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राज्य कर्मचारियों ने दी आंदोलन की चेतावनी
लखीमपुर खीरी।
Updated Wed, 10 Feb 2016 06:32 PM IST
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के आह्वान पर राज्य कर्मचारियों ने विलोबी मैदान पर एक दिवसीय धरना दिया। कर्मचारियों ने वर्षों से लंबित मांगों के न मानने पर रोष जताया। धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता संतोष कुमार शुक्ल ने की। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगे न मानी गईं तो वे वृहद स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन बहाली, केंद्र के समान सभी भत्तों को दिया जाना, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर रोक हटाने, फील्ड कर्मचारियों को मोटर साइकिल भत्ता दिया जाना, पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मियों का पेरोल ग्राम प्रधान से न लेकर पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया जाना शामिल हैं। सभा का संचालन करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री सोबरन लाल वाजपेयी ने सभी कर्मचारियों से एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा। कहा कि निकट भविष्य में उत्तर प्रदेश सरकार से अपनी मांगे मनवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी। इसके लिए हमें अभी से तैयार हो जाना चाहिए।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष संतोष कुमार शुक्ला ने उत्तर प्रदेश सरकार की हठधर्मिता को आड़े हाथों लेते हुए सचेत किया कि समय रहते यदि सरकार न चेती और राज्य कर्मचारियों की मांगे न मानी तो इसका खामियाजा सरकार को आगामी विधान सभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राघव राम तिवारी ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
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धरना सभा में विभिन्न विभागों और संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। सभा में प्रकाशिनी देवी, अनुपम तिवारी, घसीटे प्रसाद, वीरेंद्र कुमार, दीपक श्रीवास्तव, रामाधार, ओम प्रकाश, शमसुद्दीन, पूनम बरनवाल, केके अवस्थी, त्रिभुवन लाल मिश्र, सर्वेश कुमार मिश्र, शिव शंकर लाल, शिव प्रकाश दुबे, कृष्ण मोहन तिवारी आदि सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।
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कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में पुरानी पेंशन बहाली, केंद्र के समान सभी भत्तों को दिया जाना, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर रोक हटाने, फील्ड कर्मचारियों को मोटर साइकिल भत्ता दिया जाना, पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मियों का पेरोल ग्राम प्रधान से न लेकर पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त किया जाना शामिल हैं। सभा का संचालन करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंत्री सोबरन लाल वाजपेयी ने सभी कर्मचारियों से एक बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने को कहा। कहा कि निकट भविष्य में उत्तर प्रदेश सरकार से अपनी मांगे मनवाने के लिए आर-पार की लड़ाई लड़नी होगी। इसके लिए हमें अभी से तैयार हो जाना चाहिए।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष संतोष कुमार शुक्ला ने उत्तर प्रदेश सरकार की हठधर्मिता को आड़े हाथों लेते हुए सचेत किया कि समय रहते यदि सरकार न चेती और राज्य कर्मचारियों की मांगे न मानी तो इसका खामियाजा सरकार को आगामी विधान सभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राघव राम तिवारी ने भी कर्मचारियों को संबोधित किया।
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धरना सभा में विभिन्न विभागों और संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने विचार रखे। सभा में प्रकाशिनी देवी, अनुपम तिवारी, घसीटे प्रसाद, वीरेंद्र कुमार, दीपक श्रीवास्तव, रामाधार, ओम प्रकाश, शमसुद्दीन, पूनम बरनवाल, केके अवस्थी, त्रिभुवन लाल मिश्र, सर्वेश कुमार मिश्र, शिव शंकर लाल, शिव प्रकाश दुबे, कृष्ण मोहन तिवारी आदि सैकड़ों कर्मचारी मौजूद रहे।