UP News: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बोले- यूपी में नकली हिंदुओं की सरकार; सत्ता से बाहर करने का आह्वान
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती गाय के संरक्षण और राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर यात्रा निकाल रहे हैं। इसी क्रम में वह शुक्रवार को पलिया पहुंचे। यहां आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा।
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गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने की मांग को लेकर चल रहे अपने अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वह तीन मई को गोरखपुर से निकले थे और करीब 300 विधानसभा क्षेत्रों से गुजरते हुए पलिया पहुंचे हैं। उन्होंने जनता से आगामी चुनाव में ऐसी सरकारों को सत्ता से बाहर करने का आह्वान किया।
मैरिज लॉन में आयोजित कार्यक्रम में शंकराचार्य ने कहा कि चुनाव से पहले हिंदू हित में किए गए वादे पूरे नहीं हुए। उन्होंने महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वहां की सरकार गाय को पशु की सूची से हटा सकती है तो उत्तर प्रदेश की पूर्ण बहुमत वाली सरकार ऐसा क्यों नहीं कर सकती। उन्होंने लोगों को शपथ दिलाते हुए नारा दिया, जो गाय पर करेगा चोट, उसको कभी नहीं देंगे वोट।
लोगों ने किया स्वागत
कार्यक्रम से पहले शारदा पुल पर उनका स्वागत किया गया। कमल चौराहे से उन्हें पालकी में बैठाकर कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया। इस दौरान संजीव कुमार मुन्ना, गगन मिश्र, आचार्य गोविंद माधव, डॉ. एके अवस्थी, विश्वकांत त्रिपाठी, अमर गुप्ता मौजूद रहे।
शंकराचार्य के पलिया आगमन पर ऑल इंडिया सिख फाउंडेशन ने चौकी चौराहा स्थित ज्ञानी होटल के सामने श्रद्धालुओं के लिए जलपान की व्यवस्था की। इसके बाद प्रेसिडेंट पार्क में शंकराचार्य को अंगवस्त्र, फल और मिष्ठान भेंट कर सम्मानित किया गया। शंकराचार्य ने फाउंडेशन के सदस्यों को आशीर्वाद दिया।
भीरा पहुंचे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का शुक्रवार को भीरा कस्बे में भव्य स्वागत किया गया। वह नगर पंचायत चेयरमैन प्रतिनिधि संजय शुक्ला के धर्मकांटा परिसर पहुंचे। वहां बड़ी संख्या में लोगों ने उनका फूल-मालाओं एवं अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने गो संरक्षण के मुद्दे पर सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि गाय हमारी आस्था का प्रतीक है, लेकिन सरकार ने कागजों में उसे केवल पशु घोषित कर दिया है। ऐसी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक होकर निर्णय लेना होगा। उपस्थित लोगों ने भी उनसे अपनी सहमति जताई।