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Lakhimpur Kheri News: मां की आंखों के सामने उजड़ गया इकलौता सहारा
Fri, 05 Jun 2026 10:58 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 05 Jun 2026 10:58 PM IST
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निघासन। तारानगर में मासूम रवि की हत्या की घटना ने पूरे गांव को झंकझोर कर रख दिया है। घायल मां ज्ञानदेवी ने रोते-बिलखते हुए बताया कि शादी के चार वर्ष बाद बड़ी मन्नतों और दुआओं के बाद पुत्र रवि का जन्म हुआ था। रवि के जन्म के बाद उन्हें दूसरी संतान नहीं हुई।
परिवार के लोगों के अनुसार, इसी दौरान पति रामप्रसाद का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और वह बदहवास अवस्था में इधर-उधर घूमने लगे। वर्तमान में वह गांव में मां के नाम बने इंदिरा आवास में अलग-थलग रहते हैं। ज्ञानदेवी के अनुसार, उनके पति चार भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। सबसे बड़े भाई संतकुमार, उनके पति रामप्रसाद, तीसरे नंबर पर कुंजबिहारी और सबसे छोटे भाई रामचंद्र हैं, जो करीब एक माह पहले रोजगार के लिए बंगलूरू गए हैं।
परिवार के दो भाई अविवाहित हैं। चारों भाइयों के नाम करीब पांच बीघा जमीन है और अब तक परिवार का खाना एक ही चूल्हे पर बनता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार पर एक साथ तीन बड़े दुख टूट पड़े हैं। एक ओर पति मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, दूसरी ओर इकलौते पुत्र रवि की असमय मौत हो गई और स्वयं ज्ञानदेवी गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद गांव में शोक और मातम का माहौल है। ग्रामीण परिवार की स्थिति को लेकर बेहद दुखी हैं और प्रशासन से हरसंभव सहायता की मांग कर रहे हैं।
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परिवार के लोगों के अनुसार, इसी दौरान पति रामप्रसाद का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और वह बदहवास अवस्था में इधर-उधर घूमने लगे। वर्तमान में वह गांव में मां के नाम बने इंदिरा आवास में अलग-थलग रहते हैं। ज्ञानदेवी के अनुसार, उनके पति चार भाइयों में दूसरे नंबर पर हैं। सबसे बड़े भाई संतकुमार, उनके पति रामप्रसाद, तीसरे नंबर पर कुंजबिहारी और सबसे छोटे भाई रामचंद्र हैं, जो करीब एक माह पहले रोजगार के लिए बंगलूरू गए हैं।
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परिवार के दो भाई अविवाहित हैं। चारों भाइयों के नाम करीब पांच बीघा जमीन है और अब तक परिवार का खाना एक ही चूल्हे पर बनता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस परिवार पर एक साथ तीन बड़े दुख टूट पड़े हैं। एक ओर पति मानसिक रूप से अस्वस्थ हैं, दूसरी ओर इकलौते पुत्र रवि की असमय मौत हो गई और स्वयं ज्ञानदेवी गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद गांव में शोक और मातम का माहौल है। ग्रामीण परिवार की स्थिति को लेकर बेहद दुखी हैं और प्रशासन से हरसंभव सहायता की मांग कर रहे हैं।
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