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Lakhimpur Kheri News: स्वागत में सज रहा प्राचीन भुई फोरवानाथ मंदिर
Wed, 29 Jul 2026 11:07 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:07 PM IST
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सावन की तैयारी में प्राचीन भुई फोरवानाथ मंदिर की हो रही साफ सफाई। संवाद
लखीमपुर खीरी। बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे सावन को लेकर शहर के शिवालयों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शहर के सबसे प्राचीन शिव मंदिरों में शामिल भुई फोरवानाथ मंदिर भी सजने लगा है। परिसर में साफ-सफाई, शिवलिंग का विशेष शृंगार और रंग-बिरंगी विद्युत झालरों से सजावट समेत अन्य व्यवस्थाएं तेजी से की जा रही हैं।
श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। दर्शन और पूजा के दौरान व्यवस्था सुचारु रखने के लिए मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
मंदिर के महंत अमित गिरी ने बताया कि सावन में प्रतिदिन महाआरती, धार्मिक कथा, भंडारे और शिवलिंग का बर्फ से विशेष श्रृंगार होगा। पूरे महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव को जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने पहुंचते हैं।
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महंत के मुताबिक, भुई फोरवानाथ मंदिर करीब 300 से 400 वर्ष पुराना है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयं भूमि को फोड़कर प्रकट हुआ था। इसी कारण मंदिर का नाम भुई फोरवानाथ पड़ा। सावन में यह मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।
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श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। दर्शन और पूजा के दौरान व्यवस्था सुचारु रखने के लिए मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं।
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मंदिर के महंत अमित गिरी ने बताया कि सावन में प्रतिदिन महाआरती, धार्मिक कथा, भंडारे और शिवलिंग का बर्फ से विशेष श्रृंगार होगा। पूरे महीने बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव को जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करने पहुंचते हैं।
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महंत के मुताबिक, भुई फोरवानाथ मंदिर करीब 300 से 400 वर्ष पुराना है। मान्यता है कि यहां स्थापित शिवलिंग स्वयं भूमि को फोड़कर प्रकट हुआ था। इसी कारण मंदिर का नाम भुई फोरवानाथ पड़ा। सावन में यह मंदिर शिवभक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है।