{"_id":"2309f03abaf7d135174cf90492cd974e","slug":"teachers-sharing-milk-boycotted-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षकों ने दूध बांटने का बहिष्कार किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षकों ने दूध बांटने का बहिष्कार किया
लखीमपुर खीरी
Updated Wed, 09 Sep 2015 11:44 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बच्चों को बुधवार को दुग्ध उपलब्ध कराने को लेकर जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों ने हाथ खड़े कर दिए। इसको लेकर शिक्षकों ने विलोबी मेमोरियल हाल के मैदान और फिर कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन किया तथा एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। शिक्षकों के दुग्ध वितरण बहिष्कार से बुधवार को अधिकांश विद्यालयों के बच्चों को दूध नहीं मिल पाया है।
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ नेे मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बताया है कि दूध और कोफ्ता चावल में प्रति विद्यार्थी लगभग 19 रुपये खर्च आता है जबकि सरकार द्वारा क्रमश: 3.59 पैसे और 5.38 पैसे उपलब्ध कराया जाता है। ऐसी स्थिति में शिक्षक दूध उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं हैं। मांग की है कि धनराशि के साथ ही गुणवत्तापरक दूध भी सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाए क्योंकि गुणवत्ता जांचने का शिक्षकों के पास कोई उपकरण नहीं है। धनराशि के अभाव में तथा गुणवत्तापरक दूध न उपलब्ध होने के कारण शिक्षकों का उत्पीड़न किया जाता है। शिक्षकों के बहिष्कार के चलते बुधवार को शहरी क्षेत्रों को छोड़ ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश विद्यालयों में दुग्ध वितरण नहीं हो पाया। प्रदर्शन करने वालों में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा, महामंत्री संतोष कुमार भार्गव, मानसिंह वर्मा, प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी सहित तमाम शिक्षक शामिल थे।
विज्ञापन
जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ नेे मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बताया है कि दूध और कोफ्ता चावल में प्रति विद्यार्थी लगभग 19 रुपये खर्च आता है जबकि सरकार द्वारा क्रमश: 3.59 पैसे और 5.38 पैसे उपलब्ध कराया जाता है। ऐसी स्थिति में शिक्षक दूध उपलब्ध कराने की स्थिति में नहीं हैं। मांग की है कि धनराशि के साथ ही गुणवत्तापरक दूध भी सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाए क्योंकि गुणवत्ता जांचने का शिक्षकों के पास कोई उपकरण नहीं है। धनराशि के अभाव में तथा गुणवत्तापरक दूध न उपलब्ध होने के कारण शिक्षकों का उत्पीड़न किया जाता है। शिक्षकों के बहिष्कार के चलते बुधवार को शहरी क्षेत्रों को छोड़ ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकांश विद्यालयों में दुग्ध वितरण नहीं हो पाया। प्रदर्शन करने वालों में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार मिश्रा, महामंत्री संतोष कुमार भार्गव, मानसिंह वर्मा, प्राथमिक शिक्षक संघ के कार्यवाहक जिलाध्यक्ष संजीव त्रिपाठी सहित तमाम शिक्षक शामिल थे।
विज्ञापन