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रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों को खिलाई 40 करोड़ की मिठाई
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भाई को राखी बांधती एक बहन।
लखीमपुर खीरी। रक्षाबंधन पर सबसे बड़ा व्यवसाय मिठाइयों का हुआ है। एक अनुमान के मुताबिक, जिले भर में 40 करोड़ रुपये से अधिक की मिठाइयां दो दिन के अंदर बिकी हैं।
रक्षाबंधन की तिथि में असमंजस की स्थिति के चलते दो दिन रक्षाबंधन मनाया गया। इसके चलते रक्षाबंधन के लिए मिठाई की बिक्री 10 अगस्त से ही शुरू हो गई थी, जो 12 अगस्त देर रात तक जारी रही। मिठाई की बंफर बिक्री से मिठाई विक्रेताओं की बल्ले-बल्ले हो गई है।
मिठाई दुकानदारों का कहना है कि जिले की आबादी करीब करीब 50 लाख है। इसमें से करीब चालीस लाख की आबादी हिंदुओं की है। यदि पांच लोगों के परिवार की इकाई मानें और प्रति परिवार 500 रुपये प्रति परिवार मिठाई खरीद का औसत लगाएं तो यह धनराशि करीब 40 करोड़ रुपये बैठती है। कुछ परिवारों में चार से पांच किलो तक मिठाई खरीदी गई तो कुछ परिवारों ने आधा किलो मिठाई खरीद कर परंपरा का निर्वहन किया है।
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भाइयों की कलाई पर सजी एक करोड़ से अधिक की राखियां
रक्षाबंधन पर एक करोड़ से अधिक मूल्य की राखियां बिकी हैं। आम राखियों के साथ-साथ सोने और चांदी की राखियां भी खूब बिकी हैं। अधिकतर लोगों ने कच्चे घागे और नगों से युक्त राखियों से अपने भाइयों की कलाई सजाई है। इस साल राखियां पिछले वर्षों की अपेक्षा काफी महंगी बिकीं। एक राखी विक्रेता ने बताया कि इस साल पूरे जिले में एक करोड़ से अधिक राखियां बिकने का अनुमान है।
परंपरागत ढंग से मनाया गया रक्षाबंधन
लखीमपुर खीरी। रक्षाबंधन पर तिथियों को लेकर असमंजस की स्थिति होने के बावजूद जिले में शुक्रवार को ही अधिकांश लोगों ने रक्षाबंधन का पर्व मनाया। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजी महिलाओं ने अपने घर पर भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।
रक्षाबंधन के लिए बहुत सी महिलाएं दूर-दराज से आई थीं। इस मौके पर सुबह से ही मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। शहर में गिफ्ट आइटम की दुकानें भी गुलजार रहीं। गोला गोकर्णनाथ, ममरी, धौरहरा, अमीरनगर, बरबर, मोहम्मदी, खमरिया समेत सभी जगह मिठाइयों की दुकानों पर खूब भीड़ उमड़ी। देर शाम तक मिठाई की दुकानों से मिठाइयां साफ हो गईं।
मुस्लिम भाई ने हिंदू बहन से राखी बंधवाकर दिया रक्षा का वचन
गोला गोकर्णनाथ। जिला पंचायत सदस्य वारिस अली अंसारी वर्षों से पड़ोस में रहने वाली मधु देवी से राखी बंधवाते आए हैं। कहा, इतिहास में बादशाह हुमायूं और रानी कर्मवती के भाई बहन के नाते के रूप में आज भी लोगों के लिए आदर्श हैं। उन्होंने बहन मधु को उपहार भेंट किए। संवाद
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रक्षाबंधन की तिथि में असमंजस की स्थिति के चलते दो दिन रक्षाबंधन मनाया गया। इसके चलते रक्षाबंधन के लिए मिठाई की बिक्री 10 अगस्त से ही शुरू हो गई थी, जो 12 अगस्त देर रात तक जारी रही। मिठाई की बंफर बिक्री से मिठाई विक्रेताओं की बल्ले-बल्ले हो गई है।
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मिठाई दुकानदारों का कहना है कि जिले की आबादी करीब करीब 50 लाख है। इसमें से करीब चालीस लाख की आबादी हिंदुओं की है। यदि पांच लोगों के परिवार की इकाई मानें और प्रति परिवार 500 रुपये प्रति परिवार मिठाई खरीद का औसत लगाएं तो यह धनराशि करीब 40 करोड़ रुपये बैठती है। कुछ परिवारों में चार से पांच किलो तक मिठाई खरीदी गई तो कुछ परिवारों ने आधा किलो मिठाई खरीद कर परंपरा का निर्वहन किया है।
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भाइयों की कलाई पर सजी एक करोड़ से अधिक की राखियां
रक्षाबंधन पर एक करोड़ से अधिक मूल्य की राखियां बिकी हैं। आम राखियों के साथ-साथ सोने और चांदी की राखियां भी खूब बिकी हैं। अधिकतर लोगों ने कच्चे घागे और नगों से युक्त राखियों से अपने भाइयों की कलाई सजाई है। इस साल राखियां पिछले वर्षों की अपेक्षा काफी महंगी बिकीं। एक राखी विक्रेता ने बताया कि इस साल पूरे जिले में एक करोड़ से अधिक राखियां बिकने का अनुमान है।
परंपरागत ढंग से मनाया गया रक्षाबंधन
लखीमपुर खीरी। रक्षाबंधन पर तिथियों को लेकर असमंजस की स्थिति होने के बावजूद जिले में शुक्रवार को ही अधिकांश लोगों ने रक्षाबंधन का पर्व मनाया। रंग-बिरंगे कपड़ों में सजी महिलाओं ने अपने घर पर भाइयों की कलाई पर राखी बांधी।
रक्षाबंधन के लिए बहुत सी महिलाएं दूर-दराज से आई थीं। इस मौके पर सुबह से ही मिठाई की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई। भाइयों ने बहनों को उपहार दिए। शहर में गिफ्ट आइटम की दुकानें भी गुलजार रहीं। गोला गोकर्णनाथ, ममरी, धौरहरा, अमीरनगर, बरबर, मोहम्मदी, खमरिया समेत सभी जगह मिठाइयों की दुकानों पर खूब भीड़ उमड़ी। देर शाम तक मिठाई की दुकानों से मिठाइयां साफ हो गईं।
मुस्लिम भाई ने हिंदू बहन से राखी बंधवाकर दिया रक्षा का वचन
गोला गोकर्णनाथ। जिला पंचायत सदस्य वारिस अली अंसारी वर्षों से पड़ोस में रहने वाली मधु देवी से राखी बंधवाते आए हैं। कहा, इतिहास में बादशाह हुमायूं और रानी कर्मवती के भाई बहन के नाते के रूप में आज भी लोगों के लिए आदर्श हैं। उन्होंने बहन मधु को उपहार भेंट किए। संवाद

मिठाई और गिफ्ट की खरीदारी करते लोग।