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कई दिनों बाद आखिरकार खतरे के निशान से नीचे पहुंची शारदा नदी
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पलियाकलां। कई दिनों के उतार चढ़ाव के बाद आखिरकार मंगलवार को शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे पहुंच गया। नदी का जलस्तर नीचे पहुंचने के बाद भी कटान अब भी लगातार जारी है। शारदा नदी के कटान ने बरुआ कलां के खेतिहर जमीनों को तेजी से काटना शुरू कर दिया है। जंगल नंबर सात में अब भी कटान जारी है जबकि दौलतापुर रेलवे लाइन के पास कटान का दायरा कम हो गया है। जिससे रेलवे कर्मचारियों ने कुछ राहत की सांस ली है।
मंगलवार को नदी के जलस्तर में काफी गिरावट देखी गई जिसके चलते नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.100 सेमी से 15 सेमी नीचे 153.950 सेमी पर पहुंच गया है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने तो कुछ राहत की सांस ली है वहीं कटान अब भी जारी है। बरुआ कलां गांव के खेतिहर इलाके में नदी तेजी से कटान करती किसानों की गन्ने की फसल को अपने आगोश में ले रही है। जंगल नंबर सात में भी कटान जारी है। दौलतापुर रेलवे लाइन के पास हालांकि कटान कम हुआ है यहां बचाव कार्य में लगे रेलवे कर्मियों ने फिर भी एहतियात के तौर पर रेलवे लाइन को बचाने के लिए ठोकरें डाल दी हैं। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भी कुछ पानी कम हुआ है। संवाद
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मंगलवार को नदी के जलस्तर में काफी गिरावट देखी गई जिसके चलते नदी का जलस्तर खतरे के निशान 154.100 सेमी से 15 सेमी नीचे 153.950 सेमी पर पहुंच गया है। जलस्तर घटने से ग्रामीणों ने तो कुछ राहत की सांस ली है वहीं कटान अब भी जारी है। बरुआ कलां गांव के खेतिहर इलाके में नदी तेजी से कटान करती किसानों की गन्ने की फसल को अपने आगोश में ले रही है। जंगल नंबर सात में भी कटान जारी है। दौलतापुर रेलवे लाइन के पास हालांकि कटान कम हुआ है यहां बचाव कार्य में लगे रेलवे कर्मियों ने फिर भी एहतियात के तौर पर रेलवे लाइन को बचाने के लिए ठोकरें डाल दी हैं। इमलिया फार्म जाने वाले रास्ते पर भी कुछ पानी कम हुआ है। संवाद
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