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Lakhimpur Kheri News: प्रशासन को भी नहीं पता शहर के मुक्तिधाम का संचालक कौन
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शहर का मुक्तिधाम। संवाद
लखीमपुर खीरी। शहर के मुक्तिधाम की बागडोर किसके हाथ में है, यह किसी को भी नहीं पता। मुक्तिधाम पर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर वसूली, शव दाह के लिए लकड़ियों की बिक्री से होने वाली आय किसके हाथों में जा रही है, यह न तो नगर पालिका को पता है और न ही जिला पंचायत व ग्राम पंचायत को। अब जिला प्रशासन ने भी इसके संचालन की जानकारी न होने की बात कही है।
मुक्तिधाम पर होने वाली वसूली किसके हाथ में जा रही है, यह अब जांच का विषय बन गया है। सुआगाड़ा गांव निवासी शत्रोहन ने मुख्यमंत्री के साथ ही डीएम को संबोधित शिकायत में कहा कि पत्नी गोमती देवी की मृत्यु होने पर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया था।
आरोप है कि कर्मकांड कराने वाले पंडित ने मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए 1000 रुपये मांगे। शत्रोहन ने बताया कि नोटिस बोर्ड पर मात्र 10 रुपये लिखा है। ज्यादा रुपये मांगने का विरोध करने पर पंडित ने प्रमाण-पत्र देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद वह फिर भी 300 रुपये देने को राजी हो गया, लेकिन पंडित एक हजार रुपये की बात पर अड़ा रहा। पीड़ित ने बताया कि पत्नी के इलाज में पहले ही काफी रुपये खर्च हो चुके हैं। ऐसे में अब और रुपये खर्च करने की स्थिति नहीं है।
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किसने क्या कहा
घोसियाना गांव में बने मुक्तिधाम के मामले में नगर पालिका के ईओ संजय सिंह ने बताया कि मुक्तिधाम नगर पालिका के अधीन नहीं है। जिला पंचायत के एएमए जागन सिंह ने कहा कि जिला पंचायत का मुक्तिधाम से कोई भी वास्ता नहीं। लखीमपुर देहात ग्राम पंचायत के सचिव हिमांशु ने कहा कि ग्राम पंचायत मुक्तिधाम का संचालन नहीं करती है।
मुक्तिधाम का संचालन कौन कर रहा है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। न ही वहां पर होने वाली वसूली की जानकारी है। मामले में सभी बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। -संजय सिंह, एडीएम प्रशासन
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मुक्तिधाम पर होने वाली वसूली किसके हाथ में जा रही है, यह अब जांच का विषय बन गया है। सुआगाड़ा गांव निवासी शत्रोहन ने मुख्यमंत्री के साथ ही डीएम को संबोधित शिकायत में कहा कि पत्नी गोमती देवी की मृत्यु होने पर मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार किया था।
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आरोप है कि कर्मकांड कराने वाले पंडित ने मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए 1000 रुपये मांगे। शत्रोहन ने बताया कि नोटिस बोर्ड पर मात्र 10 रुपये लिखा है। ज्यादा रुपये मांगने का विरोध करने पर पंडित ने प्रमाण-पत्र देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद वह फिर भी 300 रुपये देने को राजी हो गया, लेकिन पंडित एक हजार रुपये की बात पर अड़ा रहा। पीड़ित ने बताया कि पत्नी के इलाज में पहले ही काफी रुपये खर्च हो चुके हैं। ऐसे में अब और रुपये खर्च करने की स्थिति नहीं है।
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किसने क्या कहा
घोसियाना गांव में बने मुक्तिधाम के मामले में नगर पालिका के ईओ संजय सिंह ने बताया कि मुक्तिधाम नगर पालिका के अधीन नहीं है। जिला पंचायत के एएमए जागन सिंह ने कहा कि जिला पंचायत का मुक्तिधाम से कोई भी वास्ता नहीं। लखीमपुर देहात ग्राम पंचायत के सचिव हिमांशु ने कहा कि ग्राम पंचायत मुक्तिधाम का संचालन नहीं करती है।
मुक्तिधाम का संचालन कौन कर रहा है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। न ही वहां पर होने वाली वसूली की जानकारी है। मामले में सभी बिंदुओं पर जांच कराई जाएगी। -संजय सिंह, एडीएम प्रशासन