश के पानी में बीज बह गए। पहले बोई गई फसल की पौध पानी भरने से खराब होने लगी।
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वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल ने बताया कि बारिश गन्ना फसल और धान की रोपाई के लिए अच्छी रही है। भूड़ एरिया के किसानों के लिए फायदेमंद है। मक्का, तिल, मूंग, खीरा और शाक-भाजी की पौध को जलभराव से नुकसान पहुंच सकता है। किसान संबंधित फसलों में जलभराव न हाेने दें। कहा कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में तिल की बुवाई करनी चाहिए। इससे पैदावार बढ़ती है।
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कस्बा समेत क्षेत्र में पिछले पांच दिन के अधिक समय से रूक-रूक हो रही बारिश ने खेतों को लबालब कर दिया है। इस बारिश से धान के लिए तैयार किए गए खेतों में जलभराव से पलेवा कर दिया। किसानों ने धान की रोपाई तेजी से शुरू करा दी है। बांकेगंज क्षेत्र के बनवारीपुर, चौधीपुर, पूरनपुर, बेचापुर, ग्रंट नंबर तीन, नरगढ़ी आदि गांवों में किसानों की ओर से धान की पौध की रोपाई कराई जाने लगी है।
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उधर बारिश ने तिल और मक्का की पौध को नुकसान पहुंचाया है। किसान यदुनंदन सिंह पुजारी, धीरेंद्र मौर्य, लव शर्मा, गोल्डी गोयल, राकेश सक्सेना, संजय भार्गव, रामकुमार भार्गव आदि ने बताया कि उन लोगों ने मक्का और तिल्ली की बुवाई की है। बारिश के पानी में बीज बह गए। पहले बोई गई फसल की पौध पानी भरने से खराब होने लगी।
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वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुहैल ने बताया कि बारिश गन्ना फसल और धान की रोपाई के लिए अच्छी रही है। भूड़ एरिया के किसानों के लिए फायदेमंद है। मक्का, तिल, मूंग, खीरा और शाक-भाजी की पौध को जलभराव से नुकसान पहुंच सकता है। किसान संबंधित फसलों में जलभराव न हाेने दें। कहा कि जुलाई के दूसरे सप्ताह में तिल की बुवाई करनी चाहिए। इससे पैदावार बढ़ती है।