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जुर्माने के नाम पर दो लाख वसूलकर शिकारियों को छोड़ दिया
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के अंतर्गत बरौंछा नाले में मछली और कछुओं का शिकार करने वाले शिकारियों से धन की उगाही करने के बाद बिना कोई केस काटे छोड़ देने का मामला सामने आया है। जांच शुरू करा दी गई है। जानकारी आला अफसरों तक पहुंचने के कारण संबंधित वनकर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के बरौंछा नाले पर एक सप्ताह पहले गश्त कर रहे वाचरों को मछली का शिकार करते चार लोग दिखाई पड़े। तलाशी लेने पर शिकारियों के पास से मछली और कुछ कछुए बरामद हुए थे। बताया जाता है कि वाचरों ने शिकारियों को पकड़कर जटपुरा बीट के फॉरेस्टर के हवाले कर दिया। फॉरेस्टर की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे रेंजर ने शिकारियों से पूछताछ शुरू की।
बताया जाता है कि रेंजर ने शिकारियों को जेल भेजने की धमकी देते हुए उनसे जुर्माने के नाम पर करीब दो लाख रुपये वसूल लिए लेकिन शिकारियों के खिलाफ न तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस काटा और न ही उन्हें जेल भेजा गया। जुर्माने के नाम पर वसूली गई धनराशि की न तो रसीद काटी न ही उसे सरकारी खजाने में जमा किया गया। बल्कि रुपये वसूलने के बाद शिकारियों को छोड़ दिया गया।
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इसी बीच उगाही गई धनराशि के बंटवारे को लेकर वनकर्मियों के बीच विवाद हो गया और मामला दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर तक जा पहुंचा। एफडी ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीटीआर बफरजोन के उपनिदेशक सुंदरेशा से मामले की जांच कराने को कहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उपनिदेशक सुंदरेशा ने इसकी जांच एसडीओ बफरजोन को सौंपी है।
मामले का खुलासा होने के बाद डीडी बफरजोन सुंदरेशा ने मंगलवार रेंजर मैलानी आरके श्रीवास्तव और मामले में शामिल अन्य वन कर्मियों को जिला मुख्यालय तलब कर मछली और कछुआ शिकार मामले में पकड़ कर छोड़े गए शिकारियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजने की निर्देश दिए गए।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन की मैलानी रेंज के बरौंछा नाले पर एक सप्ताह पहले गश्त कर रहे वाचरों को मछली का शिकार करते चार लोग दिखाई पड़े। तलाशी लेने पर शिकारियों के पास से मछली और कुछ कछुए बरामद हुए थे। बताया जाता है कि वाचरों ने शिकारियों को पकड़कर जटपुरा बीट के फॉरेस्टर के हवाले कर दिया। फॉरेस्टर की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे रेंजर ने शिकारियों से पूछताछ शुरू की।
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बताया जाता है कि रेंजर ने शिकारियों को जेल भेजने की धमकी देते हुए उनसे जुर्माने के नाम पर करीब दो लाख रुपये वसूल लिए लेकिन शिकारियों के खिलाफ न तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस काटा और न ही उन्हें जेल भेजा गया। जुर्माने के नाम पर वसूली गई धनराशि की न तो रसीद काटी न ही उसे सरकारी खजाने में जमा किया गया। बल्कि रुपये वसूलने के बाद शिकारियों को छोड़ दिया गया।
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इसी बीच उगाही गई धनराशि के बंटवारे को लेकर वनकर्मियों के बीच विवाद हो गया और मामला दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर तक जा पहुंचा। एफडी ने इसे गंभीरता से लेते हुए डीटीआर बफरजोन के उपनिदेशक सुंदरेशा से मामले की जांच कराने को कहा है। दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन उपनिदेशक सुंदरेशा ने इसकी जांच एसडीओ बफरजोन को सौंपी है।
मामले का खुलासा होने के बाद डीडी बफरजोन सुंदरेशा ने मंगलवार रेंजर मैलानी आरके श्रीवास्तव और मामले में शामिल अन्य वन कर्मियों को जिला मुख्यालय तलब कर मछली और कछुआ शिकार मामले में पकड़ कर छोड़े गए शिकारियों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेजने की निर्देश दिए गए।