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सिंगल यूज प्लास्टिक : जुर्माना न जेल का डर, आदेश हुआ बेअसर

Sun, 03 Jul 2022 11:22 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 03 Jul 2022 11:22 PM IST
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Single use plastic: fear of jail, not fine, order was ineffective
प्लास्टिक की थैली में आम रखता दुकानदार।
एक जुलाई से प्रतिबंधित हो चुकी है सिंगल यूज प्लास्टिक
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शहर में अब भी नहीं रुकरहा प्लास्टिक का उपयोग
साल भर से न तो अधिकारी गंभीर और न ही दुकानदार
लखीमपुर खीरी। एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लग गया है। मगर, इसका असर शहर में कहीं भी नहीं दिखाई दे रहा है। हां, इतना जरूर है कि थोक की दुकानों से प्लास्टिक जरूर गायब है। मगर, दुकान हो या फिर ठेले, हर जगह इसका धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। पिछले एक साल से न तो अधिकारी गंभीर दिखे और न ही दुकानदार, ऐसे में अचानक अधिकारियों द्वारा अभियान महज औपचारिकता नजर आ रहा है।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के आदेश का जिले के जिम्मेदार पालन तक नहीं करवा पा रहे हैं, जबकि मंत्रालय की ओर से पिछले साल ही एक जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक के उत्पादन, आयात, भंडारण एवं बिक्री और इस्तेमाल प्रतिबंधित करने के निर्देश जारी कर दिए गए थे। बावजूद इसके शहर में पूरे साल प्लास्टिक का धड़ल्ले से उपयोग होता रहा।
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पिछले दिनों केंद्र सरकार का निर्देश जारी होते ही कुंभकर्णी नींद सो रहे पालिका प्रशासन ने फिर से लोगों को प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। मगर, शहर में इसका कहीं भी असर नहीं दिख रहा है। थोक दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान खाली कर दिए हैं, लेकिन दुकानों से लेकर सब्जी मंडी और ठेले आदि पर प्रयोग होनेे से शहरवासियों के हाथ में पॉलीथिन आसानी से देखी जा सकती है।
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कई बीमारियों का कारण बन रही प्लास्टिक
जिला अस्पताल के ईएमओ डॉ. एसके सिंह बताते हैं कि प्लास्टिक एक पॉलीमर है, जो कई नॉयलॉन, फिनोलिक, पॉलीसट्राइन, पॉलीथाईलीन, पॉलीविनायल, क्लोराइड आदि तमाम पदार्थों का इस्तेमाल कर बनाया जाता है। एक रिसर्च में सामने आया है कि प्लास्टिक का प्रयोग कैंसर तक का कारण बन रहा है। प्लास्टिक के बर्तन में गर्म पेय एवं खाद्य पदार्थ लेने से उसमें मौजूद नुकसानदेह केमिकल डाइऑक्सिन का रिसाव शुरू हो जाता है, जो पानी, चाय आदि में घुलकर शरीर में पहुंचकर बीमारियों का कारण बनता है।

साल भर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे जिम्मेदार
प्लास्टिक से होने वाले दुष्प्रभावों को देखते हुए पीएम मोदी ने 15 अगस्त 2019 को सिंगल यूज प्लास्टिक का दो अक्तूबर से उपयोग न करने के लिए देशवासियों को संबोधित किया था। इसके बाद सीएम योगी ने सूबे में प्लास्टिक बैन करने के निर्देश दिए। इस पर पालिका प्रशासन ने कुछ दिन तक अभियान चलाकर और होर्डिंग्स लगवाकर इतिश्री कर ली। मगर, इसके बाद न तो लोगों को जागरूक करना जरूरी समझा और न ही कार्रवाई करना। पिछले साल पर्यावरण मंत्रालय की ओर से एक जुलाई 2022 को सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगने के आदेश के बावजूद पालिका प्रशासन पूरे साल हाथ पर हाथ धरे बैठे रहा और शहर में धड़ल्ले से प्लास्टिक का प्रयोग होता रहा।

थोक व्यापारियों की बढ़ी परेशानी
एक जुलाई से सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग बैन हो गया है। मगर, दुकानदारों के पास इसका स्टॉक लगा है। प्रतिबंध लगने से दुकानदारों की परेशानी यह बढ़ गई है कि स्टॉक में लगा माल नष्ट करने का मतलब लाखों का नुकसान और बिक्री करने पर जुर्माने का डर सता रहा है। दुकानदार बताते हैं अब स्टॉक कहां लेकर जाएं।


सिंगल यूज प्लास्टिक की बिक्री और उपयोग रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। पहले भी प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए लोगों को जागरूक किया गया था। अब भी किया जा रहा है। प्लास्टिक की बिक्री और उपयोग करते पकड़े जाने पर कानूनी कार्यवाई की जाएगी।
- आरआर अंबेष, अधिशासी अधिकारी
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