{"_id":"68d18ad4885b4337720c584a","slug":"staff-absent-attendants-pull-patient-stretchers-themselves-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1011-156331-2025-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: कर्मचारी नदारद, मरीजों का स्ट्रेचर खुद खींच रहे तीमारदार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: कर्मचारी नदारद, मरीजों का स्ट्रेचर खुद खींच रहे तीमारदार
Mon, 22 Sep 2025 11:13 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 22 Sep 2025 11:13 PM IST
विज्ञापन
इमरजेंसी तक स्ट्रेचर खींचकर ले जाते परिजन। संवाद
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। मेडिकल कॉलेज के अधीन जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल एक बार फिर खुल गई। सोमवार को अस्पताल परिसर में वार्ड बॉय और सहायक स्टाफ नदारद रहा और मरीजों का स्ट्रेचर तीमारदार खुद खींचकर ले जाते दिखे। जिम्मेदारों ने कहा कि कुछ देर इंतजार करते तो कोई न कोई कर्मचारी आ जाता।
परिजनों का कहना है कि अस्पताल में मदद करने के लिए कोई कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं था। मजबूरन उन्होंने खुद मरीजों को स्ट्रेचर से वार्ड तक पहुंचाया। इस दौरान कई मरीज दर्द से कराहते रहे और परिजन परेशान होते दिखाई दिए। यहीं नहीं इमरजेंसी से आए मरीजों के तीमारदार पहले स्ट्रेचर ढूंढते दिखे। इसके बाद खुद ही अपने मरीज को स्ट्रेचर पर लादकर इमरजेंसी तक लेकर गए।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहला मौका नहीं है। आए दिन जिला अस्पताल में इस तरह की लापरवाही देखने को मिलती हैं। अस्पताल प्रबंधन की उदासीनता और स्टाफ की कमी से मरीजों और उनके परिजनों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अस्पताल की तीसरी मंजिल पर भर्ती हूं। चिकित्सक ने एक्स-रे के लिए कहा है। वार्ड बॉय मिला नहीं, इसलिए परिवार वाले ही नीचे जांच कराने जा रहे हैं।
रमेश सिंह, मरीज
ऑर्थो वार्ड में कई दिनों से भर्ती हूं। आज डॉक्टरों ने छुट्टी कर दी, इसलिए घर जा रहे हैं। वार्ड बॉय ने मिले तो घर वाले स्ट्रेचर ले जा रहे हैं।
आरोही, मरीज
12 बजे शुरू हुआ अल्ट्रासाउंड, करना पड़ा इंतजार
जिला अस्पताल में ओपीडी भले ही सुबह आठ बजे शुरू हो गई हो, लेकिन अल्ट्रासाउंड जांच होने के कारण लैब के सामने मरीज अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। सढौना गांव से आए रुकबेस ने बताया कि वह अपनी मां शकुंतला को दिखाने आए हैं। चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड जांच लिखी है। दो घंटे से इंतजार कर रहे हैं। मरीज बबीता ने बताया कि सुबह आठ बजे से बैठे हैं। अब तक जांच नहीं हो पाई। यहां बताया कि डॉक्टर 12 बजे आएंगे, तब जांच शुरू होगी।
वार्ड बॉय अगर कुछ काम कर रहा होगा या किसी अन्य मरीज को लेकर गया होगा। तीमारदारों को थोड़ा इंतजार करना चाहिए, ताकि वार्ड बॉय उन्हें वार्ड या अन्य जगह ले जाए।
डॉ. आरके कोली, सीएमएस, जिला अस्पताल

इमरजेंसी तक स्ट्रेचर खींचकर ले जाते परिजन। संवाद