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डीआईओएस के निरीक्षण में गायब मिले शिक्षक
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छात्रों को पढ़ाते डीआईओएस।
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गैर हाजिर शिक्षकों को नोटिस प्रधानाचार्य को चेतावनी
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रटने की बजाय छात्रों में समझने की पैदा करें प्रवृति
लखीमपुर खीरी। डीआईओएस ने सोमवार को पलिया के बल्देव वैदिक इंटर कॉलेज, जिला पंचायत इंटर कॉलेज बिजुआ एवं भीरा, किसान इंटर कॉलेज नीमगांव, राजकीय हाईस्कूल चुरईपुरवा का निरीक्षण किया। इस दौरान किसान इंटर कॉलेज नीमगांव एवं राजकीय हाईस्कूल चुरईपुरवा में ताला पड़ा मिला। इस पर प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण तलब किया है।
निरीक्षण के दौरान बल्देव वैदिक इटंर कॉलेज में कक्षा आठ में अंग्रेजी के शिक्षक नहीं मिले। इस पर प्रधानाचार्य भी जवाब नहीं दे सके। इस पर डीआईओएस ने छात्रों को पढ़ाते हुए सवाल जवाब किए, लेकिन छात्रों से सही जवाब न मिलने पर उन्होंने प्रधानाचार्य से कहा कि बच्चों को रटाने पर नहीं समझाने पर जोर दें। इस दौरान अन्य विषयों के प्रश्न पूछें, लेकिन छात्र सही जवाब नहीं दे सके। इस पर डीआईओएस ने छात्रों को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सहभागी बनाया जाय। बच्चों में रटने की प्रवृत्ति की बजाय समझने एवं रचने की प्रवत्ति विकसित की जाए। इसके लिए छात्रों को ब्लैकबोर्ड तक लाकर अभिव्यक्ति का अवसर दिया जाए। डीआईओएस ने कहा कि शिक्षक स्वयं स्वाध्याय कर ज्ञान से अपडेट रहें। प्रधानाचार्य को कॉलेज के अभिलेख अपडेट करने के निर्देश दिए।
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रटने की बजाय छात्रों में समझने की पैदा करें प्रवृति लखीमपुर खीरी। डीआईओएस ने सोमवार को पलिया के बल्देव वैदिक इंटर कॉलेज, जिला पंचायत इंटर कॉलेज बिजुआ एवं भीरा, किसान इंटर कॉलेज नीमगांव, राजकीय हाईस्कूल चुरईपुरवा का निरीक्षण किया। इस दौरान किसान इंटर कॉलेज नीमगांव एवं राजकीय हाईस्कूल चुरईपुरवा में ताला पड़ा मिला। इस पर प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण तलब किया है।
निरीक्षण के दौरान बल्देव वैदिक इटंर कॉलेज में कक्षा आठ में अंग्रेजी के शिक्षक नहीं मिले। इस पर प्रधानाचार्य भी जवाब नहीं दे सके। इस पर डीआईओएस ने छात्रों को पढ़ाते हुए सवाल जवाब किए, लेकिन छात्रों से सही जवाब न मिलने पर उन्होंने प्रधानाचार्य से कहा कि बच्चों को रटाने पर नहीं समझाने पर जोर दें। इस दौरान अन्य विषयों के प्रश्न पूछें, लेकिन छात्र सही जवाब नहीं दे सके। इस पर डीआईओएस ने छात्रों को सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में सहभागी बनाया जाय। बच्चों में रटने की प्रवृत्ति की बजाय समझने एवं रचने की प्रवत्ति विकसित की जाए। इसके लिए छात्रों को ब्लैकबोर्ड तक लाकर अभिव्यक्ति का अवसर दिया जाए। डीआईओएस ने कहा कि शिक्षक स्वयं स्वाध्याय कर ज्ञान से अपडेट रहें। प्रधानाचार्य को कॉलेज के अभिलेख अपडेट करने के निर्देश दिए।
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