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धान क्रय केंद्रों पर न बारदाना पहुंचा, हैंडलिंग ठेकेदार भी अभी तैनात नहीं
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राजापुर मंडी में लगा धान का ढेर।
एक पखवाड़ा बाद भी 12 में से केवल एक क्रय केंद्र पर हुई मामूली खरीद
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मंडी में अराजकता का माहौल देख भड़के एडीएम, आढ़तियों को चेताया
लखीमपुर खीरी। धान खरीद शुरू हुए एक पखवाड़ा बीत चुका है, लेकिन क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू होना तो दूर अभी बारदाना भी उपलब्ध नहीं है। शनिवार को पीसीएफ और पीसीयू के क्रय केंद्रों का सबसे बुरा हाल मिला, जिनमें औपचारिकतावश बैनर टांगकर कांटा-पंखा आदि सामान रख दिया गया है। इन केंद्रों पर बारदाना ही नहीं है। अभी हैंडलिंग ठेकेदार की भी नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिससे क्रय केंद्र महज शोपीस बने हुए हैं। मंडी में खुले 12 क्रय केंद्रों में से केवल एक पर करीब 35 क्विंटल की खरीद होना पाया गया। लेखपालों की जांच में तीन क्रय केंद्र प्रभारी नदारद मिले। वहीं आढ़तियों के यहां धान की जबरदस्त आवक से सारे फड़ व सड़कें धान से पटी रहीं।
एडीएम/जिला खरीद अधिकारी संजय कुमार सिंह व एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह पूर्वान्ह करीब 10.45 बजे मंडी समिति राजापुर स्थित क्रय केंद्रों की जांच करने पहुंचे, जहां धान की खरीद न किए जाने पर केंद्र प्रभारियों को फटकार लगाई है। इस दौरान मंडी में धान बेचने आए किसानों ने एडीएम और एसडीएम को घेर लिया और क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ शिकायतें करने लगे। आढ़तियों के यहां धान के ढेर लगे मिले, जबकि क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा मिला। इससे एडीएम को सारा माजरा समझ आ गया। उन्होंने धान के ढेर की गुणवत्ता चेक की, जिसमें कुछ धान में नमी ज्यादा मिली तो कुछ ढेरियों में धान मानक के अनुरूप सूखा मिला। किसानों ने आढ़त पर एक हजार से 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदे जाने की शिकायत की, जिस पर एडीएम ने आढ़तियों को एमएसपी 1940 रुपये से बोली शुरू करने के निर्देश दिए तो आढ़तियों में खलबली मच गई।
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आढ़तियों ने कंबाइन से कटे धान में अधिक नमी होने समेत कई अन्य तर्क रखे और बीच का रास्ता निकालने की मांग की तो एडीएम ने लेखपाल से सभी किसानों के बयान दर्ज कराए, जिसमें कई किसान पड़ोसी जनपद सीतापुर के भी निकले, जिन्होंने आढ़तियों के पास ही धान बेचने पर हामी भरी और सही मूल्य दिलाने की मांग भी रखी। जिन किसानों का धान सूखा था, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं था तो एडीएम ने उनके रजिस्ट्रेशन कराकर धान खरीदने का निर्देश केंद्र प्रभारियों को दिए।
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एडीएम ने मंडी गेट पर हेल्प डेस्क स्थापित कर किसानों का रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश मंडी सचिव सुधांशु कुमार को दिए। नमी अधिक होने धान को ड्रायर में सुखाने की सुविधा किसानों को उपलब्ध कराने के निर्देश मंडी सचिव को दिए। केंद्रों पर रिजेक्ट किए जाने वाले धान के बारे में किसानों का ब्योरा रजिस्टर पर दर्ज करने के निर्देश सभी केंद्र प्रभारियों को दिए। इस दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय, मंडी सचिव सुधांशु कुमार मौजूद रहे।
