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बाघ का हल्ला कांबिंग की तो निकला सुअर
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ममरी। बाघ की दहशत किस कदर है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बुधवार की सुबह बाघ की दहशत में खेतों में काम कर रहे किसानों में भगदड़ मच गई। वन विभाग की टीम ने कांबिंग की तो सुअर निकला। तब जाकर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव बंजारगंज के कई किसान बुधवार सवेरे खेतों की तरफ गए थे। खेत देख कर गन्ने के खेत में किसी जानवर के होने की आहट हुई। इस पर गांव निवासी अवधराम डर गया। उसने गांव पहुंचकर केशवराम के गन्ने में बाघ के मौजूद होने की जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर रामप्रसाद ने जब ग्रामीणों संग गन्ने में कांबिंग की तो उसमें जंगली सूअर मिला। जो भीड़ देख भाग निकला। ग्रामीण बाघ देखे जाने की जिद पर अड़े रहे। फॉरेस्टर का कहना है कि गन्ने के आसपास बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। लगता है गांव वाले सुअर को बाघ समझ कर घबरा गए हैं, जिसकी पुष्टि प्रधान महेंद्र कुमार वर्मा ने भी की है। फॉरेस्टर ने गांव वालों को समझाकर शांत किया। उन्होंने बताया कि यहां से जंगल की दूरी छह किमी है। तब कहीं जाकर गांव वाले शांत हुए और राहत की सांस ली।
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थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव बंजारगंज के कई किसान बुधवार सवेरे खेतों की तरफ गए थे। खेत देख कर गन्ने के खेत में किसी जानवर के होने की आहट हुई। इस पर गांव निवासी अवधराम डर गया। उसने गांव पहुंचकर केशवराम के गन्ने में बाघ के मौजूद होने की जानकारी दी। सूचना पर पहुंचे फॉरेस्टर रामप्रसाद ने जब ग्रामीणों संग गन्ने में कांबिंग की तो उसमें जंगली सूअर मिला। जो भीड़ देख भाग निकला। ग्रामीण बाघ देखे जाने की जिद पर अड़े रहे। फॉरेस्टर का कहना है कि गन्ने के आसपास बाघ के पगचिह्न नहीं मिले हैं। लगता है गांव वाले सुअर को बाघ समझ कर घबरा गए हैं, जिसकी पुष्टि प्रधान महेंद्र कुमार वर्मा ने भी की है। फॉरेस्टर ने गांव वालों को समझाकर शांत किया। उन्होंने बताया कि यहां से जंगल की दूरी छह किमी है। तब कहीं जाकर गांव वाले शांत हुए और राहत की सांस ली।
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