{"_id":"62acb48b8970800f2907f3c6","slug":"seven-year-imprisonment-to-the-attacking-brothers-in-a-nine-year-old-case-lakhimpur-news-bly4885433166","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौ बरस पुराने मामले में हमलावर सगे भाइयों को सात-साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौ बरस पुराने मामले में हमलावर सगे भाइयों को सात-साल की कैद
विज्ञापन
मजदूरी का एडवांस वापस मांगने पर ग्रामीण की पिटाई कर मार डालने का मामला
लखीमपुर खीरी। मजदूरी का एडवांस वापस मांगने से नाराज होकर ग्रामीण की पिटाई कर मौत के घाट उतारने के नौ साल पुराने मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कपिल कटियार ने अदालत में बताया कि भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम बजेड़ा निवासी छत्रपाल लोधी ने गन्ने की छिलाई के लिए एडवांस मजदूरी गांव के ही रामगोपाल उर्फ गोपाल को 500 रुपये दी थी। रुपये मिलने के बाद गोपाल ने मजदूरी नहीं की, बल्कि आए दिन बहानेबाजी करने लगा। इसी बीच 18 फरवरी 2013 को जब छत्रपाल लोधी ने अपने 500 रुपये वापस करने की बात कही और उलाहना दिया तो रामगोपाल ने अपने भाई जयकरण के साथ मिलकर 18 फरवरी को 2013 को छत्रपाल को लात घूसों और ईंट मारकर मार डाला था।
इस मामले में परिजन ने रामगोपाल उर्फ गोपाल और जयकरण के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालती सुनवाई के दौरान प्रहलाद लोधी, डॉ. वीके वर्मा, डॉ. अनिल वर्मा, सुरेंद्र कुमार, वेदराम, मनोहर, रोहित, राज किशोर, कांस्टेबल सुनील तिवारी और चंद्रभान सिंह की गवाही दर्ज कराई थी। बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। एडीजे रामेंद्र कुमार ने सुनवाई के बाद रामगोपाल उर्फ गोपाल और जयकरण को दोषी पाया है, जिसे सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। मजदूरी का एडवांस वापस मांगने से नाराज होकर ग्रामीण की पिटाई कर मौत के घाट उतारने के नौ साल पुराने मामले में अदालत ने दो सगे भाइयों को सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।
अभियोजन पक्ष रखते हुए सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कपिल कटियार ने अदालत में बताया कि भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम बजेड़ा निवासी छत्रपाल लोधी ने गन्ने की छिलाई के लिए एडवांस मजदूरी गांव के ही रामगोपाल उर्फ गोपाल को 500 रुपये दी थी। रुपये मिलने के बाद गोपाल ने मजदूरी नहीं की, बल्कि आए दिन बहानेबाजी करने लगा। इसी बीच 18 फरवरी 2013 को जब छत्रपाल लोधी ने अपने 500 रुपये वापस करने की बात कही और उलाहना दिया तो रामगोपाल ने अपने भाई जयकरण के साथ मिलकर 18 फरवरी को 2013 को छत्रपाल को लात घूसों और ईंट मारकर मार डाला था।
विज्ञापन
इस मामले में परिजन ने रामगोपाल उर्फ गोपाल और जयकरण के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अदालती सुनवाई के दौरान प्रहलाद लोधी, डॉ. वीके वर्मा, डॉ. अनिल वर्मा, सुरेंद्र कुमार, वेदराम, मनोहर, रोहित, राज किशोर, कांस्टेबल सुनील तिवारी और चंद्रभान सिंह की गवाही दर्ज कराई थी। बचाव पक्ष की कोई दलील नहीं लगने दी। एडीजे रामेंद्र कुमार ने सुनवाई के बाद रामगोपाल उर्फ गोपाल और जयकरण को दोषी पाया है, जिसे सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोनों पर 10-10 हजार का जुर्माना लगाया है।
विज्ञापन