नीलामी में उल्टी बोली लगाने पर एडीएम ने जताई नाराजगी
मंडी में मौजूद किसानों ने आढ़तों पर धान की नीलामी के दौरान उल्टी बोली लगाए जाने की शिकायत की, जिससे किसानों को सबसे अधिक नुकसान होता है। मसलन 1940 रुपये वाले धान की बोली 1400 रुपये से शुरू करके फिर 1350, 1300, 1250 रुपये बोलकर घटाते जाते हैं। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है, जिस पर अभी तक अंकुश नहीं लग पाया है। एडीएम संजय कुमार सिंह ने उल्टी बोली लगाने पर नाराजगी जताई और सीधी बोली लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों की मौजूदगी में नीलामी कराने व वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए।
इन क्रय केंद्रों पर नहीं बारदाना
मंडी समिति राजापुर में खुले पीसीएफ के क्रय केंद्र प्रथम पर पूर्वान्ह 10.30 बजे केंद्र प्रभारी ज्ञान सिंह यादव मौजूद नहीं थे, बल्कि सहायक रोहित कुमार उपस्थित मिले। उन्होंने बताया कि बारदाना नहीं मिला है और अभी हैंडलिंग ठेकेदार की भी नियुक्ति नहीं हुई है। इससे खरीद प्रारंभ नहीं हो पाई है। इसी एजेंसी के क्रय केंद्र द्वितीय पर मौजूद केंद्र प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि बारदाना नहीं मिला है, हैंडलिंग ठेकेदार नियुक्त नहीं है और न राइस मिल संबद्घ हुई है। ऐसे ही पीसीयू के क्रय केंद्र के प्रभारी शंभू दयाल ने बताया कि अभी बारदाना नहीं मिल पाया है और हैंडलिंग ठेकेदार की तैनाती नहीं हो पाई है।
अभी केंद्र प्रभारियों को सक्रिय करने के उद्देश्य से निरीक्षण किया है। सभी केंद्र प्रभारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किसानों का धान खरीदने के निर्देश दिए हैं, जिनके पास बारदाना नहीं है, उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है। धान की गुणवत्ता खराब होने पर भी किसानों को उचित मूल्य दिलाने के निर्देश दिए हैं। - संजय कुमार सिंह, एडीएम/जिला खरीद अधिकारी
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मंडी में अराजकता का माहौल देख भड़के एडीएम, आढ़तियों को चेताया लखीमपुर खीरी। धान खरीद शुरू हुए एक पखवाड़ा बीत चुका है, लेकिन क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू होना तो दूर अभी बारदाना भी उपलब्ध नहीं है। शनिवार को पीसीएफ और पीसीयू के क्रय केंद्रों का सबसे बुरा हाल मिला, जिनमें औपचारिकतावश बैनर टांगकर कांटा-पंखा आदि सामान रख दिया गया है। इन केंद्रों पर बारदाना ही नहीं है। अभी हैंडलिंग ठेकेदार की भी नियुक्ति नहीं हो पाई है, जिससे क्रय केंद्र महज शोपीस बने हुए हैं। मंडी में खुले 12 क्रय केंद्रों में से केवल एक पर करीब 35 क्विंटल की खरीद होना पाया गया। लेखपालों की जांच में तीन क्रय केंद्र प्रभारी नदारद मिले। वहीं आढ़तियों के यहां धान की जबरदस्त आवक से सारे फड़ व सड़कें धान से पटी रहीं।
एडीएम/जिला खरीद अधिकारी संजय कुमार सिंह व एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह पूर्वान्ह करीब 10.45 बजे मंडी समिति राजापुर स्थित क्रय केंद्रों की जांच करने पहुंचे, जहां धान की खरीद न किए जाने पर केंद्र प्रभारियों को फटकार लगाई है। इस दौरान मंडी में धान बेचने आए किसानों ने एडीएम और एसडीएम को घेर लिया और क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ शिकायतें करने लगे। आढ़तियों के यहां धान के ढेर लगे मिले, जबकि क्रय केंद्रों पर सन्नाटा पसरा मिला। इससे एडीएम को सारा माजरा समझ आ गया। उन्होंने धान के ढेर की गुणवत्ता चेक की, जिसमें कुछ धान में नमी ज्यादा मिली तो कुछ ढेरियों में धान मानक के अनुरूप सूखा मिला। किसानों ने आढ़त पर एक हजार से 1200 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदे जाने की शिकायत की, जिस पर एडीएम ने आढ़तियों को एमएसपी 1940 रुपये से बोली शुरू करने के निर्देश दिए तो आढ़तियों में खलबली मच गई।
