{"_id":"5f9073cf8ebc3e9be27d9c3f","slug":"shardiya-navratra-lakhimpur-news-bly424204576","type":"story","status":"publish","title_hn":"भक्तों की हर मुराद पूरी करती हैं मां बंकटा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भक्तों की हर मुराद पूरी करती हैं मां बंकटा
विज्ञापन
मां बंकटादेवी
- फोटो : LAKHIMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। शहर के मोहल्ला हाथीपुर कोठार स्थित मां बंकटा देवी की मूर्ति भी भगवान श्रीकृष्ण ने स्थापित की थी। मां बंकटा देवी, माता संकटा देवी की बहन मानी जाती हैं। बंकटा देवी मंदिर में भी मां सरस्वती की प्रतिमा भी स्थापित है। शहर का यह इकलौता मंदिर है, जहां मां सरस्वती की पूजा होती है। बच्चों के विद्या लेने का शुभारंभ संस्कार लोग कराते हैं। शहर में पौराणिक मंदिर कब बना यह किसी को नहीं मालूम, लेकिन किवदंती के अनुसार यह मंदिर भी द्वापर युग का है। मंदिर में सच्चे मन से पूजा करने वालों की मां हर मुराद पूरी करती हैं।
वर्षों पुराना है यह मंदिर
पुरोहित अशोक कुमार सारस्वत बताते हैं कि मां बंकटा का मंदिर सालों पुराना है। बंकटा देवी शहर की कुलदेवी संकटा देवी की तरह पूजित है। मंदिर में मां सरस्वती की प्रतिमा विराजमान है। मां अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। संवाद
विज्ञापन
वर्षों पुराना है यह मंदिर
पुरोहित अशोक कुमार सारस्वत बताते हैं कि मां बंकटा का मंदिर सालों पुराना है। बंकटा देवी शहर की कुलदेवी संकटा देवी की तरह पूजित है। मंदिर में मां सरस्वती की प्रतिमा विराजमान है। मां अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। संवाद
विज्ञापन