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महीनों से शिक्षिका गायब, अफसर बेखबर
अमर उजाला ब्यूरो लखीमपुर खीरी।
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:25 PM IST
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teacher
- फोटो : amar ujala
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एमडीएम समन्वयक के निरीक्षण में हुआ खुलासा
बीएसए ने दो सदस्यीय कमेटी को सौंपी जांच
प्रधानाध्यापक समेत बीईओ की भूमिका संदिग्ध
बेहजम के उच्च प्राथमिक विद्यालय बम्हनियारपुर का मामला
बेसिक शिक्षा विभाग में ब्लाक स्तर पर सैटिंग का दौर इस कदर हावी है कि कई महीने तक अनुपस्थित शिक्षिका की सूचना बीईओ से लेकर बीएसए तक नहीं पहुंची, बल्कि बेधड़क वेतन भी जारी होता रहा। मामला बेहजम ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बम्हनियारपुर का है। एमडीएम समन्वयक रितुराज सिंह ने स्कूल को निरीक्षण किया, तो शिक्षिका सीता देवी लंबे समय से अनुपस्थित मिलीं। और तो और इस दौरान उन्होंने सक्षम अधिकारी से अवकाश भी स्वीकृत नहीं कराया। प्रधानाध्यापक ने भी मामले की सूचना बीईओ या एबीआरसी को नहीं दी और न ही अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया। इस पर बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने दो अधिकारियों की जांच कमेटी बनाकर दोषी शिक्षक/कर्मचारी/अधिकारी के बारे में साक्ष्य सहित आख्या सात दिन में तलब की है।
एमडीएम के जिला समन्वयक रितुराज सिंह ने 23 अगस्त 2016 को बेहजम ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बम्हनियारपुर का निरीक्षण किया, तो प्रधानाध्यापक राजकिशोर उपस्थित मिले। जबकि सहायक अध्यापक सीता देवी आठ जुलाई 2016 से लगातार अनुपस्थित मिली। इस पर उपस्थिति पंजिका जांची तो पता चला कि 23 सितंबर 2015 को विद्यालय ज्वाइन किया था। इसके बाद वह 28 व 29 अक्तूबर 2015 को सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बगैर आकस्मिक अवकाश पर रहीं। इसके बाद एक नवंबर 2015 से 24 अप्रैल 2016 तक लगातार मातृत्व अवकाश के नाम पर सक्षम अधिकारी से अनुमति के बिना अनुपस्थित रहीं। निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी बताया कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद से सहायक अध्यापक सीता देवी दो-तीन बार ही विद्यालय आईं। इसके बावजूद शिक्षिका बेरोकटोक वेतन आहरित करती रहीं। प्रधानाध्यापक ने भी लंबे समय से अनुपस्थित रहने के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी।
बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीईओ नकहा रामजनक वर्मा और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) पृथ्वीराज सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। बीएसए ने टीम को निर्देश दिए हैं कि विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण करें और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करें।
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दोषी शिक्षक/कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ सात दिन में रिपोर्ट तलब की गई है, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वित्त व लेखाधिकारी और बेहजम बीईओ को भी जांच में सहयोग करने के लिए कहा है।
संजय कुमार शुक्ला, बीएसए
बीएसए ने दो सदस्यीय कमेटी को सौंपी जांच
प्रधानाध्यापक समेत बीईओ की भूमिका संदिग्ध
बेहजम के उच्च प्राथमिक विद्यालय बम्हनियारपुर का मामला
बेसिक शिक्षा विभाग में ब्लाक स्तर पर सैटिंग का दौर इस कदर हावी है कि कई महीने तक अनुपस्थित शिक्षिका की सूचना बीईओ से लेकर बीएसए तक नहीं पहुंची, बल्कि बेधड़क वेतन भी जारी होता रहा। मामला बेहजम ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बम्हनियारपुर का है। एमडीएम समन्वयक रितुराज सिंह ने स्कूल को निरीक्षण किया, तो शिक्षिका सीता देवी लंबे समय से अनुपस्थित मिलीं। और तो और इस दौरान उन्होंने सक्षम अधिकारी से अवकाश भी स्वीकृत नहीं कराया। प्रधानाध्यापक ने भी मामले की सूचना बीईओ या एबीआरसी को नहीं दी और न ही अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया। इस पर बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने दो अधिकारियों की जांच कमेटी बनाकर दोषी शिक्षक/कर्मचारी/अधिकारी के बारे में साक्ष्य सहित आख्या सात दिन में तलब की है।
एमडीएम के जिला समन्वयक रितुराज सिंह ने 23 अगस्त 2016 को बेहजम ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय बम्हनियारपुर का निरीक्षण किया, तो प्रधानाध्यापक राजकिशोर उपस्थित मिले। जबकि सहायक अध्यापक सीता देवी आठ जुलाई 2016 से लगातार अनुपस्थित मिली। इस पर उपस्थिति पंजिका जांची तो पता चला कि 23 सितंबर 2015 को विद्यालय ज्वाइन किया था। इसके बाद वह 28 व 29 अक्तूबर 2015 को सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के बगैर आकस्मिक अवकाश पर रहीं। इसके बाद एक नवंबर 2015 से 24 अप्रैल 2016 तक लगातार मातृत्व अवकाश के नाम पर सक्षम अधिकारी से अनुमति के बिना अनुपस्थित रहीं। निरीक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं ने भी बताया कि कार्यभार ग्रहण करने के बाद से सहायक अध्यापक सीता देवी दो-तीन बार ही विद्यालय आईं। इसके बावजूद शिक्षिका बेरोकटोक वेतन आहरित करती रहीं। प्रधानाध्यापक ने भी लंबे समय से अनुपस्थित रहने के बारे में उच्चाधिकारियों को सूचना नहीं दी।
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बीएसए संजय कुमार शुक्ला ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बीईओ नकहा रामजनक वर्मा और सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी (सर्व शिक्षा अभियान) पृथ्वीराज सिंह को जांच अधिकारी नामित किया है। बीएसए ने टीम को निर्देश दिए हैं कि विद्यालय का स्थलीय निरीक्षण करें और पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करें।
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दोषी शिक्षक/कर्मचारी और अधिकारी के खिलाफ सात दिन में रिपोर्ट तलब की गई है, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वित्त व लेखाधिकारी और बेहजम बीईओ को भी जांच में सहयोग करने के लिए कहा है।
संजय कुमार शुक्ला, बीएसए