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...अब भी शारदा खतरे के निशान से 40 सेमी ऊपर

Sun, 28 Jun 2015 06:14 PM IST
लखीमपुर खीरी
लखीमपुर खीरी Updated Sun, 28 Jun 2015 06:14 PM IST
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... Still Sharda threat 40 cm above the mark
बनबसा से पानी की रिलीजिंग कम होने से शारदा नदी का जलस्तर काफी घटा है, लेकिन फिर भी नदी खतरे के निशान से करीब 40 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। नदी के समीपवर्ती गांवों का खेतिहर इलाका बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है और रास्तों पर पानी चल रहा है। घटते जलस्तर से कटान का खतरा बढ़ गया है।
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पलियाकलां। जंगल नंबर सात, आजादनगर, बर्बादनगर, श्रीनगर, सूरजनगर, मटहिया, कचनारा, दौलतापुर, इमलिया, मरौचा, खैरहना, नगला आदि दर्जनों गांवों का खेतिहर इलाका बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है, जबकि जलस्तर कुछ कम जरूर हुआ है। इमलिया फार्म के रास्ते पर अब भी पानी भरा है। पलिया-नगला मार्ग पर भी बाढ़ का पानी चल रहा है। उधर, खैरहना रोड पर भी बाढ़ का पानी है और दौलतापुर प्राथमिक विद्यालय के परिसर में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। इससे किसानों के चेहरे पर बल पड़ गए हैं और वे फसलों को लेकर काफी फिक्रमंद हैं। अभी कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अतिवृष्टि और ओलावृष्टि में काफी नुकसान झेला था अब बाढ़ की मार को देख वे विचलित हैं।
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मझगईं। नयापुरवा गांव में घुसा बाढ़ का पानी रविवार को कम हो गया। बाढ़ का स्तर कम होने से गांव वालों की मुसीबतें कम होने की बजाय बढ़ गईं। बाढ़ के पानी से गांव के करीब नए नाले बन गए हैं। नदी ने कटान किया है, जिसमें प्रकाश, बहादुर, शिवकुमार, दयाराम, रामचंद्र आदि के घर समा गए हैं। इसके अलावा सोमनाथ, बाबूराम के खेत कट चुके हैं। ग्रामीण बलराम ने बताया कि अगर नदी इसी तरह से कटान करती रही तो दुबहा गांव की तरह नयापुरवा का भी अस्तित्व मिट जाएगा। आरोप है कि गांव के लोग तीन दिन से बाढ़ में घिरे हुए हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सहायता अब तक नहीं मिली है। क्षेत्रीय लेखपाल भी गांव नहीं पहुंचे हैं। उधर, मझगईं कस्बे के आसपास खेतों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है।
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सूरजपुरवा में बाढ़ में कटी पुलिया
दो दिन पहले आई बाढ़ में सूरजपुरवा गांव में दस दिन पहले बनी पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई है। ग्रामीणों ने इसे बनवाए जाने की मांग की है।
निघासन/ढखेरवा। उफनाई शारदा और घाघरा ने विनाश लीला शुरू कर दी है। घाघरा नदी ने अपना रुख लालापुरवा और मोटेबाबा गांव की ओर किया है। वहां पर घाघरा तेजी से कटान कर रही है। उधर शारदा नदी के बाढ़ का पानी एक दर्जन गांवों में भर चुका है।

घाघरा नदी ने मोटेबाबा और लालापुरवा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालयों को अपने आगोश में लेना शुरू कर दिया है। लालापुरवा के प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्रीवाल और मोटेबाबा का पूरा स्कूल निगल लिया है। तमाम कृषि योग्य भूमि घाघरा में समाहित हो रही है। उधर उफनाई शारदा के कारण नौगवां, लालबोझी गांव के आसपास पानी भर गया है। बंधा रोड के किनारे बसे गांव टांडा रायपुर, समेरा पुरवा, बदनपुरवा, गोतेबाज पुरवा, गडरियनपुरवा, महादेव, रंजीतनगर, निषाद नगर, शंकरी गौढ़ी, चकलुआ आदि गांवों में शारदा नदी की बाढ़ का पानी भर गया है। लोग ऊंचे स्थान पर अपना आशियाना बनाने के लिए जगह तलाश रहे हैं।

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