फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   The parties sought compensation four times more than the circle rate

Lakhimpur Kheri News: पक्षकारों ने सर्किल रेट से चार गुना ज्यादा मुआवजा मांगा

Fri, 11 Aug 2023 12:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 11 Aug 2023 12:29 AM IST
विज्ञापन
The parties sought compensation four times more than the circle rate
तहसील सभागार में कारिडोर निर्माण में भूमि अधिकरण को लेकर पक्षकारों से वार्ता करते एसडीएम।
गोला गोकर्णनाथ। छोटी काशी कॉरिडोर निर्माण की सर्वे रिपोर्ट पर शासन-प्रशासन की मुहर लगने के बाद अधिग्रहण की कार्रवाई को लेकर एसडीएम ने पक्षकारों के साथ बैठक की। वहीं पक्षकारों ने सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा और पुनः सर्वे कराए जाने की मांग की।
विज्ञापन

छोटीकाशी कॉरिडोर की मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा के बाद से करीब एक वर्ष होने को है। इस दौरान तहसील जिले से लेकर प्रदेश स्तर तक के अधिकारियों की कई टीमें आईं और गईं। पैमाइश, नक्शा, अधिग्रहण को लेकर महीनों सर्वे हुए। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर 46 भवन जद में आए हैं। अब इन भवनों के पक्षकारों से सहमति पत्र न मिल पाने से अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। हालांकि करीब 10 पक्षकारों ने अपने सहमति पत्र दे भी दिए हैं।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार को तहसील सभागार में एसडीएम रत्नाकर मिश्रा, तहसीलदार विनोद कुमार गुप्ता, राजस्व निरीक्षकों और लेखपालों की मौजूदगी में पक्षकारों के साथ भूमि अधिग्रहण को लेकर बैठक की गई। बैठक में पक्षकार विनय केडिया, अरुण कुमार आदि ने कहा कि कॉरिडोर के लिए जो भूमि अधिग्रहित की जा रही हैं, उसका मुआवजा सर्किल रेट का 2 गुना ही दिया जा रहा है। जबकि उक्त भूमि की कीमत बहुत अधिक है। इसलिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीनों का मुआवजा चार गुना दिलाया जाए। भवनों का सर्वे दोबारा कराया जाय।
विज्ञापन
विज्ञापन

सर्किल रेट से दूना मिलेगा मुआवजा

छोटी काशी कॉरिडोर परिक्षेत्र में मुख्य मार्ग के किनारे की भूमि का सर्किल रेट राजस्व विभाग द्वारा 16800 रुपया प्रति वर्ग मीटर, और अंदर की भूमि का सर्किल रेट 9000 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित है। भूमि अधिग्रहण में सर्किल रेट के गुना मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। सूत्रों के अनुसार जो भवन सरकारी नजूल की जमीन पर बने हैं उन पक्षकारों को केवल भवन का मुआवजा मिलेगा। एसडीएम ने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित दर पर ही प्रतिकर दिए जाने की व्यवस्था है। शहरी क्षेत्र में डीएम द्वारा निर्धारित सर्किल रेट का दोगुना अनुमानित है, वही देय होगा।



6731 वर्ग मीटर भूमि की जानी है अधिग्रहीत

धर्मशालाओं सहित 46 भवनों से 6731 वर्ग मीटर भूमि अधिग्रहित की जानी है। अधिकारियों ने पक्षकारों से सहमति पत्र, दावा और आपत्ति एवं भूमि स्वामित्व संबंधी अभिलेख मांगे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed