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Lakhimpur Kheri News: चौखड़ा फार्म में बाघिन और शावकों की दस्तक से सहमा इलाका
Thu, 09 Jul 2026 11:48 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:48 PM IST
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मझगईं। चौखड़ा फार्म इलाके में इस वक्त खौफ का मंजर है। पिछले एक हफ्ते से जंगली हाथियों के झुंड से परेशान ग्रामीण अभी संभल भी नहीं पाए थे कि अब बाघिन और उसके दो शावकों की मौजूदगी ने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है।
चौखड़ा फार्म में ऊंचे गुरुद्वारे के पास रहने वाले स्वर्ण सिंह ने बताया कि बाघिन उनके झाले के पास से होकर गुजरी है। ट्यूबवेल के आसपास बाघिन के पैरों के निशान भी देखे गए हैं। वहीं अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन अपने दो शावकों के साथ बिल्लू की कोठी तक चहलकदमी करती देखी गई है। इस खबर के बाद से ग्रामीण इतने डरे हुए हैं कि वह अब अपने खेतों की तरफ जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं। इलाके में इस बाघिन के दिखने से लोग इसलिए भी ज्यादा सहमे हुए हैं, क्योंकि ठीक एक साल पहले इसी जगह पर एक दर्दनाक हादसा हुआ था। तब बाघ ने मझगई निवासी मजदूर बाबूराम को मौत के घाट उतार दिया था। उस समय भारी विरोध के बाद वन विभाग ने बाघ को पिंजरे में कैद किया था। अब एक बार फिर वही मंजर सामने आने से लोगों को पुरानी यादें ताजा हो गई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाए तो कोई बड़ा हादसा फिर हो सकता है। इस मामले में जब मझगईं के वन क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इस बारे में आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन वह तुरंत स्थिति की जांच कराने के लिए टीम भेज रहे हैं।
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चौखड़ा फार्म में ऊंचे गुरुद्वारे के पास रहने वाले स्वर्ण सिंह ने बताया कि बाघिन उनके झाले के पास से होकर गुजरी है। ट्यूबवेल के आसपास बाघिन के पैरों के निशान भी देखे गए हैं। वहीं अन्य ग्रामीणों का कहना है कि बाघिन अपने दो शावकों के साथ बिल्लू की कोठी तक चहलकदमी करती देखी गई है। इस खबर के बाद से ग्रामीण इतने डरे हुए हैं कि वह अब अपने खेतों की तरफ जाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे हैं। इलाके में इस बाघिन के दिखने से लोग इसलिए भी ज्यादा सहमे हुए हैं, क्योंकि ठीक एक साल पहले इसी जगह पर एक दर्दनाक हादसा हुआ था। तब बाघ ने मझगई निवासी मजदूर बाबूराम को मौत के घाट उतार दिया था। उस समय भारी विरोध के बाद वन विभाग ने बाघ को पिंजरे में कैद किया था। अब एक बार फिर वही मंजर सामने आने से लोगों को पुरानी यादें ताजा हो गई हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग ने ठोस कदम नहीं उठाए तो कोई बड़ा हादसा फिर हो सकता है। इस मामले में जब मझगईं के वन क्षेत्रीय अधिकारी अंकित सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इस बारे में आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन वह तुरंत स्थिति की जांच कराने के लिए टीम भेज रहे हैं।
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