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आढ़तियों ने कंबाइन से कटे धान में अधिक नमी होने समेत कई अन्य तर्क रखे और बीच का रास्ता निकालने की मांग की तो एडीएम ने लेखपाल से सभी किसानों के बयान दर्ज कराए, जिसमें कई किसान पड़ोसी जनपद सीतापुर के भी निकले, जिन्होंने आढ़तियों के पास ही धान बेचने पर हामी भरी और सही मूल्य दिलाने की मांग भी रखी। जिन किसानों का धान सूखा था, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं था तो एडीएम ने उनके रजिस्ट्रेशन कराकर धान खरीदने का निर्देश केंद्र प्रभारियों को दिए।
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एडीएम ने मंडी गेट पर हेल्प डेस्क स्थापित कर किसानों का रजिस्ट्रेशन कराने के निर्देश मंडी सचिव सुधांशु कुमार को दिए। नमी अधिक होने धान को ड्रायर में सुखाने की सुविधा किसानों को उपलब्ध कराने के निर्देश मंडी सचिव को दिए। केंद्रों पर रिजेक्ट किए जाने वाले धान के बारे में किसानों का ब्योरा रजिस्टर पर दर्ज करने के निर्देश सभी केंद्र प्रभारियों को दिए। इस दौरान जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय, मंडी सचिव सुधांशु कुमार मौजूद रहे।
नीलामी में उल्टी बोली लगाने पर एडीएम ने जताई नाराजगी
मंडी में मौजूद किसानों ने आढ़तों पर धान की नीलामी के दौरान उल्टी बोली लगाए जाने की शिकायत की, जिससे किसानों को सबसे अधिक नुकसान होता है। मसलन 1940 रुपये वाले धान की बोली 1400 रुपये से शुरू करके फिर 1350, 1300, 1250 रुपये बोलकर घटाते जाते हैं। यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है, जिस पर अभी तक अंकुश नहीं लग पाया है। एडीएम संजय कुमार सिंह ने उल्टी बोली लगाने पर नाराजगी जताई और सीधी बोली लगाने के निर्देश दिए। साथ ही कर्मचारियों की मौजूदगी में नीलामी कराने व वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए।इन क्रय केंद्रों पर नहीं बारदाना
मंडी समिति राजापुर में खुले पीसीएफ के क्रय केंद्र प्रथम पर पूर्वान्ह 10.30 बजे केंद्र प्रभारी ज्ञान सिंह यादव मौजूद नहीं थे, बल्कि सहायक रोहित कुमार उपस्थित मिले। उन्होंने बताया कि बारदाना नहीं मिला है और अभी हैंडलिंग ठेकेदार की भी नियुक्ति नहीं हुई है। इससे खरीद प्रारंभ नहीं हो पाई है। इसी एजेंसी के क्रय केंद्र द्वितीय पर मौजूद केंद्र प्रभारी राहुल कुमार ने बताया कि बारदाना नहीं मिला है, हैंडलिंग ठेकेदार नियुक्त नहीं है और न राइस मिल संबद्घ हुई है। ऐसे ही पीसीयू के क्रय केंद्र के प्रभारी शंभू दयाल ने बताया कि अभी बारदाना नहीं मिल पाया है और हैंडलिंग ठेकेदार की तैनाती नहीं हो पाई है।अभी केंद्र प्रभारियों को सक्रिय करने के उद्देश्य से निरीक्षण किया है। सभी केंद्र प्रभारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किसानों का धान खरीदने के निर्देश दिए हैं, जिनके पास बारदाना नहीं है, उन्हें उपलब्ध कराया जा रहा है। धान की गुणवत्ता खराब होने पर भी किसानों को उचित मूल्य दिलाने के निर्देश दिए हैं। - संजय कुमार सिंह, एडीएम/जिला खरीद अधिकारी