फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   The heat began to grow as well as the outbreak of measles

गर्मी के साथ ही बढ़ने लगा खसरे का प्रकोप 

Sat, 16 Apr 2016 11:45 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी। Updated Sat, 16 Apr 2016 11:45 PM IST
विज्ञापन
The heat began to grow as well as the outbreak of measles
fdsfds - फोटो : getty images
सावधानी न रखने पर हो सकता है जानलेवा 
विज्ञापन

गर्मी बढ़ने के साथ ही  खसरे का प्रकोप शुरू हो गया है। एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने वाली यह बीमारी खासकर बच्चों को चपेट में लेती है। इलाज में लापरवाही होने पर यह जानलेवा भी हो सकती है। नियमित टीकाकरण के बाद भी जिले में अब तक 11 केस मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
होली के बाद से खसरे का प्रकोप बढ़ता है। इसकी रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण कराता है हालांकि स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार टीकाकरण का लक्ष्य लगभग 95 प्रतिशत पूरा हो चुका है लेकिन इसके बावजूद अब तक खसरे के 11 केस मिल चुके हैं। जिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ राजेश कुमार ने बताया कि खसरा अक्सर गंदगी से फैलता है। खसरे की चपेट में अधिकतर 5 से 15 वर्ष के बच्चे आते हैं लेकिन अगर बीमारी व्यापक स्तर पर फैल जाती है तो बड़े भी इसकी चपेट में आ जाते हैं। इसमें तेज बुखार के साथ शरीर पर छोटे-छोटे लाल दाने पड़ जाते हैं। हालांकि बेहतर उपचार मिलने पर तीन से पांच दिन में ये ठीक भी हो जाते हैं लेकिन यदि समय से ठीक उपचार न मिले तो निमोनिया या डायरिया हो सकता है। बुखार दिमाग पर चढ़ जाता है। इससे पीड़ित को झटके आ सकते हैं और वह बेहोश हो सकता है। इस स्थिति में मौत भी हो सकती है। 
विज्ञापन

--
क्या है उपचार 
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ.राजेश कुमार ने बताया कि इसका कोई विशेष उपचार नहीं है रोकथाम के लिए टीकाकरण ही किया जाता है। बीमारी की चपेट में आ जाने पर लक्षणों का उपचार किया जाता है जैसे यदि बुखार है तो बुखार की दवा दी जाती है इसी तरह यदि डायरिया या निमोनिया हो जाता है तो उसका इलाज किया जाता है। इसमें आवश्यक है कि यदि किसी को खसरा हो जाता है तो उसे अन्य लोगों से दूर रखा जाए। 
विज्ञापन
विज्ञापन

--
जरूरी है टीकाकरण 
एसीएमओ डॉ.बलबीर सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग नियमित टीकाकरण कार्यक्रम चलाता है इसमें खसरे का टीका लगाया जाता है इसमें बच्चे को नौ माह पर टीका लगाया जाता है तथा विटामिन ए की खुराक दी जाती है। टीका लग जाने पर बच्चों में खसरा होने की आशंका लगभग समाप्त हो जाती है। 

--
टीम भेजकर कराया जाता है उपचार 
प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.बलबीर सिंह ने बताया कि टीकाकरण में कुछ बच्चे छूट जाते हैं। इसलिए इस मौसम में कहीं-कहीं एक-दो बच्चे चपेट में आ जाते हैं। जानकारी मिलने पर ऐसे गांवों में टीम भेजकर पीड़ित बच्चों का उपचार कराया जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed