{"_id":"6a512f78eb0eab38c7026ffd","slug":"shardas-water-level-rises-the-threat-of-erosion-deepens-lakhimpur-news-c-120-1-lkh1008-179579-2026-07-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lakhimpur Kheri News: शारदा का जलस्तर बढ़ा, कटान का खतरा गहराया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lakhimpur Kheri News: शारदा का जलस्तर बढ़ा, कटान का खतरा गहराया
Fri, 10 Jul 2026 11:14 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 10 Jul 2026 11:14 PM IST
विज्ञापन
ग्रंट नम्बर 12 गांव के मुख्य मार्ग तक पहुंची नदी। स्रोत: ग्रामीण
निघासन। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। इससे ग्रंट नंबर-12 गांव में कटान का खतरा गहरा गया है।
कटान गांव के दक्षिण स्थित प्राथमिक विद्यालय के मैदान तक पहुंच गया है। गांव का मुख्य संपर्क मार्ग भी कटान की जद में है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और समय रहते बचाव कार्य नहीं हुआ तो संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो सकता है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ आबादी पर भी खतरा बढ़ जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष शारदा नदी के कटान से कई एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई थी। दो मंदिर और करीब 200 मकान भी कटान की चपेट में आ गए थे, जिससे कई परिवारों को विस्थापित होना पड़ा था। इसी कारण इस बार भी नदी का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने तथा मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि गांव, विद्यालय और संपर्क मार्ग को बचाया जा सके।
विज्ञापन
कटान गांव के दक्षिण स्थित प्राथमिक विद्यालय के मैदान तक पहुंच गया है। गांव का मुख्य संपर्क मार्ग भी कटान की जद में है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा और समय रहते बचाव कार्य नहीं हुआ तो संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो सकता है। इससे आवागमन प्रभावित होने के साथ आबादी पर भी खतरा बढ़ जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्ष शारदा नदी के कटान से कई एकड़ कृषि भूमि नदी में समा गई थी। दो मंदिर और करीब 200 मकान भी कटान की चपेट में आ गए थे, जिससे कई परिवारों को विस्थापित होना पड़ा था। इसी कारण इस बार भी नदी का बढ़ता जलस्तर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा रहा है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग और प्रशासन से तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने तथा मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है, ताकि गांव, विद्यालय और संपर्क मार्ग को बचाया जा सके।